Acts · chapter 15 · verse 4
Acts 15:4 in Hindi
जब यरूशलेम में पहुंचे, तो कलीसिया और प्रेरित और प्राचीन उन से आनन्द क:साथ मिले, और उन्हों ने बताया कि परमेश्वर ने उन के साथ होकर कैसे कैसे काम किए थे।
Jab yarooshalem mem pahunche, to kaleesiyaa aur prerit aur praacheen un se aanand ka:saath mile, aur unhom ne bataayaa ki parameshvar ne un ke saath hokar kaise kaise kaam kie the.
Acts 15:4 in English
- King James Version (KJV)
- And when they were come to Jerusalem, they were received of the church, and [of] the apostles and elders, and they declared all things that God had done with them.
- World English Bible (WEB)
- When they had come to Jerusalem, they were received by the assembly and the apostles and the elders, and they reported everything that God had done with them.
- American Standard Version (ASV)
- And when they were come to Jerusalem, they were received of the church and the apostles and the elders, and they rehearsed all things that God had done with them.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they came to Jerusalem, they had a meeting with the church and the Apostles and the rulers, and they gave an account of all the things which God had done through them.
- Darby Translation (DBY)
- And being arrived at Jerusalem, they were received by the assembly, and the apostles, and the elders, and related all that God had wrought with them.
- Webster's Bible (WBS)
- And when they had come to Jerusalem, they were received by the church, and by the apostles and elders, and they declared all things that God had done with them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having come to Jerusalem, they were received by the assembly, and the apostles, and the elders, they declared also as many things as God did with them;
Read in context
- 2जब पौलुस और बरनबास का उन से बहुत झगड़ा और वाद- विवाद हुआ तो यह ठहराया गया, कि पौलुस और बरनबास, और हम में से कितने और व्यक्ति इस बात के विषय में यरूशलेम को प्रेरितों और प्राचीनों के पास जांए।
- 3सो मण्डली ने उन्हें कुछ दूर तक पहुंचाया; और वे फीनीके ओर सामरिया से होते हुए अन्यजातियों के मन फेरने का समाचार सुनाते गए, और सब भाइयों को बहुत आनन्दित किया।
- 4जब यरूशलेम में पहुंचे, तो कलीसिया और प्रेरित और प्राचीन उन से आनन्द क:साथ मिले, और उन्हों ने बताया कि परमेश्वर ने उन के साथ होकर कैसे कैसे काम किए थे।
- 5परन्तु फरीसियों के पंथ में से जिन्हों ने विश्वास किया था, उन में से कितनों ने उठकर कहा, कि उन्हें खतना कराना और मूसा की व्यवस्था को मानने की आज्ञा देना चाहिए।
- 6तब प्रेरित और प्राचीन इस बात के विषय में विचार करने के लिये इकट्ठे हुए।
Cross references
- Acts 14:27 प्रेरितों के काम 14:27वहां पहुंचकर, उन्हों ने कलीसिया इकट्ठी की और बताया, कि परमेश्वर ने हमारे साथ होकर कैसे बड़े बड़े काम किए! और अन्यजातियों के लिये विश्वास का द्वार खोल दिया।
- Acts 15:12 प्रेरितों के काम 15:12तब सारी सभा चुपचाप होकर बरनबास और पौलुस की सुनने लगी, कि परमेश्वर ने उन के द्वारा अन्यजातियों में कैसे कैसे चिन्ह, और अद्भुत काम दिखाए।
- Acts 15:3 प्रेरितों के काम 15:3सो मण्डली ने उन्हें कुछ दूर तक पहुंचाया; और वे फीनीके ओर सामरिया से होते हुए अन्यजातियों के मन फेरने का समाचार सुनाते गए, और सब भाइयों को बहुत आनन्दित किया।
- Romans 15:18 रोमियों 15:18क्योंकि उन बातों को छोड़ मुझे और किसी बात के विषय में कहने का हियाव नहीं, जो मसीह ने अन्यजातियों की अधीनता के लिये वचन, और कर्म।
- Acts 21:17 प्रेरितों के काम 21:17जब हम यरूशलेम में पहुंचे, तो भाई बड़े आनन्द के साथ हम से मिले।
- 3 John 1:8–10 3 यूहन्ना 1:8–10इसलिये ऐसों का स्वागत करना चाहिए, जिस से हम भी सत्य के पक्ष में उन के सहकर्मी हों।। मैं ने मण्डली को कुछ लिखा था; पर दियुत्रिफेस जो उन में बड़ा बनना चाहता है, हमें ग्रहण नहीं करता। सो जब मैं आऊंगा, तो उसके कामों की जो वह कर रहा है सुधि दिलाऊंगा, कि वह हमारे विषय में बुरी बुरी बातें बकता है; और इस पर भी सन्तोष न करके आप ही भाइयों को ग्रहण नहीं करता, और उन्हें जो ग्रहण करना चाहते हैं, मना करता है: और मण्डली से निकाल देता है।
- 1 Corinthians 15:10 1 कुरिन्थियों 15:10परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआद्ध परनतु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
- Acts 18:27 प्रेरितों के काम 18:27और जब उस ने निश्चय किया कि पार उतरकर अखाया को जाए तो भाइयों ने उसे ढाढ़स देकर चेलों को लिखा कि वे उस से अच्छी तरह मिलें, और उस ने पहुंचकर वहां उन लोगों की बड़ी सहायता की जिन्हों ने अनुग्रह के कारण विश्वास किया था।
- 2 Corinthians 6:1 2 कुरिन्थियों 6:1और हम जो उसके सहकर्मी हैं यह भी समझाते हैं, कि परमेश्वर का अनुगंह जो तुम पर हुआ, व्यर्थ न रहने दो।
- 2 John 1:10 2 यूहन्ना 1:10यदि कोई तुम्हारे पास आए, और यही शिक्षा न दे, उसे न तो घर मे आने दो, और न नमस्कार करो।
- Matthew 10:40 मत्ती 10:40जो तुम्हें ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है।
- Acts 21:19 प्रेरितों के काम 21:19तब उस ने उन्हें नमस्कार करके, जो जो काम परमेश्वर ने उस की सेवकाई के द्वारा अन्यजातियों में किए थे, एक एक करके सब बताया।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- come · G3854παραγίνομαι paragínomai
- to · G1519εἰς eis
- Jerusalem · G2419Ἱερουσαλήμ Hierousalḗm
- received · G588ἀποδέχομαι apodéchomai
- of · G5259ὑπό hypó
- church · G1577ἐκκλησία ekklēsía
- and · G2532καί kaí
- apostles · G652ἀπόστολος apóstolos
- and · G2532καί kaí
- elders · G4245πρεσβύτερος presbýteros
- and · G5037τέ té
- declared · G312ἀναγγέλλω anangéllō
- that · G3745ὅσος hósos
- God · G2316θεός theós
- done · G4160ποιέω poiéō
- with · G3326μετά metá
- them · G846αὐτός autós