Acts · chapter 27 · verse 20
Acts 27:20 in Hindi
और जब बहुत दिों तक न सूर्य न तारे दिखाई दिए, और बड़ी आंधी चल रही थी, तो अन्त में हमारे बचने की सारी आशा जाती रही।
Aur jab bahut diోm tak na soory na taare dikhaaee die, aur badee aandhee chal rahee thee, to ant mem hamaare bachane kee saaree aashaa jaatee rahee.
Acts 27:20 in English
- King James Version (KJV)
- And when neither sun nor stars in many days appeared, and no small tempest lay on [us], all hope that we should be saved was then taken away.
- World English Bible (WEB)
- When neither sun nor stars shone on us for many days, and no small storm pressed on us, all hope that we would be saved was now taken away.
- American Standard Version (ASV)
- And when neither sun nor stars shone upon [us] for many days, and no small tempest lay on [us], all hope that we should be saved was now taken away.
- Bible in Basic English (BBE)
- And as we had not seen the sun or stars for a long time, and a great storm was on us, all hope of salvation was gone.
- Darby Translation (DBY)
- And neither sun nor stars appearing for many days, and no small storm lying on us, in the end all hope of our being saved was taken away.
- Webster's Bible (WBS)
- And when neither sun nor stars in many days appeared, and no small tempest lay on [us] , all hope that we should be saved was then taken away.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and neither sun nor stars appearing for more days, and not a little tempest lying upon us, thenceforth all hope was taken away of our being saved.
Read in context
- 18और जब हम ने आंधी से बहुत हिचकोले और धक्के खाए, तो दूसरे दिन वे जहाज का माल फेंकने लगे। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया।
- 19और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया।
- 20और जब बहुत दिों तक न सूर्य न तारे दिखाई दिए, और बड़ी आंधी चल रही थी, तो अन्त में हमारे बचने की सारी आशा जाती रही।
- 21जब वे बहुत उपवास कर चुके, तो पौलुस ने उन के बीच में खड़ा होकर कहा; हे लोगो, चाहिए था कि तुम मेरी बात मानकर, क्रेते से न जहाज खोलते और न यह बिपत और हाति उठाते।
- 22परन्तु अब मैं तुम्हें समझाता हूं, कि ढाढ़स बान्धो; क्योंकि तुम में से किसी के प्राण की हानि न होगी, केवल जहाज की।
Cross references
- Matthew 8:24–25 मत्ती 8:24–25और देखो, झील में एक एसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था। तब उन्हों ने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं।
- Matthew 24:29 मत्ती 24:29उन दिनों के क्लेश के बाद तुरन्त सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चान्द का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियां हिलाई जाएंगी।
- Jeremiah 2:25 यिर्मयाह 2:25अपने पांव नंगे और गला सुखाए न रह। परन्तु तू ने कहा, नहीं, ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि मेरा प्रेम दूसरों से लग गया है और मैं उनके पीछे चलती रहूंगी।
- 1 Thessalonians 4:13 1 थिस्सलुनीकियों 4:13हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्हें आशा नहीं।
- Ephesians 2:12 इफिसियों 2:12तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्त्राए की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वररहित थे।
- Exodus 10:21–23 निर्गमन 10:21–23फिर यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ा कि मि देश के ऊपर अन्धकार छा जाए, ऐसा अन्धकार कि टटोला जा सके। तब मूसा ने अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ाया, और सारे मि देश में तीन दिन तक घोर अन्धकार छाया रहा। तीन दिन तक न तो किसी ने किसी को देखा, और न कोई अपने स्थान से उठा; परन्तु सारे इस्राएलियों के घरों में उजियाला रहा।
- Ezekiel 37:11 यहेजकेल 37:11फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, ये हडि्डयां इस्राएल के सारे घराने की उपमा हैं। वे कहत हैं, हमारी हडि्डयां सूख गई, और हमारी आशा जाती रही; हम पूरी रीति से कट चूके हैं।
- Isaiah 57:10 यशायाह 57:10तू अपनी यात्रा की लम्बाई के कारण थक गई, तौभी तू ने न कहा कि यह व्यर्थ है; तेरा बल कुछ अधिक हो गया, इसी कारण तू नहीं थकी।।
- Jonah 1:11–14 योना 1:11–14तब उन्हों ने उस से पूछा, हम तेरे साथ क्या करें जिस से समुद्र शान्त हो जाए? उस समय समुद्र की लहरें बढ़ती ही जाती थीं। उस ने उन से कहा, मुझे उठाकर समुद्र में फेंक दो; तब समुद्र शान्त पड़ जाएगा; क्योंकि मैं जानता हूं, कि यह भारी आंधी तुम्हारे ऊपर मेरे ही कारण आई है। तौभी वे बड़े यत्न से खेते रहे कि उसको किनारे पर लगाएं, परन्तु पहुंच न सके, क्योंकि समुद्र की लहरें उनके विरूद्ध बढ़ती ही जाती थीं। तब उन्हों ने यहोवा को पुकारकर कहा, हे यहोवा हम बिनती करते ळें, कि इस पुरूष के प्राण की सन्ती हमारा नाश न हो, और न हमें निर्दोष की हत्या का दोषी ठहरा; क्योंकि हे हयोवा, जो कुछ तेरी इच्छा थी वही तू ने किया है।
- Jonah 1:4 योना 1:4तब यहोवा ने समुद्र में एक प्रचण्ड आंधी चलाई, और समुद्र में बड़ी आंधी उठी, यहां तक कि जहाज टूटने पर था।
- 2 Corinthians 11:25 2 कुरिन्थियों 11:25तीन बार मैं ने बेंतेें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक राज दिन मैं ने समुद्र में काटा।
- Psalm 107:25–27 भजन संहिता 107:25–27क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठकर तरंगों को उठाती है। वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता; वे चक्कर खाते, और मतवाले की नाई लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- neither · G3383μήτε mḗte
- sun · G2246ἥλιος hḗlios
- nor · G3383μήτε mḗte
- stars · G798ἄστρον ástron
- in · G1909ἐπί epí
- many · G4119πλείων pleíōn
- days · G2250ἡμέρα hēméra
- appeared · G2014ἐπιφαίνω epiphaínō
- and · G5037τέ té
- no · G3756οὐ ou
- small · G3641ὀλίγος olígos
- tempest · G5494χειμών cheimṓn
- on · G1945ἐπίκειμαι epíkeimai
- all · G3956πᾶς pâs
- hope · G1680ἐλπίς elpís
- we · G2248ἡμᾶς hēmâs
- saved · G4982σώζω sṓzō
- was · G4014περιαιρέω periairéō
- then · G3063λοιπόν loipón
- away · G4014περιαιρέω periairéō