Acts · chapter 4 · verse 32
Acts 4:32 in Hindi
और विश्वास करनेवालों की मण्डली एक चित्त और एक मन के थे यहां तक कि कोई भी अपनी सम्पति अपनी नहीं कहता था, परन्तु सब कुछ साझे का था।
Aur vishvaas karanevaalom kee mandalee ek chitt aur ek man ke the yahaam tak ki koee bhee apanee sampati apanee naheem kahataa thaa, parantu sab kuchh saajhe kaa thaa.
Acts 4:32 in English
- King James Version (KJV)
- And the multitude of them that believed were of one heart and of one soul: neither said any [of them] that ought of the things which he possessed was his own; but they had all things common.
- World English Bible (WEB)
- The multitude of those who believed were of one heart and soul. Not one of them claimed that anything of the things which he possessed was his own, but they had all things in common.
- American Standard Version (ASV)
- And the multitude of them that believed were of one heart and soul: and not one [of them] said that aught of the things which he possessed was his own; but they had all things common.
- Bible in Basic English (BBE)
- And all those who were of the faith were one in heart and soul: and not one of them said that any of the things which he had was his property only; but they had all things in common.
- Darby Translation (DBY)
- And the heart and soul of the multitude of those that had believed were one, and not one said that anything of what he possessed was his own, but all things were common to them;
- Webster's Bible (WBS)
- And the multitude of them that believed were of one heart, and of one soul: neither said any [of them] that aught of the things which he possessed was his own; but they had all things common.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and of the multitude of those who did believe the heart and the soul was one, and not one was saying that anything of the things he had was his own, but all things were to them in common.
Read in context
- 30और चंगा करने के लिये तू अपना हाथ बढ़ा; कि चिन्ह और अद्भुत काम तेरे पवित्रा सेवक यीशु के नाम से किए जाएं।
- 31जब वे प्रार्थना कर चुके, तो वह स्थान जहां वे इकट्ठे थे हिल गया, और वे सब पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो गए, और परमेश्वर का वचन हियाव से सुनाते रहे।।
- 32और विश्वास करनेवालों की मण्डली एक चित्त और एक मन के थे यहां तक कि कोई भी अपनी सम्पति अपनी नहीं कहता था, परन्तु सब कुछ साझे का था।
- 33और प्ररित बड़ी सामर्थ से प्रभु यीशु के जी उठने की गवाही देते रहे और उन सब पर बड़ा अनुग्रह था।
- 34और उन में कोई भी दरिद्र न था, क्योंकि जिन के पास भूमि या घर थे, वे उन को बेच बेचकर, बिकी हुई वस्तुओं का दाम लाते, और उसे प्ररितों के पांवों पर रखते थे।
Cross references
- 1 Corinthians 1:10 1 कुरिन्थियों 1:10हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो।
- Ephesians 4:2–6 इफिसियों 4:2–6अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे को सह लो। और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्न करो। एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है। एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा। और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में, और सब में है।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- John 17:21–23 यूहन्ना 17:21–23जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा। और वह महिमा जो तू ने मुझे दी, मैं ने उन्हें दी है कि वे वैसे ही एक हों जैसे की हम एक हैं। मैं उन में और तू मुझ में कि वे सिद्ध होकर एक हो जाएं, और जगत जाने कि तू ही ने मुझे भेजा, और जैसा तू ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही उन से प्रेम रखा।
- Philippians 2:1–2 फिलिप्पियों 2:1–2सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
- 2 Corinthians 13:11 2 कुरिन्थियों 13:11निदान, हे भाइयो, आनन्दित रहो; सिद्ध बनते जाओ; ढाढ़स रखो; एक ही मन रखो; मेल से रहो, और प्रेम और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हारे साथ होगा।
- 1 Corinthians 12:12–14 1 कुरिन्थियों 12:12–14क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है। क्योंकि हम सब ने क्या यहूदी हो, क्या युनानी, क्या दास, क्या स्वतंत्रा एक ही आत्मा के द्वारा एक देह होने के लिये बपतिस्मा लिया, और हम एक को एक ही आत्मा पिलाया गया। इसलिये कि देह में एक ही अंग नहीं, परन्तु बहुत से हैं।
- Acts 2:44–46 प्रेरितों के काम 2:44–46और वे सब विश्वास करनेवाले इकट्ठे रहते थे, और उन की सब वस्तुएं साझे की थी। और वे अपनी अपनी सम्पत्ति और सामान बेच बेचकर जैसी जिस की आवश्यकता होती थी बांट दिया करते थे। और वे प्रति दिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे।
- Romans 15:5–6 रोमियों 15:5–6और धीरज, और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हें यह बरदान दे, कि मसीह यीशु के अनुसार आपस में एक मन रहो। ताकि तुम एक मन औश्र एक मुंह होकर हमारे प्रभु यीशु मसीह कि पिता परमेश्वर की बड़ाई करो।
- Jeremiah 32:39 यिर्मयाह 32:39मैं उन को एक ही मन और एक ही चाल कर दूंगा कि वे सदा मेरा भय मानते रहें, जिस से उनका और उनके बाद उनके वंश का भी भला हो।
- Ezekiel 11:19–20 यहेजकेल 11:19–20और मैं उनका हृदय एक कर दूंगा; और उनके भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा, और उनकी देह में से पत्थर का सा हृदय निकालकर उन्हें मांस का हृदय दूंगा, जिस से वे मेरी विधियों पर नित चला करें और मेरे नियमों को मानें; और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा।
- Acts 2:1 प्रेरितों के काम 2:1जब पिन्तेकुस का दिन आया, तो वे सब एक जगह इकट्ठे थे।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- multitude · G4128πλῆθος plēthos
- them · G4100πιστεύω pisteúō
- that · G3588ὁ ho
- believed · G4100πιστεύω pisteúō
- were · G2258ἦν ēn
- of · G2588καρδία kardía
- one · G1520εἷς heîs
- heart · G2588καρδία kardía
- and · G2532καί kaí
- of · G5590ψυχή psychḗ
- one · G2532καί kaí
- soul · G5590ψυχή psychḗ
- neither · G3761οὐδέ oudé
- said · G3004λέγω légō
- any · G5100τὶς tìs
- that · G3588ὁ ho
- possessed · G5224ὑπάρχοντα hypárchonta
- was · G1511εἶναι eînai
- his · G846αὐτός autós
- own · G2398ἴδιος ídios
- but · G235ἀλλά allá
- they · G846αὐτός autós
- had · G2258ἦν ēn
- things · G537ἅπας hápas
- common · G2839κοινός koinós