Acts · chapter 25 · verse 10
Acts 25:10 in Hindi
पौलुस ने कहा; मैं कैसर के न्याय आसन के साम्हने खड़ा हूं: मेरे मुक में का यहीं फैसला होना चाहिए: जैसा तू अच्छी तरह जानता है, यहूदियों का मैं ने कुछ अपराध नहीं किया।
Paulus ne kahaa; maim kaisar ke nyaay aasan ke saamhane khadaa hoom: mere muk mem kaa yaheem phaisalaa honaa chaahie: jaisaa too achchhee tarah jaanataa hai, yahoodiyom kaa maim ne kuchh aparaadh naheem kiyaa.
Acts 25:10 in English
- King James Version (KJV)
- Then said Paul, I stand at Cæsar’s judgment seat, where I ought to be judged: to the Jews have I done no wrong, as thou very well knowest.
- World English Bible (WEB)
- But Paul said, “I am standing before Caesar’s judgment seat, where I ought to be tried. I have done no wrong to the Jews, as you also know very well.
- American Standard Version (ASV)
- But Paul said, I am standing before Cæsar’s judgment-seat, where I ought to be judged: to the Jews have I done no wrong, as thou also very well knowest.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Paul said, I am before the seat of Caesar's authority where it is right for me to be judged: I have done no wrong to the Jews, as you are well able to see.
- Darby Translation (DBY)
- But Paul said, I am standing before the judgment-seat of Caesar, where I ought to be judged. To the Jews have I done no wrong, as thou also very well knowest.
- Webster's Bible (WBS)
- Then said Paul, I stand at Cesar's tribunal, where I ought to be judged: to the Jews have I done no wrong, as thou very well knowest.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Paul said, 'At the tribunal of Caesar I am standing, where it behoveth me to be judged; to Jews I did no unrighteousness, as thou dost also very well know;
Read in context
- 8परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, कि मैं ने न तो यहूदियों की व्यवस्था का और न मन्दिर का, और न कैसर का कुछ अपराध किया है।
- 9तब फेस्तुस ने यहूदियों को खुश करने की इच्छा से पौलुस को उत्तर दिया, क्या तू चाहता है कि यरूशलेम को जाए; और वहां मेरे साम्हने तेरा यह मुक मा तय किया जाए?
- 10पौलुस ने कहा; मैं कैसर के न्याय आसन के साम्हने खड़ा हूं: मेरे मुक में का यहीं फैसला होना चाहिए: जैसा तू अच्छी तरह जानता है, यहूदियों का मैं ने कुछ अपराध नहीं किया।
- 11यदि अपराधी हूं और मार डाले जाने योग्य कोई काम किया है; तो मरने से नहीं मुकरता; परन्तु जिन बातों का ये मुझ पर दोष लगाते हैं, यदि उन में से कोई बात सच न ठहरे, तो कोई मुझे उन के हाथ नहीं सौंप सकता: मैं कैसर की दोहाई देता हूं।
- 12तब फेस्तुस ने मन्त्रियों की सभा के साथ बातें करके उत्तर दिया, तू ने कैसर की दोहाई दी है, तू कैसर के पास जाएगा।।
Cross references
- 2 Corinthians 4:2 2 कुरिन्थियों 4:2परन्तु हम ने लज्जा के गुप्त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट करके, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं।
