Acts · chapter 26 · verse 19
Acts 26:19 in Hindi
सो हे राजा अग्रिप्पा, मैं ने उस स्वर्गीय दर्शन की बात न टाली।
So he raajaa agrippaa, maim ne us svargeey darshan kee baat na taalee.
Acts 26:19 in English
- King James Version (KJV)
- Whereupon, O king Agrippa, I was not disobedient unto the heavenly vision:
- World English Bible (WEB)
- “Therefore, King Agrippa, I was not disobedient to the heavenly vision,
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore, O king Agrippa, I was not disobedient unto the heavenly vision:
- Bible in Basic English (BBE)
- So, then, King Agrippa, I did not go against the vision from heaven;
- Darby Translation (DBY)
- Whereupon, king Agrippa, I was not disobedient to the heavenly vision;
- Webster's Bible (WBS)
- Upon which O king Agrippa, I was not disobedient to the heavenly vision.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Whereupon, king Agrippa, I was not disobedient to the heavenly vision,
Read in context
- 17और मैं तुझे तेरे लोगों से और अन्यजातियों से बचाता रहूंगा, जिन के पास मैं अब तुझे इसलिये भेजता हूं।
- 18कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्रा किए गए हैं, मीरास पाएं।
- 19सो हे राजा अग्रिप्पा, मैं ने उस स्वर्गीय दर्शन की बात न टाली।
- 20परन्तु पहिले दमिश्क के, फिर यरूशलेम के रहनेवालों को, तब यहूदिया के सारे देश में और अन्यजातियों को समझाता रहा, कि मन फिराओ और परमेश्वर की ओर फिर कर मन फिराव के योग्य काम करो।
- 21इन बातों के कारण यहूदी मुझे मन्दिर में पकड़के मार डालने का यत्न करते थे।
Cross references
- Isaiah 50:5 यशायाह 50:5प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा।
- Ezekiel 2:7–8 यहेजकेल 2:7–8सो चाहे वे सुनें या न सुनें; तौभी तू मेरे वचन उन से कहना, वे तो बड़े बलवई हैं। परन्तु हे मनुष्य के सन्तान, जो मैं तुझ से कहता हूँ, उसे तू सुन ले, उस बलवई घराने के समान तू भी बलवई न बनना; जो में तुझे देता हूँ, उसे मुंह खोलकर खा ले।
- Galatians 1:16 गलातियों 1:16जब इच्छा हुई, कि मुझ में अपने पुत्रा को प्रगट करे कि मैं अन्यजातियों में उसका सुसमाचार सुनाऊं; तो न मैं ने मांस और लोहू से सलाह ली;
- Jeremiah 20:9 यिर्मयाह 20:9यदि मैं कहूं, मैं उसकी चर्चा न करूंगा न उसके नाम से बोलूंगा, तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हडि्डयों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते रोकते थक गया पर मुझ से रहा नहीं जाता।
- Acts 26:2 प्रेरितों के काम 26:2हे राजा अग्रिप्पा, जितनी बातों का यहूदी मुझ पर दोष लगाते हैं, आज तेरे साम्हने उन का उत्तर देने में मैं अपने को धन्य समझता हूं।
- Exodus 4:13–14 निर्गमन 4:13–14उसने कहा, हे मेरे प्रभु, जिस को तू चाहे उसी के हाथ से भेज। तब यहोवा का कोप मूसा पर भड़का और उसने कहा, क्या तेरा भाई लेवीय हारून नहीं है? मुझे तो निश्चय है कि वह बोलने में निपुण है, और वह तेरी भेंट के लिये निकला भी आता है, और तुझे देखकर मन में आनन्दित होगा।
- Ezekiel 3:14 यहेजकेल 3:14सो आत्मा मुझे उठाकर ले गई, और मैं कठिन दु:ख से भरा हुआ, और मन में जलता हुआ चला गया; और यहोवा की शक्ति मुझ में प्रबल थी;
- Jonah 1:3 योना 1:3परन्तु योना यहोवा के सम्मुख से तर्शीश को भाग जाने के लिये उठा, और यापो नगर केा जाकर तर्शीश जानेवाला एक जहाज पाया; और भाड़ा देकर उस पर चढ़ गया कि उनके साथ होकर यहोवा के सम्मुख से तर्शीश को चला जाए।।
- Acts 26:26–27 प्रेरितों के काम 26:26–27राजा भी जिस के साम्हने मैं निडर होकर बोल रहा हूं, ये बातें जानता है, और मुझे प्रतीति है, कि इन बातों में से कोई उस से छिपी नहीं, क्योंकि उस घटना तो कोने में नहीं हुई। हे राजा अग्रिप्पा, क्या तू भविष्यद्वक्ताओं की प्रतीति करता है? हां, मैं जानता हूं, कि तू प्रतीति करता है।