Proverbs · chapter 18 · verse 24
Proverbs 18:24 in Hindi
मित्रों के बढ़ाने से तो नाश होता है, परन्तु ऐसा मित्रा होता है, जो भाई से भी अधिक मिला रहता है।
Mitrom ke badhaane se to naash hotaa hai, parantu aisaa mitraa hotaa hai, jo bhaaee se bhee adhik milaa rahataa hai.
Proverbs 18:24 in English
- King James Version (KJV)
- A man [that hath] friends must shew himself friendly: and there is a friend [that] sticketh closer than a brother.
- World English Bible (WEB)
- A man of many companions may be ruined, but there is a friend who sticks closer than a brother.
- American Standard Version (ASV)
- He that maketh many friends [doeth it] to his own destruction; But there is a friend that sticketh closer than a brother.
- Bible in Basic English (BBE)
- There are friends who may be a man's destruction, but there is a lover who keeps nearer than a brother.
- Darby Translation (DBY)
- A man of [many] friends will come to ruin but there is a friend [that] sticketh closer than a brother.
- Webster's Bible (WBS)
- A man [that hath] friends must show himself friendly: and there is a friend [that] sticketh closer than a brother.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A man with friends [is] to show himself friendly, And there is a lover adhering more than a brother!
Read in context
- 22जिस ने स्त्री ब्याह ली, उस ने उत्तम पदार्थ पाया, और यहोवा का अनुग्रह उस पर हुआ है।
- 23निर्धन गिड़गिड़ाकर बोलता है। परन्तु धनी कड़ा उत्तर देता है।
- 24मित्रों के बढ़ाने से तो नाश होता है, परन्तु ऐसा मित्रा होता है, जो भाई से भी अधिक मिला रहता है।
Cross references
- Proverbs 17:17 नीतिवचन 17:17मित्रा सब समयों में प्रेम रखता है, और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है।
- John 15:13–15 यूहन्ना 15:13–15इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्रा हो। अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्रा कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं।
- Proverbs 27:9 नीतिवचन 27:9जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्रा के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।
- 2 Samuel 1:26 2 शमूएल 1:26हे मेरे भाई योनातन, मैं तेरे कारण दु:खित हूँ; तू मुझे बहुत मनभाऊ जान पड़ता था; तेरा प्रेम मुझ पर अद्भुत, वरन स्त्रियों के प्रेम से भी बढ़कर था।
- 2 Samuel 9:1–13 2 शमूएल 9:1–13दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिसको मैं योनातन के कारण प्रीति दिखाऊं? शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उस ने कहा, हां, तेरा दास वही है। राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिसको मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातन का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है। राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्रा माकीर के घर में रहता है। तब राजा दाऊद ने दूत भेजकर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्रा माकीर के घर से बुलवा लिया। जब मपीबोशेत, जो योनातन का पुत्रा और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुह के बल गिरके दणडवत् किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उस ने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा? दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातन के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर। उस ने दणडवत् करके कहा, तेरा दास क्या है, कि तू मुझे ऐसे मरे कुत्ते की ओर दृष्टि करे? तब राजा ने शाऊल के कर्मचारी सीबा को बुलवाकर उस से कहा, जो कुछ शाऊल और उसके समस्त घराने का था वह मैं ने तेरे स्वामी के पोते को दे दिया है। अब से तू अपने बेटों और सेवकों समेत उसकी भूमि पर खेती करके उसकी उपज ले आया करना, कि तेरे स्वामी के पोते को भोजन मिला करे; परन्तु तेरे स्वामी का पोता मपीबोशेत मेरी मेज पर नित्य भोजन किया करेगा। और सीबा के तो पन्द्रह पुत्रा और बीस सेवक थे। सीबा ने राजा से कहा, मेरा प्रभु राजा अपने दास को जो जो आज्ञा दे, उन सभों के अनुसार तेरा दास करेगा। दाऊद ने कहा, मपीबोशेत राजकुमारों की नाई मेरी मेज पर भोजन किया करे। मपीबोशेत के भी मीका नाम एक छोटा बेटा था। और सीबा के घर में जितने रहते थे वे सब मपीबोशेत की सेवा करते थे। और मपीबोशेत यरूशलेम में रहता था; क्योंकि वह राजा की मेज पर नित्य भोजन किया करता था। और वह दोनों पांवों का पंगुला था।
- 1 Samuel 19:4–5 1 शमूएल 19:4–5और योनातन ने अपने पिता शाऊल से दाऊद की प्रशंसा करके उस से कहा, कि हे राजा, अपने दास दाऊद का अपराधी न हो; क्योंकि उस ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, वरन उसके सब काम तेरे बहुत हित के हैं; उस ने अपने प्राण पर खेलकर उस पलिश्ती को मार डाला, और यहोवा ने समस्त इस्राएलियों की बड़ी जय कराई। इसे देखकर तू आनन्दित हुआ था; और तू दाऊद को अकारण मारकर निर्दोष के खून का पापी क्यों बने?
