Acts · chapter 28 · verse 18
Acts 28:18 in Hindi
उन्हों ने मुझे जांच कर छोड़ देना चाहा, क्योंकि मुझ में मृत्यु के योग्य कोई दोष न था।
Unhom ne mujhe jaanch kar chhod denaa chaahaa, kyonki mujh mem mrutyu ke yogy koee dosh na thaa.
Acts 28:18 in English
- King James Version (KJV)
- Who, when they had examined me, would have let [me] go, because there was no cause of death in me.
- World English Bible (WEB)
- who, when they had examined me, desired to set me free, because there was no cause of death in me.
- American Standard Version (ASV)
- who, when they had examined me, desired to set me at liberty, because there was no cause of death in me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Who, when they had put questions to me, were ready to let me go free, because there was no cause of death in me.
- Darby Translation (DBY)
- who having examined me were minded to let me go, because there was nothing worthy of death in me.
- Webster's Bible (WBS)
- Who when they had examined me, would have let [me] go, because there was no cause of death in me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- who, having examined me, were wishing to release [me], because of their being no cause of death in me,
Read in context
- 16जब हम रोम में पहुंचे, तो पौलुस को एक सिपाही के साथ जो उस की रखवाली करता था, अकेले रहने की आज्ञा हुई।।
- 17तीन दिन के बाद उस ने यहूदियों के बड़े लोगों को बुलाया, और जब वे इकट्ठे हुए तो उन से कहा; हे भाइयों, मैं ने अपने लोगों के या बापदादों के व्यवहारों के विरोध में कुछ भी नहीं किया, तौभी बन्धुआ होकर यरूशलेम से रोमियों के हाथ सौंपा गया।
- 18उन्हों ने मुझे जांच कर छोड़ देना चाहा, क्योंकि मुझ में मृत्यु के योग्य कोई दोष न था।
- 19परन्तु जब यहूदी इस के विरोध में बोलने लगे, तो मुझे कैसर की दोहाई देनी पड़ी: न यह कि मुझे अपने लागों पर कोई दोष लगाना था।
- 20इसलिये मैं ने तुम को बुलाया है, कि तुम से मिलूं और बातचीत करूं; क्योंकि इस्त्राएल की आशा के लिये मैं इस जंजीर से जकड़ा हुआ हूं।
Cross references
- Acts 26:31–32 प्रेरितों के काम 26:31–32और अलग जाकर आपस में कहने लगे, यह मनुष्य ऐसा तो कुछ नहीं करता, जो मृत्यु या बन्धन के योग्य हो। अग्रिप्पा ने फेस्तुस से कहा; यदि यह मनुष्य कैसर की दोहाई न देता, तो दूट सकता था।।
- Acts 23:29 प्रेरितों के काम 23:29तब मैं ने जान लिया, कि वे अपनी व्यवस्था के विवादों के विषय में उस पर दोष लगाते हैं, परन्तु मार डाले जाने या बान्धे जाने के योग्य उस में कोई दोष नहीं।
- Acts 22:24–25 प्रेरितों के काम 22:24–25तो पलटन के सूबेदार ने कहा; कि इसे गढ़ में ले जाओ; और कोड़े मारकर जांचो, कि मैं जानूं कि लोग किस कारण उसके विरोध में ऐसा चिल्ला रहे हैं। जब उन्हों ने उसे तसमों से बान्धा तो पौलुस ने उस सूबेदार से जो पास खड़ा था कहा, क्या यह उचित है, कि तुम एक रोमी मनुष्य को, और वह भी बिना दोषी ठहराए हुए कोड़े मारो?
- Acts 25:7–8 प्रेरितों के काम 25:7–8जब वह आया, तो जो यहूदी यरूशलेम से आए थे, उन्हों ने आस पास खड़े होकर उस पर बहुतेरे भारी दोष लगाए, जिन का प्रमाण वे नहीं दे सकते थे। परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, कि मैं ने न तो यहूदियों की व्यवस्था का और न मन्दिर का, और न कैसर का कुछ अपराध किया है।
- Acts 24:10 प्रेरितों के काम 24:10तू आप जान सकता है, कि जब से मैं यरूशलेम में भजन करने को आया, मुझे बारह दिन से ऊपर नहीं हुए।
- Acts 22:30 प्रेरितों के काम 22:30दूसरे दिन वह ठीक ठीक जानने की इच्छा से कि यहूदी उस पर क्यों दोष लगाते हैं, उसके बन्धन खोल दिए; और महायाजकों और सारी महासभा को इकट्ठे होने की आज्ञा दी, और पौलुस को नीचे ले जाकर उन के साम्हने खड़ा कर दिया।।
- Acts 24:22 प्रेरितों के काम 24:22फेलिक्स ने जो इस पन्थ की बातें ठीक ठीक जानता था, उन्हें यह कहकर टाल दिया, कि जब पलटन का सरदार लूसियास आएगा, तो तुम्हारी बात का निर्णय करूंगा।
Original words (Greek)
- Who · G3748ὅστις hóstis
- examined · G350ἀνακρίνω anakrínō
- me · G3165μέ mé
- have · G1014βούλομαι boúlomai
- let · G630ἀπολύω apolýō
- go · G630ἀπολύω apolýō
- because · G1223διά diá
- was · G5225ὑπάρχω hypárchō
- no · G3367μηδείς mēdeís
- cause · G156αἰτία aitía
- death · G2288θάνατος thánatos
- in · G1722ἐν en
- me · G1698ἐμοί emoí