- Matthew 27:18 मत्ती 27:18क्योंकि वह जानता था कि उन्हों ने उसे डाह से पकड़वाया है।
- Acts 26:31 प्रेरितों के काम 26:31और अलग जाकर आपस में कहने लगे, यह मनुष्य ऐसा तो कुछ नहीं करता, जो मृत्यु या बन्धन के योग्य हो।
- Acts 25:25 प्रेरितों के काम 25:25परन्तु मैं ने जान लिया, कि उस ने ऐसा कुछ नहीं किया कि मार डाला जाए; और जब कि उस ने आप ही महाराजाधिराज की दोहाई दी, तो मैं ने उसे भेजने का उपाय निकाला।
- Acts 28:18 प्रेरितों के काम 28:18उन्हों ने मुझे जांच कर छोड़ देना चाहा, क्योंकि मुझ में मृत्यु के योग्य कोई दोष न था।
- Acts 23:29 प्रेरितों के काम 23:29तब मैं ने जान लिया, कि वे अपनी व्यवस्था के विवादों के विषय में उस पर दोष लगाते हैं, परन्तु मार डाले जाने या बान्धे जाने के योग्य उस में कोई दोष नहीं।
- Acts 25:6 प्रेरितों के काम 25:6और उन के बीच कोई आठ दस दिन रहकर वह कैसरिया गया: और दूसरे दिन न्याय आसन पर बैठकर पौलुस के लाने की आज्ञा दी।
- Acts 16:37–38 प्रेरितों के काम 16:37–38परन्तु पौलुस ने उस से कहा, उन्हों ने हमें जो रोमी मनुष्य हैं, दोषी ठहाराए बिना, लोगों के साम्हने मारा, और बन्दीगृह में डाला, और अब क्या चुपके से निकाल देते हैं? ऐसा नहीं, परन्तु वे आप आकर हमें बाहर ले जाएं। प्यादों ने ये बातें हाकिमों से कह दीं, और वे यह सुनकर कि रोमी हैं, डर गए।
- Acts 25:17 प्रेरितों के काम 25:17सो जब वे यहां इकट्ठे हुए, तो मैं ने कुछ देर न की, परन्तु दूसरे ही दिन न्याय आसन पर बैठकर, उस मनुष्य को लाने की आज्ञा दी।
- Matthew 27:23–24 मत्ती 27:23–24हाकिम ने कहा; क्यों उस ने क्या बुराई की है? परन्तु वे और भी चिल्ला, चिल्लाकर कहने लगे, "वह क्रूस पर चढ़ाया जाए"। जब पीलातुस ने देखा, कि कुछ बन नहीं पड़ता परन्तु इस के विपरीत हुल्लड़ होता जाता है, तो उस ने पानी लेकर भीड़ के साम्हने अपने हाथ धोए, और कहा; मैं इस धर्मी के लोहू से निर्दोष हूं; तुम ही जानो।
- Acts 22:25–28 प्रेरितों के काम 22:25–28जब उन्हों ने उसे तसमों से बान्धा तो पौलुस ने उस सूबेदार से जो पास खड़ा था कहा, क्या यह उचित है, कि तुम एक रोमी मनुष्य को, और वह भी बिना दोषी ठहराए हुए कोड़े मारो? सूबेदार ने यह सुनकर पलटन के सरदार के पास जाकर कहा; तू यह क्या करता है? यह तो रामी है। तब पलटन के सरदार ने उसके पास आकर कहा; मुझे बता, क्या तू रोमी है? उस ने कहा, हां। यह सुनकर पलटन के सरदार ने कहा; कि मैं ने रोमी होने का पद बहुत रूपये देकर पाया है: पौलुस ने कहा, मैं तो जन्म से रोमी हूं।
Original words (Greek)
- Then · G1161δέ dé
- said · G2036ἔπω épō
- Paul · G3972Παῦλος Paûlos
- I · G1510εἰμί eimí
- stand · G2476ἵστημι hístēmi
- at · G1909ἐπί epí
- Cæsar’s · G2541Καῖσαρ Kaîsar
- seat · G968βῆμα bēma
- where · G3757οὗ hoû
- I · G3165μέ mé
- ought · G1163δεῖ deî
- judged · G2919κρίνω krínō
- Jews · G2453Ἰουδαῖος Ioudaîos
- done · G91ἀδικέω adikéō
- no · G3762οὐδείς oudeís
- wrong · G91ἀδικέω adikéō
- as · G5613ὡς hōs
- thou · G4771σύ sý
- well · G2566καλλίον kallíon
- knowest · G1921ἐπιγινώσκω epiginṓskō