Philippians · chapter 2 · verse 1
Philippians 2:1 in Hindi
सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
So yadi maseeh mem kuchh shaanti aur prem se dhaadhas aur aatmaa kee sahabhaagitaa, aur kuchh karoonaa aur dayaa hai.
Philippians 2:1 in English
- King James Version (KJV)
- If [there be] therefore any consolation in Christ, if any comfort of love, if any fellowship of the Spirit, if any bowels and mercies,
- World English Bible (WEB)
- If therefore there is any exhortation in Christ, if any consolation of love, if any fellowship of the Spirit, if any tender mercies and compassion,
- American Standard Version (ASV)
- If there is therefore any exhortation in Christ, if any consolation of love, if any fellowship of the Spirit, if any tender mercies and compassions,
- Bible in Basic English (BBE)
- If then there is any comfort in Christ, any help given by love, any uniting of hearts in the Spirit, any loving mercies and pity,
- Darby Translation (DBY)
- If then [there be] any comfort in Christ, if any consolation of love, if any fellowship of [the] Spirit, if any bowels and compassions,
- Webster's Bible (WBS)
- If [there is] therefore any consolation in Christ, if any comfort of love, if any fellowship of the Spirit, if any bowels and mercies,
- Young's Literal Translation (YLT)
- If, then, any exhortation [is] in Christ, if any comfort of love, if any fellowship of spirit, if any bowels and mercies,
Read in context
- 1सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
- 2तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
- 3विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
Cross references
- Colossians 3:12 कुलुस्सियों 3:12इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
- 1 John 4:12 1 यूहन्ना 4:12परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
- 1 John 4:7–8 1 यूहन्ना 4:7–8हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है। जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
- 2 Corinthians 13:14 2 कुरिन्थियों 13:14प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह और परमेश्वर का प्रेम और पवित्रा आत्मा की सहभागिता तुम सब के साथ होती रहे।।
- Psalm 133:1 भजन संहिता 133:1देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!
- Colossians 2:2 कुलुस्सियों 2:2ताकि उन के मनों में शान्ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात् मसीह को पहिचान लें।
- 1 Corinthians 12:13 1 कुरिन्थियों 12:13क्योंकि हम सब ने क्या यहूदी हो, क्या युनानी, क्या दास, क्या स्वतंत्रा एक ही आत्मा के द्वारा एक देह होने के लिये बपतिस्मा लिया, और हम एक को एक ही आत्मा पिलाया गया।
- Ephesians 2:18–22 इफिसियों 2:18–22क्योंकि उस ही के द्वारा हम दानों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्रा लोगों के संगी स्वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिस के कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्रा मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवासस्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Galatians 4:6 गलातियों 4:6और तुम जो पुत्रा हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्रा के आत्मा को, जो हे अब्बा, हे पिता कहकर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है।
- Ephesians 4:30–32 इफिसियों 4:30–32और परमेश्वर के पवित्रा आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- 1 John 3:24 1 यूहन्ना 3:24और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह इस में, और यह उस में बना रहता है: और इसी से, अर्थात् उस आत्मा से जो उस ने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।।
Original words (Greek)
- If · G1487εἰ ei
- therefore · G3767οὖν oûn
- any · G5100τὶς tìs
- consolation · G3874παράκλησις paráklēsis
- in · G1722ἐν en
- Christ · G5547Χριστός Christós
- if · G1487εἰ ei
- any · G5100τὶς tìs
- comfort · G3890παραμύθιον paramýthion
- love · G26ἀγάπη agápē
- if · G1487εἰ ei
- any · G5100τὶς tìs
- fellowship · G2842κοινωνία koinōnía
- Spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- if · G1487εἰ ei
- any · G5100τὶς tìs
- bowels · G4698σπλάγχνον splánchnon
- and · G2532καί kaí
- mercies · G3628οἰκτιρμός oiktirmós