John · chapter 17 · verse 21
John 17:21 in Hindi
जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा।
Jaisaa too he pitaa mujh mem haim, aur maim tujh mem hoom, vaise hee ve bhee ham mem hom, isaliye ki jagat prateeti kare, ki too hee ne mujhe bhejaa.
John 17:21 in English
- King James Version (KJV)
- That they all may be one; as thou, Father, [art] in me, and I in thee, that they also may be one in us: that the world may believe that thou hast sent me.
- World English Bible (WEB)
- that they may all be one; even as you, Father, are in me, and I in you, that they also may be one in us; that the world may believe that you sent me.
- American Standard Version (ASV)
- that they may all be one; even as thou, Father, [art] in me, and I in thee, that they also may be in us: that the world may believe that thou didst send me.
- Bible in Basic English (BBE)
- May they all be one! Even as you, Father, are in me and I am in you, so let them be in us, so that all men may come to have faith that you sent me.
- Darby Translation (DBY)
- that they may be all one, as thou, Father, [art] in me, and I in thee, that they also may be one in us, that the world may believe that thou hast sent me.
- Webster's Bible (WBS)
- That they all may be one; as thou, Father, [art] in me, and I in thee, that they also may be one in us: that the world may believe that thou hast sent me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- that they all may be one, as Thou Father [art] in me, and I in Thee; that they also in us may be one, that the world may believe that Thou didst send me.
Read in context
- 19और उन के लिये मैं अपने आप को पवित्रा करता हूं ताकि वे भी सत्य के द्वारा पवित्रा किए जाएं।
- 20मैं केवल इन्हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों।
- 21जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा।
- 22और वह महिमा जो तू ने मुझे दी, मैं ने उन्हें दी है कि वे वैसे ही एक हों जैसे की हम एक हैं।
- 23मैं उन में और तू मुझ में कि वे सिद्ध होकर एक हो जाएं, और जगत जाने कि तू ही ने मुझे भेजा, और जैसा तू ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही उन से प्रेम रखा।
Cross references
- 1 Corinthians 12:12 1 कुरिन्थियों 12:12क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है।
- Colossians 3:11–14 कुलुस्सियों 3:11–14उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारहित, न जंगली, न स्कूती, न दास और न स्वतंत्रा: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।। इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्ध है बान्ध लो।
- John 17:11 यूहन्ना 17:11मैं आगे को जगत में न रहूंगा, परन्तु ये जगत में रहेंगे, और मैं तेरे पास आता हूं; हे पवित्रा पिता, अपने उस नाम से जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा कर, कि वे हमारी नाई एक हों।
- 1 Corinthians 12:25–27 1 कुरिन्थियों 12:25–27ताकि देह में फूट न पड़े, परन्तु अंग एक दूसरे की बराबर चिन्ता करें। इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं। इसी प्रकार तुम सब मिलकर मसीह की देह हो, और अलग अलग उसके अंग हो।
- Philippians 1:27 फिलिप्पियों 1:27केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल- चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त होकर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
- John 13:35 यूहन्ना 13:35यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।।
- John 10:30 यूहन्ना 10:30मैं और पिता एक हैं।
- John 17:22–23 यूहन्ना 17:22–23और वह महिमा जो तू ने मुझे दी, मैं ने उन्हें दी है कि वे वैसे ही एक हों जैसे की हम एक हैं। मैं उन में और तू मुझ में कि वे सिद्ध होकर एक हो जाएं, और जगत जाने कि तू ही ने मुझे भेजा, और जैसा तू ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही उन से प्रेम रखा।
- Acts 4:32 प्रेरितों के काम 4:32और विश्वास करनेवालों की मण्डली एक चित्त और एक मन के थे यहां तक कि कोई भी अपनी सम्पति अपनी नहीं कहता था, परन्तु सब कुछ साझे का था।
- Romans 12:5 रोमियों 12:5वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह होकर आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
- Zechariah 14:9 जकर्याह 14:9तब यहोवा सारी पृथ्वी का राजा होगा; और उस समय एक ही यहोवा और उसका नाम भी एक ही माना जाएगा।।
- Philippians 2:1–6 फिलिप्पियों 2:1–6सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिस ने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।