2 Thessalonians · chapter 2 · verse 17
2 Thessalonians 2:17 in Hindi
तुम्हारे मनों में शान्ति दे, और तुम्हें हर एक अच्छे काम, और वचन में दृढ़ करे।।
Tumhaare manom mem shaanti de, aur tumhem har ek achchhe kaam, aur vachan mem drudh kare..
2 Thessalonians 2:17 in English
- King James Version (KJV)
- Comfort your hearts, and stablish you in every good word and work.
- World English Bible (WEB)
- comfort your hearts and establish you in every good work and word.
- American Standard Version (ASV)
- comfort your hearts and establish them in every good work and word.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give you comfort and strength in every good work and word.
- Darby Translation (DBY)
- encourage your hearts, and establish you in every good work and word.
- Webster's Bible (WBS)
- Comfort your hearts, and establish you in every good word and work.
- Young's Literal Translation (YLT)
- comfort your hearts, and establish you in every good word and work.
Read in context
- 15इसलिये, ये भाइयों, स्थिर; और जो जो बातें तुम ने क्या वचन, क्या पत्री के द्वारा हम से सीखी है, उन्हें थामे रहो।।
- 16हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिस ने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्ति और उत्तम आशा दी है।
- 17तुम्हारे मनों में शान्ति दे, और तुम्हें हर एक अच्छे काम, और वचन में दृढ़ करे।।
Cross references
- 2 Thessalonians 3:3 2 थिस्सलुनीकियों 3:3परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्ट से सुरक्षित रखेगा।
- 1 Thessalonians 3:13 1 थिस्सलुनीकियों 3:13ताकि वह तुम्हारे मनों को ऐसा स्थिर करे, कि जब हमारा प्रभु यीशु अपने सब पवित्रा लोगों के साथ आए, तो वे हमारे परमेश्वर और पिता के साम्हने पवित्राता में निर्दोष ठहरें।।
- 1 Thessalonians 3:2 1 थिस्सलुनीकियों 3:2और हम ने तीमुथियुस को जो मसीह के सुसमाचार में हमारा भाई, और परमेश्वर का सेवक है, इसलिये भेजा, कि वह तुम्हें स्थिर करे; और तुम्हारे विश्वास के विषय में तुम्हें समझाए।
- Jude 1:24 यहूदा 1:24अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के साम्हने मगन और निर्दोष करके खड़ा कर सकता है।
- 1 Corinthians 1:8 1 कुरिन्थियों 1:8वह तुम्हें अन्त तक दृढ़ भी करेगा, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह के दिन में निर्दोष ठहरो।
- Colossians 2:7 कुलुस्सियों 2:7और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ; और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्त धन्यवाद करते रहो।।
- Hebrews 13:9 इब्रानियों 13:9नाना प्रकार के और ऊपरी उपदेशों से न भरमाए जाओ, क्योंकि मन का अनुग्रह से दृढ़ रहना भला है, न कि उन खाने की वस्तुओं से जिन से काम रखनेवालों को कुछ लाभ न हुआ।
- Romans 15:13 रोमियों 15:13सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्राआत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
- 2 Corinthians 1:21 2 कुरिन्थियों 1:21और जो हमें तुम्हारे साथ मसीह में दृढ़ करता है, और जिस ने हमें अभिषेक किया वही परमेश्वर है।
- James 1:21–22 याकूब 1:21–22इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर करके, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है। परन्तु वचन पर चलनेवाले बनो, और केवल सुननेवाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
- 2 Thessalonians 2:16 2 थिस्सलुनीकियों 2:16हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिस ने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्ति और उत्तम आशा दी है।