Acts · chapter 26 · verse 20
Acts 26:20 in Hindi
परन्तु पहिले दमिश्क के, फिर यरूशलेम के रहनेवालों को, तब यहूदिया के सारे देश में और अन्यजातियों को समझाता रहा, कि मन फिराओ और परमेश्वर की ओर फिर कर मन फिराव के योग्य काम करो।
Parantu pahile damishk ke, phir yarooshalem ke rahanevaalom ko, tab yahoodiyaa ke saare desh mem aur anyajaatiyom ko samajhaataa rahaa, ki man phiraao aur parameshvar kee or phir kar man phiraav ke yogy kaam karo.
Acts 26:20 in English
- King James Version (KJV)
- But shewed first unto them of Damascus, and at Jerusalem, and throughout all the coasts of Judæa, and [then] to the Gentiles, that they should repent and turn to God, and do works meet for repentance.
- World English Bible (WEB)
- but declared first to them of Damascus, at Jerusalem, and throughout all the country of Judea, and also to the Gentiles, that they should repent and turn to God, doing works worthy of repentance.
- American Standard Version (ASV)
- but declared both to them of Damascus first, and at Jerusalem, and throughout all the country of Judæa, and also to the Gentiles, that they should repent and turn to God, doing works worthy of repentance.
- Bible in Basic English (BBE)
- But I went about, first to those in Damascus and Jerusalem, and through all the country of Judaea, and then to the Gentiles, preaching a change of heart, so that they, being turned to God, might give, in their works, the fruits of a changed heart.
- Darby Translation (DBY)
- but have, first to those both in Damascus and Jerusalem, and to all the region of Judaea, and to the nations, announced that they should repent and turn to God, doing works worthy of repentance.
- Webster's Bible (WBS)
- But showed first to them of Damascus, and at Jerusalem, and throughout all the region of Judea, and [then] to the Gentiles, that they should repent and turn to God, and do works meet for repentance.
- Young's Literal Translation (YLT)
- but to those in Damascus first, and to those in Jerusalem, to all the region also of Judea, and to the nations, I was preaching to reform, and to turn back unto God, doing works worthy of reformation;
Read in context
- 18कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्रा किए गए हैं, मीरास पाएं।
- 19सो हे राजा अग्रिप्पा, मैं ने उस स्वर्गीय दर्शन की बात न टाली।
- 20परन्तु पहिले दमिश्क के, फिर यरूशलेम के रहनेवालों को, तब यहूदिया के सारे देश में और अन्यजातियों को समझाता रहा, कि मन फिराओ और परमेश्वर की ओर फिर कर मन फिराव के योग्य काम करो।
- 21इन बातों के कारण यहूदी मुझे मन्दिर में पकड़के मार डालने का यत्न करते थे।
- 22सो परमेश्वर की सहायता से मैं आज तक बना हूं और छोटे बड़े सभी के साम्हने गवाही देता हूं और उन बातों को छोड़ कुछ नहीं कहता, जो भविष्यद्वक्ताओं और मूसा ने भी कहा कि होनेवाली हैं।
Cross references
- Acts 3:19 प्रेरितों के काम 3:19इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं।
- Matthew 3:8 मत्ती 3:8सो मन फिराव के योग्य फल लाओ।
- Acts 2:38 प्रेरितों के काम 2:38पतरस ने उन से कहा, मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने अपने पापों की क्षमा के लिये यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले; तो तुम पवित्रा आत्मा का दान पाओगे।
- 2 Timothy 2:25–26 2 तीमुथियुस 2:25–26और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें। और इस के द्वारा उस की इच्छा पूरी करने के लिये सचेत होकर शैतान के फंदे से छूट जाए।।
- Revelation 2:5 प्रकाशितवाक्य 2:5सो चेत कर, कि तू कहां से गिरा है, और मन फिरा और पहिले के समान काम कर; और यदि तू मन न फिराएगा, तो मै तेरे पास आकर तेरी दीवट को उस स्थान से हटा दूंगा।
- Matthew 9:13 मत्ती 9:13सो तुम जाकर इस का अर्थ सीख लो, कि मैं बलिदान नहीं परन्तु दया चाहता हूं; क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं।।
- 2 Peter 1:5–8 2 पतरस 1:5–8और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ। और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ। क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्फल न होने देंगी।
- Luke 19:8–9 लूका 19:8–9जक्कई ने खड़े होकर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय करके ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं। तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्रा है।
- 1 Peter 4:2–5 1 पतरस 4:2–5ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो। क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ। इस से वे अचम्भा करते हैं, कि तुम ऐसे भारी लुचपन में उन का साथ नहीं देते, और इसलिये वे बुरा भला कहते हैं। पर वे उस को जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करने को तैयार हैं, लेखा देंगे।
- Ephesians 4:17–25 इफिसियों 4:17–25इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं। और वे सुन्न होकर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्दे काम लालसा से किया करें। पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई। बरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु मे सत्य है, उसी में सिखाए भी गए। कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्व को जो भरमानेवाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्ट होता जाता है, उतार डालो। और अपने मन के आत्मिक स्वभाव में नये बनते जाओ। और नये मनुष्यत्व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धार्मिकता, और पवित्राता में सृजा गया है।। इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
- Titus 2:2–13 तीतुस 2:2–13अर्थात् बूढ़े पुरूष, सचेत और गम्भीर और संयमी हों, और उन का विश्वास और प्रेम और धीरज पक्का हो। इसी प्रकार बूढ़ी स्त्रियों का चाल चलन पवित्रा लोगों सा हो, दोष लगानेवाली और पियक्कड़ नहीं; पर अच्छी बातें सिखानेवाली हों। ताकि वे जवान स्त्रियों को चितौनी देती रहें, कि अपने पतियों और बच्चों से प्रीति रखें। और संयमी, पतिव्रता, घर का कारबार करनेवाली, भली और अपने अपने पति के आधीन रहनेवाली हों, ताकि परमेश्वर के वचन की निन्दा न होने पाए। ऐसे ही जवान पुरूषों को भी समझाया कर, कि संयमी हों। सब बातों में अपने आम को भले कामों का नमूना बना: तेरे उपदेश में सफाई, गम्भीरता। और ऐसी खराई पाई जाए, कि कोई उसे बुरा न कह सके; जिस से विरोधी हम पर कोई दोष लगाने की गौं न पाकर लज्जित हों। दासों को समझा, कि अपने अपने स्वामी के आधीन रहें, और सब बातों में उन्हें प्रसन्न रखें, और उलटकर जवाब न दें। चोरी चालाकी न करें; पर सब प्रकार से पूरे विश्वासी निकलें, कि वे सब बातों में हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर के उपदेश की शोभा दें। क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है। और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं। और उस धन्य आशा की अर्थात् अपने महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की बाट जोहते रहें।
- 1 Peter 1:14–16 1 पतरस 1:14–16और आज्ञाकारी बालकों की नाईं अपनी अज्ञानता के समय की पुरानी अभिलाषाओं के सदृश न बनो। पर जैसा तुम्हारा बुलाने वाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो। क्योंकि लिखा है, कि पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूं।
Original words (Greek)
- But · G235ἀλλά allá
- shewed · G518ἀπαγγέλλω apangéllō
- first · G4412πρῶτον prōton
- them · G3588ὁ ho
- of · G1722ἐν en
- Damascus · G1154Δαμασκός Damaskós
- and · G2532καί kaí
- Jerusalem · G2414Ἱεροσόλυμα Hierosólyma
- and · G5037τέ té
- throughout · G1519εἰς eis
- all · G3956πᾶς pâs
- coasts · G5561χώρα chṓra
- Judæa · G2449Ἰουδαία Ioudaía
- and · G2532καί kaí
- Gentiles · G1484ἔθνος éthnos
- repent · G3340μετανοέω metanoéō
- and · G2532καί kaí
- turn · G1994ἐπιστρέφω epistréphō
- to · G1909ἐπί epí
- God · G2316θεός theós
- do · G4238πράσσω prássō
- works · G2041ἔργον érgon
- meet · G514ἄξιος áxios
- repentance · G3341μετάνοια metánoia