Acts · chapter 3 · verse 14
Acts 3:14 in Hindi
तुम ने उस पवित्रा और धर्मी का इन्कार किया, और बिनती की, कि एक हत्यारे को तुम्हारे लिये छोड़ दिया जाए।
Tum ne us pavitraa aur dharmee kaa inkaar kiyaa, aur binatee kee, ki ek hatyaare ko tumhaare liye chhod diyaa jaae.
Acts 3:14 in English
- King James Version (KJV)
- But ye denied the Holy One and the Just, and desired a murderer to be granted unto you;
- World English Bible (WEB)
- But you denied the Holy and Righteous One and asked for a murderer to be granted to you,
- American Standard Version (ASV)
- But ye denied the Holy and Righteous One, and asked for a murderer to be granted unto you,
- Bible in Basic English (BBE)
- But you would have nothing to do with the Holy and Upright One, and made request for a man of blood to be given to you,
- Darby Translation (DBY)
- But ye denied the holy and righteous one, and asked that a man [that was] a murderer should be granted to you;
- Webster's Bible (WBS)
- But ye denied the Holy One, and the Just, and desired a murderer to be granted to you,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and ye the Holy and Righteous One did deny, and desired a man — a murderer — to be granted to you,
Read in context
- 12यह देखकर पतरस ने लोगों से कहा; हे इस्त्राएलियों, तुम इस मनुष्य पर क्यों अचम्भा करते हो, और हमारी ओर क्यों इस प्रकार देख रहे हो, कि मानो हम ही ने अपनी सामर्थ या भक्ति से इसे चलना- फिरता कर दिया।
- 13इब्राहीम और इसहाक और याकूब के परमेश्वर, हमारे बापदादों के परमेश्वर ने अपने सेवक यीशु की महिमा की, जिसे तुम ने पकड़वा दिया, और जब पीलातुस ने उसे छोड़ देने का विचार किया, तब तुम ने उसके साम्हने उसका इन्कार किया।
- 14तुम ने उस पवित्रा और धर्मी का इन्कार किया, और बिनती की, कि एक हत्यारे को तुम्हारे लिये छोड़ दिया जाए।
- 15और तुम ने जीवन के कर्त्ता को मार डाला, जिसे परमेश्वर ने मरे हुओं में से जिलाया; और इस बात के हम गवाह हैं।
- 16और उसी के नाम ने, उस विश्वास के द्वारा जो उसके नाम पर है, इस मनुष्य को जिसे तुम देखते हो और जानते भी हो सामर्थ दी है; और निश्चय उसी विश्वास ने जो उसके द्वारा है, इस को तुम सब के साम्हने बिलकुल भला चंगा कर दिया है।
Cross references
- Mark 1:24 मरकुस 1:24उस ने चिल्लाकर कहा, हे यीशु नासरी, हमें तुझ से क्या काम? क्या तू हमें नाश करने आया है? मैं तुझे जानता हूं, तू कौन है? परमेश्वर का पवित्रा जन!
- Acts 7:52 प्रेरितों के काम 7:52भविष्यद्वक्ताओं में से किस को तुम्हारे बाप दादों ने नहीं सताया, और उन्होंने उस धर्मी के आगमन का पूर्वकाल से सन्देश देने वालों को मार डाला, और अब तुम भी उसके पकड़वाने वाले और मार डालने वाले हुए।
- 1 Peter 3:18 1 पतरस 3:18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- Acts 4:27 प्रेरितों के काम 4:27क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए।
- James 5:6 याकूब 5:6तुम ने धर्मी को दोषी ठहरा कर मार डाला; वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता॥
- Zechariah 9:9 जकर्याह 9:9हे सिरयोन बहुत ही मगन हो। हे यरूशलेम जयजयकार कर! क्योंकि तेरा राजा तेरे पास आएगा; वह धर्मी और उद्धार पाया हुआ है, वह दीन है, और गदहे पर वरन गदही के बच्चे पर चढ़ा हुआ आएगा।
- Luke 23:18–19 लूका 23:18–19तब सब मिलकर चिल्ला उठे, कि इस का काम तमाम कर, और हमारे लिये बरअब्बा को छोड़ दे। यही किसी बलवे के कारण जो नगर में हुआ था, और हत्या के कारण बन्दीगृह में डाला गया था।
- Acts 22:14 प्रेरितों के काम 22:14तब उस ने कहा; हमारे बापदादों के परमेश्वर ने तुझे इसलिये ठहराया है, कि तू उस की इच्छा को जाने, और उस धर्मी को देखे, और उसके मुंह से बातें सुने।
- Luke 23:25 लूका 23:25और उस ने उस मनुष्य को जो बलवे और हत्या के कारण बन्दीगृह में डाला गया था, और जिसे वे मांगते थे, छोड़ दिया; और यीशु को उन की इच्छा के अनुसार सौंप दिया।।
- Acts 2:27 प्रेरितों के काम 2:27क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्रा जन को सड़ने ही देगा!
- Revelation 3:7 प्रकाशितवाक्य 3:7और फिलेदिलफिया की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो पवित्रा और सत्य है, और जो दाऊद की कुंजी रखता है, जिस के खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता और बन्द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता, वह यह कहता है, कि।
- 2 Corinthians 5:21 2 कुरिन्थियों 5:21जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।