Acts · chapter 18 · verse 4
Acts 18:4 in Hindi
और वह हर एक सब्त के दिन आराधनालय में वाद- विवाद करके यहूदियों और यूनानियों को भी समझाता था।।
Aur vah har ek sabt ke din aaraadhanaalay mem vaada- vivaad karake yahoodiyom aur yoonaaniyom ko bhee samajhaataa thaa..
Acts 18:4 in English
- King James Version (KJV)
- And he reasoned in the synagogue every sabbath, and persuaded the Jews and the Greeks.
- World English Bible (WEB)
- He reasoned in the synagogue every Sabbath and persuaded Jews and Greeks.
- American Standard Version (ASV)
- And he reasoned in the synagogue every sabbath, and persuaded Jews and Greeks.
- Bible in Basic English (BBE)
- And every Sabbath he had discussions in the Synagogue, turning Jews and Greeks to the faith.
- Darby Translation (DBY)
- And he reasoned in the synagogue every sabbath, and persuaded Jews and Greeks.
- Webster's Bible (WBS)
- And he reasoned in the synagogue every sabbath, and persuaded the Jews and the Greeks.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he was reasoning in the synagogue every sabbath, persuading both Jews and Greeks.
Read in context
- 2और वहां अक्विला नाम एक यहूदी मिला, जिस का जन्म पुन्तुस का था; और अपनी पत्नी प्रिस्किल्ला समेत इतालिया से नया आया था, क्योंकि क्लौदियुस ने सब यहूदियों को रोम से निकल जाने की आज्ञा दी थी, सो वह उन के यहां गया।
- 3और उसका और उन का एक ही उद्यम था; इसलिये वह उन के साथ रहा, और वे काम करने लगे, और उन का उद्यम तम्बू बनाने का था।
- 4और वह हर एक सब्त के दिन आराधनालय में वाद- विवाद करके यहूदियों और यूनानियों को भी समझाता था।।
- 5जब सीलास और तीमुथियुस मकिदुनिया से आए, तो पौलुस वचन सुनाने की धुन में लगकर यहूदियों को गवाही देता था कि यीशु ही मसीह है।
- 6परन्तु जब वे विरोध और निन्दा करने लगे, तो उस ने अपने कपड़े झाड़कर उन से कहा; तुम्हारा लोहू तुम्हारी गर्दन पर रहे: मैं निदौष हूं: अब ऐ मैं अन्यजातियों के पास जाऊंगा।
Cross references
- 2 Corinthians 5:11 2 कुरिन्थियों 5:11सो प्रभु का भय मानकर हम लोगों को समझाते हैं और परमेश्वर पर हमारा हाल प्रगट है; और मेरी आशा यह है, कि तुम्हारे विवेक पर भी प्रगट हुआ होगा।
- Acts 17:17 प्रेरितों के काम 17:17सो वह आराधनालय में यहूदियों और भक्तों से और चौक में जो लोग मिलते थे, उन से हर दिन वाद- विवाद किया करता था।
- Acts 28:23 प्रेरितों के काम 28:23तब उन्हों ने उसके लिये एक दिन ठहराया, और बहुत लोग उसके यहां इकट्ठे हुए, और वह परमेश्वर के राज्य की गवाही देता हुआ, और मूसा की व्यवस्था और भाविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों से यीशु के विषय में समझा समझाकर भोर से सांझ तक वर्णन करता रहा।
- 2 Chronicles 32:11 2 इतिहास 32:11क्या हिजकिरयाह तुम से यह कहकर कि हमारा परमेश्वर यहोवा हम को अश्शूर के राजा के पंजे से बचाएगा तुम्हें नहीं भरमाता है कि तुम को भूखों प्यासों मारे?
- Acts 26:28 प्रेरितों के काम 26:28अब अग्रिप्पा ने पौलुस से कहा तू थोड़े ही समझाने से मुझे मसीही बनाना चाहता है?
- Acts 19:8 प्रेरितों के काम 19:8और वह आराधनालय में जाकर तीन महीने तक निडर होकर बोलता रहा, और परमेश्वर के राज्य के विषय में विवाद करता और समझाता रहा।
- Acts 17:11 प्रेरितों के काम 17:11ये लोग तो थिस्सलुनीके के यहूदियों से भले थे और उन्हों ने बड़ी लालसा से वचन ग्रहण किया, और प्रति दिन पवित्रा शास्त्रों में ढूंढ़ते रहे कि ये बातें योहीं हैं, कि नहीं।
- Acts 19:26 प्रेरितों के काम 19:26और तुम देखते और सुनते हो, कि केवल इफिसुस ही में नहीं, बरन प्राय: सारे आसिया में यह कह कहकर इस पौलुस ने बहुत लोगों को समझाया और भरमाया भी है, कि जो हाथ की कारीगरी है, वे ईश्वर नहीं।
- Acts 17:1–3 प्रेरितों के काम 17:1–3फिर वे अम्फिपुलिस और अपुल्लोनिया होकर थिस्सलुनीके में आए, जहां यहूदियों का एक आराधनालय था। और पौलुस अपनी रीति के अनुसार उन के पास गया, और तीन सब्त के दिन पवित्रा शास्त्रों से उन के साथ विवाद किया। और उन का अर्थ खोल खोलकर समझाता था, कि मसीह का दुख उठाना, और मरे हुओं में से जी उठना, अवश्य था; और यही यीशु जिस की मैं तुम्हें कथा सुनाता हूं, मसीह है।
- Luke 4:16 लूका 4:16और वह नासरत में आया; जहां पाला पोसा गया था; और अपनी रीति के अनुसार सब्त के दिन आराधनालय में जा कर पढ़ने के लिये खड़ा हुआ।
- Luke 16:31 लूका 16:31उस ने उस से कहा, कि जब वे मूसा और भविष्यद्वक्ताओं की नहीं सुनते, तो यदि मरे हुओं में से कोई भी जी उठे तौभी उस की नहीं मानेंगे॥