Acts · chapter 13 · verse 27
Acts 13:27 in Hindi
क्योंकि यरूशलेम के रहनेवालों और उनके सरदारों ने, न उसे पहचाना, और न भविष्यद्वक्ताओं की बातें समझी; जो हर सब्त के दिन पढ़ी जाती हैं, इसलिये उसे दोषी ठहराकर उन को पूरा किया।
Kyonki yarooshalem ke rahanevaalom aur unake saradaarom ne, na use pahachaanaa, aur na bhavishyadvaktaaom kee baatem samajhee; jo har sabt ke din padhee jaatee haim, isaliye use doshee thaharaakar un ko pooraa kiyaa.
Acts 13:27 in English
- King James Version (KJV)
- For they that dwell at Jerusalem, and their rulers, because they knew him not, nor yet the voices of the prophets which are read every sabbath day, they have fulfilled [them] in condemning [him].
- World English Bible (WEB)
- For those who dwell in Jerusalem, and their rulers, because they didn’t know him, nor the voices of the prophets which are read every Sabbath, fulfilled them by condemning him.
- American Standard Version (ASV)
- For they that dwell in Jerusalem, and their rulers, because they knew him not, nor the voices of the prophets which are read every sabbath, fulfilled [them] by condemning [him].
- Bible in Basic English (BBE)
- For the men of Jerusalem and their rulers, having no knowledge of him, or of the sayings of the prophets which come to their ears every Sabbath day, gave effect to them by judging him.
- Darby Translation (DBY)
- for those who dwell in Jerusalem, and their rulers, not having known him, have fulfilled also the voices of the prophets which are read on every sabbath, [by] judging [him].
- Webster's Bible (WBS)
- For they that dwell at Jerusalem, and their rulers, because they knew him not, nor yet the words of the prophets which are read every sabbath, they have fulfilled [them] in condemning [him] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- for those dwelling in Jerusalem, and their chiefs, this one not having known, also the voices of the prophets, which every sabbath are being read — having judged [him] — did fulfil,
Read in context
- 25और जब यूहन्ना अपना दौर पूरा करने पर था, तो उस ने कहा, तुम मुझे क्या समझते हो? मैं वह नहीं! बरन देखो, मेरे बाद एक आनेवाला है, जिस के पांवों की जूती मैं खोलने के योग्य नहीं।
- 26हे भाइयो, तुम जो इब्राहीम की सन्तान हो; और तुम जो परमेश्वर से डरते हो, तुम्हारे पास इस उद्धार का वचन भेजा गया है।
- 27क्योंकि यरूशलेम के रहनेवालों और उनके सरदारों ने, न उसे पहचाना, और न भविष्यद्वक्ताओं की बातें समझी; जो हर सब्त के दिन पढ़ी जाती हैं, इसलिये उसे दोषी ठहराकर उन को पूरा किया।
- 28उन्हों ने मार डालने के योग्य कोई दोष उस में ने पाया, तौभी पीलातुस से बिनती की, कि वह मार डाला जाए।
- 29और जब उन्हों ने उसके विषय में लिखी हुई सब बातें पूरी की, तो उसे क्रूस पर से उतार कर कब्र में रखा।
Cross references
- Acts 3:17 प्रेरितों के काम 3:17और अब हे भाइयो, मैं जानता हूं कि यह काम तुम ने अज्ञानता से किया, और वैसा ही तुम्हारे सरदारों ने भी किया।
- Acts 15:21 प्रेरितों के काम 15:21क्योंकि पुराने समय से नगर नगर मूसा की व्यवस्था के प्रचार करनेवाले होते चले आए है, और वह हर सब्त के दिन अराधनालय में पढ़ी जाती है।
- Luke 24:20 लूका 24:20और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया।
- Acts 26:22–23 प्रेरितों के काम 26:22–23सो परमेश्वर की सहायता से मैं आज तक बना हूं और छोटे बड़े सभी के साम्हने गवाही देता हूं और उन बातों को छोड़ कुछ नहीं कहता, जो भविष्यद्वक्ताओं और मूसा ने भी कहा कि होनेवाली हैं। कि मसीह को दुख उठाना होगा, और वही सब से पहिले मरे हुओं में से जी उठकर, हमारे लोगों में और अन्यजातियों में ज्योति का प्रचार करेगा।।
- Romans 11:25 रोमियों 11:25हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो; इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा।
- Luke 24:24–27 लूका 24:24–27तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उस को न देखा। तब उस ने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्दमतियों! क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुख उठाकर अपनी महिमा में प्रवेश करे? तब उस ने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ करके सारे पवित्रा शास्त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया।
- Matthew 22:29 मत्ती 22:29यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि तुम पवित्रा शास्त्रा और परमेश्वर की सामर्थ नहीं जानते; इस कारण भूल में पड़ गए हो।
- 1 Corinthians 2:8 1 कुरिन्थियों 2:8जिसे इस संसार के हाकिमों में से किसी ने नहीं जाना, क्योंकि यदि जानते, तो तेजोमय प्रभु को क्रूस पर न चढ़ाते।
- Romans 11:8–10 रोमियों 11:8–10जैसा लिखा है, कि परमेश्वर ने उन्हें आज के दिन तक भारी नींद में डाल रखा है और ऐसी आंखें दी जो न देखें और ऐसे कान जो न सुनें। और दाऊद कहता है; उन का भोजन उन के लिये जाल, और फन्दा, और ठोकर, और दण्ड का कारण हो जाए। उन की आंखों पर अन्धेरा छा जाए ताकि न देखें, और तू सदा उन की पीठ को झुकाए रख।
- 2 Corinthians 3:14 2 कुरिन्थियों 3:14परन्तु वे मतिमन्द हो गए, क्योंकि आज तक पुराने नियम के पढ़ते समय उन के हृदयों पर वही परदा पड़ा रहता है; पर वह मसीह में उठ जाता है।
- 2 Corinthians 4:4 2 कुरिन्थियों 4:4और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
- John 8:28 यूहन्ना 8:28तब यीशु ने कहा, कि जब तुम मनुष्य के पुत्रा को ऊंचे पर चढ़ाओगे, तो जानोगे कि मैं वही हूं, और अपने आप से कुछ नहीं करता, परन्तु जैसे पिता ने मुझे सिखाया, वैसे ही ये बातें कहता हूं।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- dwell · G2730κατοικέω katoikéō
- at · G1722ἐν en
- Jerusalem · G2419Ἱερουσαλήμ Hierousalḗm
- and · G2532καί kaí
- their · G846αὐτός autós
- rulers · G758ἄρχων árchōn
- knew · G50ἀγνοέω agnoéō
- him · G5126τοῦτον toûton
- not · G50ἀγνοέω agnoéō
- yet · G2532καί kaí
- voices · G5456φωνή phōnḗ
- prophets · G4396προφήτης prophḗtēs
- which · G3588ὁ ho
- read · G314ἀναγινώσκω anaginṓskō
- every · G3956πᾶς pâs
- day · G4521σάββατον sábbaton
- fulfilled · G4137πληρόω plēróō
- condemning · G2919κρίνω krínō