Acts · chapter 13 · verse 18
Acts 13:18 in Hindi
और वह कोई चालीस वर्ष तक जंगल में उन की सहता रहा।
Aur vah koee chaalees varsh tak jangal mem un kee sahataa rahaa.
Acts 13:18 in English
- King James Version (KJV)
- And about the time of forty years suffered he their manners in the wilderness.
- World English Bible (WEB)
- For a period of about forty years he put up with them in the wilderness.
- American Standard Version (ASV)
- And for about the time of forty years as a nursing-father bare he them in the wilderness.
- Bible in Basic English (BBE)
- And for about forty years he put up with their ways in the waste land.
- Darby Translation (DBY)
- and for a time of about forty years he nursed them in the desert.
- Webster's Bible (WBS)
- And about the time of forty years he suffered their manners in the wilderness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and about a period of forty years He did suffer their manners in the wilderness,
Read in context
- 16तब पौलुस ने खड़े होकर और हाथ से सैन करके कहा; हे इस्त्राएलियों, और परमेश्वर से डरनेवालों, सुनो।
- 17इन इस्त्राएली लोगों के परमेश्वर ने हमारे बापदादों को चुन लिया, और जब ये मिसर देश में परदेशी होकर रहते थे, तो उन की उन्नति की; और बलवन्त भुजा से निकाल लाया।
- 18और वह कोई चालीस वर्ष तक जंगल में उन की सहता रहा।
- 19और कनान देश में सात जातियों का नाश करके उन का देश कोई साढ़े चार सौ वर्ष में इन की मीरास में कर दिया।
- 20इस के बाद उस ने सामुएल भविष्यद्वक्ता तक उन में न्यायी ठहराए।
Cross references
- Acts 7:36 प्रेरितों के काम 7:36यही व्यक्ति मिसर और लाल समुद्र और जंगल में चालीस वर्ष तक अद्भुत काम और चिन्ह दिखा दिखाकर उन्हें निकाल लाया।
- Psalm 95:8–11 भजन संहिता 95:8–11अपना अपना हृदय ऐसा कठोर मत करो, जैसा मरीबा में, वा मस्सा के दिन जंगल में हुआ था, जब तुम्हारे पुरखाओं ने मुझे परखा, उन्हों ने मुझ को जांचा और मेरे काम को भी देखा। चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, और मैं ने कहा, ये तो भरमनेवाले मन के हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना। इस कारण मैं ने क्रोध में आकर शपथ खाई कि ये मेरे विश्रामस्थान में कभी प्रवेश न करने पाएंगे।।
- Amos 5:25–26 आमोस 5:25–26हे इस्राएल के घराने, तुम जंगल में चालीस वर्ष तक पशुबलि और अन्नबलि क्या मुझी को चढ़ाते रहे? नहीं, तुम तो अपने राजा का तम्बू, और अपनी मूरतों को चरणपीठ, और अपने देवता का तारा लिए फिरते रहे।
- Nehemiah 9:16–21 नहेमायाह 9:16–21परन्तु उन्हों ने और हमारे पुरखाओं ने अभिमान किया, और हठीले बने और तेरी आज्ञाएं न मानी; और आज्ञा मनने से इनकार किया, और जो आश्चर्यकर्म तू ने उनके बीच किए थे, उनका स्मरण न किया, वरन हठ करके यहां तक बलवा करनेवाले बने, कि एक प्रधान ठहराया, कि अपने दासत्व की दशा में लौटे। परन्तु तू क्षमा करनेवाला अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से कोप करनेवाला, और अतिकरूणामय ईश्वर है, तू ने उनको न त्यागा। वरन जब दन्हों ने बछड़ा ढालकर कहा, कि तुम्हारा परमेश्वर जो तुम्हें मिस्र देश से छुड़ा लाया है, वह यही है, और तेरा बहुत तिरस्कार किया, तब भी तू जो अति दयालु है, उनको जंगल में न त्यागा; न तो दिन को अगुआई करनेवाला बादल का खम्भा उन पर से हटा, और न रात को उजियाला देनेवाला और उनका मार्ग दिखानेवाला आग का खम्भा। वरन तू ने उन्हें समझाने के लिये अपने आत्मा को जो भला है दिया, और अपना मान्ना उन्हें खिलाना न छोड़ा, और उनकी प्यास बुझाने को पानी देता रहा। चालीस वर्ष तक तू जंगल में उनका ऐसा पालन पोषण करता रहा, कि उनको कुछ घटी न हुई; न तो उनके वस्त्रा पुराने हुए और न उनके पांव में सूजन हुई।
