Acts · chapter 21 · verse 13
Acts 21:13 in Hindi
परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, कि तुम क्या करते हो, कि रो रोकर मेरा मन तोड़ते हो, मैं तो प्रभु यीशु के नाम के लिये यरूशलेम में न केवल बान्धे जाने ही के लिये बरन मरने के लिये भी तैयार हूं।
Parantu paulus ne uttar diyaa, ki tum kyaa karate ho, ki ro rokar meraa man todate ho, maim to prabhu yeeshu ke naam ke liye yarooshalem mem na keval baandhe jaane hee ke liye baran marane ke liye bhee taiyaar hoon.
Acts 21:13 in English
- King James Version (KJV)
- Then Paul answered, What mean ye to weep and to break mine heart? for I am ready not to be bound only, but also to die at Jerusalem for the name of the Lord Jesus.
- World English Bible (WEB)
- Then Paul answered, “What are you doing, weeping and breaking my heart? For I am ready not only to be bound, but also to die at Jerusalem for the name of the Lord Jesus.”
- American Standard Version (ASV)
- Then Paul answered, What do ye, weeping and breaking my heart? for I am ready not to be bound only, but also to die at Jerusalem for the name of the Lord Jesus.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Paul said, What are you doing, weeping and wounding my heart? for I am ready, not only to be a prisoner, but to be put to death at Jerusalem for the name of the Lord Jesus.
- Darby Translation (DBY)
- But Paul answered, What do ye, weeping and breaking my heart? for I am ready not only to be bound, but also to die at Jerusalem for the name of the Lord Jesus.
- Webster's Bible (WBS)
- Then Paul answered, What mean ye to weep, and to break my heart? for I am ready not to be bound only, but also to die at Jerusalem for the name of the Lord Jesus.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Paul answered, 'What do ye — weeping, and crushing mine heart? for I, not only to be bound, but also to die at Jerusalem, am ready, for the name of the Lord Jesus;'
Read in context
- 11उस ने हमारे पास आकर पौलुस का पटका लिया, और अपने हाथ पांव बान्धकर कहा; पवित्रा आत्मा यह कहता है, कि जिस मनुष्य का यह पटका है, उस को यरूशलेम में यहूदी इसी रीति से बान्धेंगे, और अन्यजातियों के हाथ में सौंपेंगे।
- 12जब ये बातें सुनी, तो हम और वहां के लोगों ने उस से बिनती की, कि यरूशलेम को न जाए।
- 13परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, कि तुम क्या करते हो, कि रो रोकर मेरा मन तोड़ते हो, मैं तो प्रभु यीशु के नाम के लिये यरूशलेम में न केवल बान्धे जाने ही के लिये बरन मरने के लिये भी तैयार हूं।
- 14जब उन से न माना तो हम यह कहकर चुप हो गए; कि प्रभु की इच्छा पूरी हो।।
- 15उन दिनों के बाद हम बान्ध छान्ध कर यरूशलेम को चल दिए।
Cross references
- Acts 20:24 प्रेरितों के काम 20:24परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, बरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है।
- Philippians 1:20–21 फिलिप्पियों 1:20–21मैं तो यही हार्दिक लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्जित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं वा मर जाऊं। क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।
- Philippians 2:17 फिलिप्पियों 2:17और यदि मुझे तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवा के साथ अपना लोहू भी बहाना पड़े तौभी मैं आनन्दित हूं, और तुम सब के साथ आनन्द करता हूं।
- Romans 8:35–37 रोमियों 8:35–37कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होनेवाली भेंडों की नाई गिने गए हैं। परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिस ने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।
- Colossians 1:24 कुलुस्सियों 1:24अब मैं उन दुखों के कारण आनन्द करता हूं, जो तुम्हारे लिये उठाता हूं, और मसीह के क्लेशों की घटी उस की देह के लिये, अर्थात् कलीसिया के लिये, अपने शरीर में पूरी किए देता हूं।
- 2 Timothy 4:6 2 तीमुथियुस 4:6क्योंकि अब मैं अर्ध की नाई उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है।
- Acts 20:37 प्रेरितों के काम 20:37तब वे सब बहुत रोए और पौलुस के गले में लिपट कर उसे चूमने लगे।
- 2 Timothy 2:4–6 2 तीमुथियुस 2:4–6जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करनेवाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता फिर अखाड़े में लडनेवाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता। जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
- 2 Corinthians 4:10–17 2 कुरिन्थियों 4:10–17हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो। क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो। सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर। और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं। क्योंकि हम जातने हैं, जिस ने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा। क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक होकर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।। इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त जीवन महिमा उत्पन्न करता जाता है।
- Revelation 12:11 प्रकाशितवाक्य 12:11और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्त हुए, और उन्हों ने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली।
- Acts 5:41 प्रेरितों के काम 5:41वे इस बात से आनन्दित होकर महासभा के साम्हने से चले गए, कि हम उसके नाम के लिये निरादर होने के योग्य हो ठहरे।
- Acts 9:16 प्रेरितों के काम 9:16और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा।
Original words (Greek)
- Then · G1161δέ dé
- Paul · G3972Παῦλος Paûlos
- answered · G611ἀποκρίνομαι apokrínomai
- What · G5101τίς tís
- ye · G4160ποιέω poiéō
- weep · G2799κλαίω klaíō
- and · G2532καί kaí
- break · G4919συνθρύπτω synthrýptō
- mine · G3450μοῦ moû
- heart · G2588καρδία kardía
- for · G1063γάρ gár
- I · G1473ἐγώ egṓ
- am · G2192ἔχω échō
- ready · G2093ἑτοίμως hetoímōs
- not · G3756οὐ ou
- bound · G1210δέω déō
- only · G3440μόνον mónon
- but · G235ἀλλά allá
- also · G2532καί kaí
- die · G599ἀποθνήσκω apothnḗskō
- at · G1519εἰς eis
- Jerusalem · G2419Ἱερουσαλήμ Hierousalḗm
- for · G5228ὑπέρ hypér
- name · G3686ὄνομα ónoma
- Lord · G2962κύριος kýrios
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs