Acts · chapter 26 · verse 21
Acts 26:21 in Hindi
इन बातों के कारण यहूदी मुझे मन्दिर में पकड़के मार डालने का यत्न करते थे।
In baatom ke kaaran yahoodee mujhe mandir mem pakadake maar daalane kaa yatn karate the.
Acts 26:21 in English
- King James Version (KJV)
- For these causes the Jews caught me in the temple, and went about to kill [me].
- World English Bible (WEB)
- For this reason the Jews seized me in the temple and tried to kill me.
- American Standard Version (ASV)
- For this cause the Jews seized me in the temple, and assayed to kill me.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason, the Jews took me in the Temple, and made an attempt to put me to death.
- Darby Translation (DBY)
- On account of these things the Jews, having seized me in the temple, attempted to lay hands on and destroy me.
- Webster's Bible (WBS)
- For these causes the Jews caught me in the temple, and went about to kill [me] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- because of these things the Jews — having caught me in the temple — were endeavouring to kill [me].
Read in context
- 19सो हे राजा अग्रिप्पा, मैं ने उस स्वर्गीय दर्शन की बात न टाली।
- 20परन्तु पहिले दमिश्क के, फिर यरूशलेम के रहनेवालों को, तब यहूदिया के सारे देश में और अन्यजातियों को समझाता रहा, कि मन फिराओ और परमेश्वर की ओर फिर कर मन फिराव के योग्य काम करो।
- 21इन बातों के कारण यहूदी मुझे मन्दिर में पकड़के मार डालने का यत्न करते थे।
- 22सो परमेश्वर की सहायता से मैं आज तक बना हूं और छोटे बड़े सभी के साम्हने गवाही देता हूं और उन बातों को छोड़ कुछ नहीं कहता, जो भविष्यद्वक्ताओं और मूसा ने भी कहा कि होनेवाली हैं।
- 23कि मसीह को दुख उठाना होगा, और वही सब से पहिले मरे हुओं में से जी उठकर, हमारे लोगों में और अन्यजातियों में ज्योति का प्रचार करेगा।।
Cross references
- Acts 21:30–31 प्रेरितों के काम 21:30–31तब सारे नगर में कोलाहल मच गया, और लोग दौड़कर इकट्ठे हुए, और पौलुस को पकड़कर मन्दिर के बाहर घसीट लाए, और तुरन्त द्वार बन्द किए गए। जब वे उसके मार डालता चाहते थे, तो पलटन के सारदार को सन्देश पहुंचा कि सारे यरूशलेम में कोलाहल मच रहा है।
- Acts 21:27 प्रेरितों के काम 21:27जब वे सात दिन पूरे होने पर थे, तो आसिया के यहूदियों ने पौलुस को मन्दिर में देखकर सब लोगों को उसकाया, और यों चिल्लाकर उस को पकड़ लिया।
- Acts 22:22 प्रेरितों के काम 22:22वे इस बात तक उस की सुनते रहे; तब ऊंचे शब्द से चिल्लाए, कि ऐसे मनुष्य का अन्त करो; उसका जीवित रहता उचित नहीं।
- Acts 23:12–15 प्रेरितों के काम 23:12–15जब दिन हुआ, तो यहूदियों ने एका किया, और शपथ खाई कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खांए या पीएं तो हम पर धिक्कार। जिन्हों ने आपस में यह शपथ खाई थी, वे चालीस जनों के ऊपर थे। उन्होंने महायाजकों और पुरनियों के पास आकर कहा, हम ने यह ठाना है; कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक यदि कुछ चखें भी, तो हम पर धिक्कार पर है। इसलिये अब महासभा समेत पलटन के सरदार को समझाओ, कि उसे तुम्हारे पास ले आए, मानो कि तुम उसके विषय में और भी ठीक जांच करना चाहते हो, और हम उसके पहुंचने से पहिले ही उसे मार डालने के लिये तैयार रहेंगे।
- Acts 25:3 प्रेरितों के काम 25:3और उसे से बिनती करके उसके विरोध में यह बर चाहा, कि वह उसे यरूशलेम में बुलवाए, क्योंकि वे उसे रास्ते ही में मार डालने की घात लगाए हुए थे।