Acts · chapter 13 · verse 25
Acts 13:25 in Hindi
और जब यूहन्ना अपना दौर पूरा करने पर था, तो उस ने कहा, तुम मुझे क्या समझते हो? मैं वह नहीं! बरन देखो, मेरे बाद एक आनेवाला है, जिस के पांवों की जूती मैं खोलने के योग्य नहीं।
Aur jab yoohannaa apanaa daur pooraa karane par thaa, to us ne kahaa, tum mujhe kyaa samajhate ho? Maim vah naheem! Baran dekho, mere baad ek aanevaalaa hai, jis ke paanvom kee jootee maim kholane ke yogy naheen.
Acts 13:25 in English
- King James Version (KJV)
- And as John fulfilled his course, he said, Whom think ye that I am? I am not [he]. But, behold, there cometh one after me, whose shoes of [his] feet I am not worthy to loose.
- World English Bible (WEB)
- As John was fulfilling his course, he said, ‘What do you suppose that I am? I am not he. But behold, one comes after me, the sandals of whose feet I am not worthy to untie.’
- American Standard Version (ASV)
- And as John was fulfilling his course, he said, What suppose ye that I am? I am not [he]. But behold, there cometh one after me the shoes of whose feet I am not worthy to unloose.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when John was completing his work, he said, What do I seem to you to be? I am not he; but one is coming after me, whose shoes I am not good enough to undo.
- Darby Translation (DBY)
- And as John was fulfilling his course he said, Whom do ye suppose that I am? I am not [he]. But behold, there comes one after me, the sandal of whose feet I am not worthy to loose.
- Webster's Bible (WBS)
- And as John fulfilled his course, he said, Whom think ye that I am? I am not [he] . But behold, there cometh one after me, whose shoes of [his] feet I am not worthy to loose.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and as John was fulfilling the course, he said, Whom me do ye suppose to be? I am not [he], but, lo, he doth come after me, of whom I am not worthy to loose the sandal of [his] feet.
Read in context
- 23इसी के वंश में से परमेश्वर ने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार इस्त्राएल के पास एक उद्धारकर्ता, अर्थात् यीशु को भेजा।
- 24जिस के आने से पहिले यूहन्ना ने सब इस्त्राएलियों को मन फिराव के बपतिस्मा का प्रचार किया।
- 25और जब यूहन्ना अपना दौर पूरा करने पर था, तो उस ने कहा, तुम मुझे क्या समझते हो? मैं वह नहीं! बरन देखो, मेरे बाद एक आनेवाला है, जिस के पांवों की जूती मैं खोलने के योग्य नहीं।
- 26हे भाइयो, तुम जो इब्राहीम की सन्तान हो; और तुम जो परमेश्वर से डरते हो, तुम्हारे पास इस उद्धार का वचन भेजा गया है।
- 27क्योंकि यरूशलेम के रहनेवालों और उनके सरदारों ने, न उसे पहचाना, और न भविष्यद्वक्ताओं की बातें समझी; जो हर सब्त के दिन पढ़ी जाती हैं, इसलिये उसे दोषी ठहराकर उन को पूरा किया।
Cross references
- Matthew 3:11 मत्ती 3:11मैं तो पानी से तुम्हें मन फिराव का बपतिस्मा देता हूं, परन्तु जो मेरे बाद आनेवाला है, वह मुझ से शक्तिशाली है; मैं उस की जूती उठाने के योग्य नहीं, वह तुम्हें पवित्रा आत्मा और आग से बपतिस्मा देगा।
- Mark 1:7 मरकुस 1:7और यह प्रचार करता था, कि मेरे बाद वह आने वाला है, जो मुझ से शक्तिमान है; मैं इस योग्य नहीं कि झुककर उसके जूतों का बन्ध खोलूं।
- John 1:26–27 यूहन्ना 1:26–27यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि मैं तो जल से बपतिस्मा देता हूं; परन्तु तुम्हारे बीच में एक व्यक्ति खड़ा है, जिसे तुम नहीं जानते। अर्थात् मेरे बाद आनेवाला है, जिस की जूती का बन्ध मैं खोलने के योग्य नहीं।
- Luke 3:15–16 लूका 3:15–16जब लोग आस लगाए हुए थे, और सब अपने अपने मन में यूहन्ना के विषय में विचार कर रहे थे, कि क्या यही मसीह तो नहीं है। तो यूहन्ना ने उन सब के उत्तर में कहा: कि मैं तो तुम्हें पानी से बपतिस्मा देता हूं, परन्तु वह आनेवाला है, जो मुझ से शक्तिमान है; मैं तो इस योग्य भी नहीं, कि उसके जूतों का बन्ध खोल सकूं, वह तुम्हें पवित्रा आत्मा और आग से बपतिस्मा देगा।