- Numbers 14:33–34 गिनती 14:33–34और जब तक तुम्हारी लोथें जंगल में न गल जाएं तक तक, अर्थात् चालीस वर्ष तक, तुम्हारे बालबच्चे जंगल में तुम्हारे व्यभिचार का फल भोगते हुए चरवाही करते रहेंगे। जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।
- Exodus 16:35 निर्गमन 16:35इस्राएली जब तक बसे हुए देश में न पहुंचे तब तक, अर्थात् चालीस वर्ष तक मन्ना को खाते रहे; वे जब तक कनान देश के सिवाने पर नहीं पहुंचे तब तक मन्ना को खाते रहे।
- Hebrews 3:7–10 इब्रानियों 3:7–10सो जैसा पवित्रा आत्मा कहता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो। तो अपने मन को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय और परीक्षा के दिन जंगल में किया था। जहां तुम्हारे बापदादों ने मुझे जांचकर परखा और चालीस वर्ष तक मेरे काम देखे। इस कारण मैं उस समय के लोगों से रूठा रहा, और कहा, कि इन के मन सदा भटकते रहते हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना।
- Deuteronomy 1:31 व्यवस्थाविवरण 1:31फिर तुम ने जंगल में भी देखा, कि जिस रीति कोई पुरूष अपने लड़के को उठाए चलता है, उसी रीति हमारा परमेश्वर यहोवा हम को इस स्थान पर पहुँचने तक, उस सारे मार्ग में जिस से हम आए हैं, उठाये रहा।
- Hebrews 3:16–19 इब्रानियों 3:16–19भला किन लोगों ने सुनकर क्रोध दिलाया? क्या उन सब ने नहीं जो मूसा के द्वारा मिसर से निकले थे? और वह चालीस वर्ष तक किन लोगों से रूठा रहा? क्या उन्हीं से नहीं, जिन्हों ने पाप किया, और उन की लोथें जंगल में पड़ी रहीं? और उस ने किन से शपथ खाई, कि तुम मेरे विश्राम में प्रवेश करने न पाओगे: केवल उन से जिन्हों ने आज्ञा न मानी? सो हम देखते हैं, कि वे अविश्वास के कारण प्रवेश न कर सके।।
- Acts 7:39–43 प्रेरितों के काम 7:39–43परन्तु हमारे बाप दादों ने उस की मानना न चाहा; वरन उसे हटाकर अपने मन मिसर की ओर फेरे। और हारून से कहा; हमारे लिये ऐसा देवता बना, जो हमारे आगे आगे चलें; क्योंकि यह मूसा जा हमें मिसर देश से निकाल लाया, हम नहीं जानते उसे क्या हुआ? उन दिनों में उन्होंने एक बछड़ा बनाकर, उस की मूरत के आगे बलि चढ़ाया; और अपने हाथों के कामों में मगन होने लगे। सो परमेश्वर ने मुंह मोड़कर उन्हें छोड़ दिया, कि आकशगण पूजें; जैसा भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तक में लिखा है; कि हे इस्त्राएल के घराने, क्या तुम जंगल में चालीस वर्ष तक पशुबलि और अन्नबलि मुझ ही को चढ़ाते रहे? और तुम मोलेक के तम्बू और रिफान देवता के तारे को लिए फिरते थे; अर्थात उन आकारों को जिन्हें तुम ने दण्डवत करने के लिये बनाया था: सो मैं तुम्हें बाबुल के परे ले जाकर बसाऊंगा।
- Numbers 14:22 गिनती 14:22उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,
- Exodus 16:2 निर्गमन 16:2जंगल में इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा और हारून के विरूद्ध बकझक करने लगी।