- 2 Samuel 21:7 2 शमूएल 21:7परन्तु दाऊद ने और शाऊल के पुत्रा योनातन ने आपस में यहोवा की शपथ खाई थी, इस कारण राजा ने योनातन के पुत्रा मपीबोशेत को जो शाऊल का पोता था बचा रखा।
- 2 Samuel 16:17 2 शमूएल 16:17अबशालोम ने उस से कहा, क्या यह तेरी प्रीति है जो तू अपने मित्रा से रखता है? तू अपने मित्रा के संग क्यों नहीं गया?
- Matthew 26:49–50 मत्ती 26:49–50और तुरन्त यीशु के पास आकर कहा; हे रब्बी नमस्कार; और उस को बहुत चूमा। यीशु ने उस से कहा; हे मित्रा, जिस काम के लिये तू आया है, उसे कर ले। तब उन्हों ने पास आकर यीशु पर हाथ डाले, और उसे पकड़ लिया।
- 1 Chronicles 12:38–40 1 इतिहास 12:38–40ये सब युठ्ठ के लिये पांति बान्धनेवाले दाऊद को सारे इस्राएल का राजा बनाने के लिये हेब्रोन में सच्चे मन से आए, और और सब इस्राएली भी दाऊद को राजा बनाने के लिये सहमत थे। और वे वहां तीन दिन दाऊद के संग खाते पीते रहे, क्योंकि उनक भाइयों ने उनके लिये तैयारी की थी। और जो उनके निकट वरन इस्साकार, जबूलून और नप्ताली तक रहते थे, वे भी गदहों, ऊंटों, खच्चरों और बैलों पर मैदा, अंजीरों और किशमिश की टिकियां, दाखमधु और तेल आदि भोजनवस्तु लादकर लाए, और बैल और भेड़- बकरियां बहुतायत से लाए; क्योंकि इस्राएल में आनन्द मनाया जारहा था।
- 2 Samuel 17:27–29 2 शमूएल 17:27–29जब दाऊद महनैम में आया, तब अम्मोनियों के रब्बा के निवासी नाहाश का पुत्रा शोबी, और लोदबरवासी अम्मीएल का पुत्रा माकीर, और रोगलीमवासी गिलादी बर्जिल्लै, चारपाइयां, तसले मिट्टी के बर्तन, गेहूं, जव, मैदा, लोबिया, मसूर, चबेना, मधु, मक्खन, भेड़बकरियां, और गाय के दही का पनीर, दाऊद और उसके संगियों के खाने को यह सोचकर ले आए, कि जंगल में वे लोग भूखे प्यासे और थके मांदे होंगे।
- 2 Samuel 19:30–39 2 शमूएल 19:30–39मपीबोशेत ने राजा से कहा, मेरे प्रभु राजा जो कुशल क्षेम से अपने घर आया है, इसलिये सीबा ही सब कुछ ले ले। तब गिलादी बर्जिल्लै रोगलीम से आया, और राजा के साथ यरदन पार गया, कि उसको यरदन के पार पहुंचाए। बर्जिल्लै तो वृठ्ठ पुरूष था, अर्थात् अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन पोषण करता रहा; क्योंकि वह बहुत धनी था। तब राजा ने बर्जिल्लै से कहा, मेरे संग पार चल, और मैं तुझे यरूशलेम में अपने पास रखकर तेरा पालन पोषण करूंगा। बर्जिल्लै ने राजा से कहा, मुझे कितने दिन जीवित रहना है, कि मैं राजा के संग यरूशलेंम को जाऊं? आज मैं अस्सी वर्ष का हूँ; क्या मैं भले- बुरे का विवेक कर सकता हूँ? क्या तेरा दास जो कुछ खाता पीता है उसका स्वाद पहिचान सकता है? क्या मुझे गवैरयों वा गायिकाओं का शब्द अब सुन पड़ता है? तेरा दास अब अपने प्रभु राजा के लिये क्यों बोझ का कारण हो? तेरे दास राजा के संग यरदन पार ही तक जाएगा। राजा इसका ऐसा बड़ा बदला मुझे क्यों दे? अपने दास को लौटने दे, कि मैं अपने ही नगर में अपने माता पिता के कब्रिस्तान के पास मरूं। परन्तु तेरा दास किम्हाम उपस्थित है; मेरे प्रभु राजा के संग वह पार जाए; और जैसा तुझे भाए वैया ही उस से व्यवहार करना। राजा ने कहा, हां, किम्हान मेरे संग पार चलेगा, और जैसा तुझे भाए वैसा ही मैं उस से व्यवहार करूंगा वरन जो कुछ तू मुझ से चाहेगा वह मैं तेरे लिये करूंगा। तब सब लोग यरदन पार गए, और राजा भी पार हुआ; तब राजा ने बर्जिल्लै को चूमकर आशीर्वाद दिया, और वह अपने स्थान को लौट गया।