- John 1:20–23 यूहन्ना 1:20–23तो उस ने यह मान लिया, और इन्कार नहीं किया परन्तु मान लिया कि मैं मसीह नहीं हूं। तब उन्हों ने उस से पूछा, तो फिर कौन है? क्या तू एलिरयाह है? उस ने कहा, मैं नहीं हूं: तो क्या तू वह भविष्यद्वक्ता है? उस ने उत्तर दिया, कि नहीं। तब उन्हों ने उस से पूछा, फिर तू है कौन? ताकि हम अपने भेजनेवालों को उत्तर दें; तू अपने विषय में क्या कहता है? उस ने कहा, मैं जैसा यशायाह भविष्यद्वक्ता ने कहा है, जंगल में एक पुकारनेवाले का शब्द हूं कि तुम प्रभु का मार्ग सीधा करो।
- Acts 20:24 प्रेरितों के काम 20:24परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, बरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है।
- John 7:18 यूहन्ना 7:18जो अपनी ओर से कुछ कहता है, वह अपनी ही बढ़ाई चाहता है; परन्तु जो अपने भेजनेवाले की बड़ाई चाहता है वही सच्चा है, और उस में अधर्म नहीं।
- 2 Corinthians 4:5 2 कुरिन्थियों 4:5क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
- John 1:34 यूहन्ना 1:34और मैं ने देखा, और गवाही दी है, कि यही परमेश्वर का पुत्रा है।।
- Mark 6:16–28 मरकुस 6:16–28हेरोदेस ने यह सुन कर कहा, जिस यूहन्ना का सिर मैं ने कटवाया था, वही जी उठा है। क्योंकि हेरोदेस ने आप अपने भाई फिलिप्पुस की पत्नी हेरोदियास के कारण, जिस से उस ने ब्याह किया था, लोगों को भेजकर यूहन्ना को पकड़वाकर बन्दीगृह में डाल दिया था। क्योंकि यूहन्ना ने हेरोदेस से कहा था, कि अपने भाई की पत्नी को रखना तुझे उचित नहीं। इसलिये हेरोदियास उस से बैर रखती थी और यह चाहती थी, कि उसे मरवा डाले, परन्तु ऐसा न हो सका। क्योंकि हेरोदेस यूहन्ना को धर्मी और पवित्रा पुरूष जानकर उस से डरता था, और उसे बचाए रखता था, और उस की सुनकर बहुत घबराता था, पर आनन्द से सुनता था। और ठीक अवसर पर जब हेरोदेस ने अपने जन्म दिन में अपने प्रधानों और सेनापतियों, और गलील के बड़े लोगों के लिये जेवनार की। और उसी हेरोदियास की बेटी भीतर आई, और नाचकर हेरोदेस को और उसके साथ बैठनेवालों को प्रसन्न किया; तब राजा ने लड़की से कहा, तू जो चाहे मुझ से मांग मैं तुझे दूंगा। और उस ने शपथ खाई, कि मैं अपने आधे राज्य तक जो कुछ तू मुझ से मांगेगी मैं तुझे दूंगा। उस ने बाहर जाकर अपनी माता से पूछा, कि मैं क्या मांगूं? वह बोली; यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का सिर। वह तुरन्त राजा के पास भीतर आई, और उस से बिनती की; मैं चाहती हूं, कि तू अभी यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का सिर एक थाल में मुझे मंगवा दे। तब राजा बहुत उदास हुआ, परन्तु अपनी शपथ के कारण और साथ बैठनेवालों के कारण उसे टालना न चाहा। और राजा ने तुरन्त एक सिपाही को आज्ञा देकर भेजा, कि उसका सिर काट लाए। उस ने जेलखाने में जाकर उसका सिर काटा, और एक थाल में रखकर लाया और लड़की को दिया, और लड़की ने अपनी मां को दिया।
- John 4:34 यूहन्ना 4:34यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजनेवाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
- John 3:27–29 यूहन्ना 3:27–29यूहन्ना ने उत्तर दिया, जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाए तब तक वह कुछ नहीं पा सकता। तुम तो आप ही मेरे गवाह हो, कि मैं ने कहा, मैं मसीह नहीं, परन्तु उसके आगे भेजा गया हूं। जिस की दुलहिन है, वही दूल्हा है: परन्तु दूल्हे का मित्रा जो खड़ा हुआ उस की सुनता है, दूल्हे के शब्द से बहुत हर्षित होता है; अब मेरा यह हर्ष पूरा हुआ है।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- as · G5613ὡς hōs
- John · G2491Ἰωάννης Iōánnēs
- fulfilled · G4137πληρόω plēróō
- course · G1408δρόμος drómos
- said · G3004λέγω légō
- Whom · G5101τίς tís
- that · G5282ὑπονοέω hyponoéō
- I · G3165μέ mé
- am · G1511εἶναι eînai
- I · G1473ἐγώ egṓ
- am · G1510εἰμί eimí
- not · G3756οὐ ou
- But · G235ἀλλά allá
- behold · G2400ἰδού idoú
- one · G2064ἔρχομαι érchomai
- after · G3326μετά metá
- me · G1691ἐμέ emé
- whose · G3739ὅς hós
- shoes · G5266ὑπόδημα hypódēma
- of · G4228πούς poús
- feet · G4228πούς poús
- am · G1510εἰμί eimí
- not · G3756οὐ ou
- worthy · G514ἄξιος áxios
- loose · G3089λύω lýō