Acts · chapter 7 · verse 48
Acts 7:48 in Hindi
परन्तु परमप्रधान हाथ के बनाए घरों में नहीं रहता, जैसा कि भविष्यद्वक्ता ने कहा।
Parantu paramapradhaan haath ke banaae gharom mem naheem rahataa, jaisaa ki bhavishyadvaktaa ne kahaa.
Acts 7:48 in English
- King James Version (KJV)
- Howbeit the most High dwelleth not in temples made with hands; as saith the prophet,
- World English Bible (WEB)
- However, the Most High doesn’t dwell in temples made with hands, as the prophet says,
- American Standard Version (ASV)
- Howbeit the Most High dwelleth not in [houses] made with hands; as saith the prophet,
- Bible in Basic English (BBE)
- But still, the Most High has not his resting-place in houses made with hands, as the prophet says,
- Darby Translation (DBY)
- But the Most High dwells not in [places] made with hands; as says the prophet,
- Webster's Bible (WBS)
- Yet, the Most High dwelleth not in temples made with hands, as saith the prophet,
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'But the Most High in sanctuaries made with hands doth not dwell, according as the prophet saith:
Read in context
- 46उस पर परमेश्वर ने अनुग्रह किया, सो उस ने बिनती की, कि मैं याकूब के परमेश्वर के लिये निवास स्थान ठहराऊं।
- 47परन्तु सुलैमान ने उसके लिये घर बनाया।
- 48परन्तु परमप्रधान हाथ के बनाए घरों में नहीं रहता, जैसा कि भविष्यद्वक्ता ने कहा।
- 49कि प्रभु कहता है, स्वर्ग मेरा सिहांसन और पृथ्वी मेरे पांवों तले की पीढ़ी है, मेरे लिये तुम किस प्रकार का घर बनाओगे और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा
- 50क्या ये सब वस्तुएं मेरे हाथ की बनाईं नहीं? हे हठीले, और मन और कान के खतनारिहत लोगो, तुम सदा पवित्र आत्मा का साम्हना करते हो।
Cross references
- Acts 17:24–25 प्रेरितों के काम 17:24–25जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्दिरों में नहीं रहता। न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्वास और सब कुछ देता है।
- Isaiah 66:1–2 यशायाह 66:1–2यहोवा यों कहता है, आकाश मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे चरणों की चौकी है; तुम मेरे लिये कैसा भवन बनाओगे, और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा? यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएं मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, सो ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूंगा जो दीन और खेदित मन का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो॥
- 1 Kings 8:27 1 राजा 8:27क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में क्योंकर समाएगा।
- 2 Chronicles 2:5–6 2 इतिहास 2:5–6और जो भवन मैं बनाने पर हूं, वह महान होगा; क्योंकि हमारा परमेश्वर सब देवताओं में महान है। परन्तु किस की इतनी शक्ति है, कि उसके लिये भवन बनाए, वह तो स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी नहीं समाता? मैं क्या हूँ कि उसके साम्हने धूप जलाने को छोड़ और किसी मनसा से उसका भवन बनाऊं?
- 2 Chronicles 6:18 2 इतिहास 6:18परन्तु क्या परमेश्वर सचमुच मनुष्यों के संग पृथ्वी पर वास करेगा? स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में तू क्योंकर समाएगा?
- Psalm 91:9 भजन संहिता 91:9हे यहोवा, तू मेरा शरणस्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है,
- Psalm 91:1 भजन संहिता 91:1जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
- Daniel 4:17 दानिय्येल 4:17यह आज्ञा पहरूओं के निर्णय से, और यह बात पवित्रा लोगों के वचन से निकली, कि जो जीवित हैं वे जान लें कि परमप्रधान परमशॆवर मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है, और उसको जिसे चाहे उसे दे देता है, और वह छोटे से छोटे मनुष्य को भी उस पर नियुक्त कर देता है।
- Psalm 92:8 भजन संहिता 92:8परन्तु हे यहोवा, तू सदा विराजमान रहेगा।
- Daniel 4:24–25 दानिय्येल 4:24–25हे राजा, इसका फल जो परमप्रधान ने ठाना है कि राजा पर घटे, वह यह है, कि तू मनुष्यों के बीच से निकाला जाएगा, और मैदान के पशुओं के संग रहेगा; तू बैलों की नाई घास चरेगा; और सात युग तुझ पर बीतेंगे, जब तक कि तू न जान ले कि मनुष्यों के राज्य में परमप्रधान ही प्रभुता करता है, और जिसे चाहे वह उसे दे देता है।
- Psalm 7:17 भजन संहिता 7:17मैं यहोवा के धर्म के अनुसार उसका धन्यवाद करूंगा, और परमप्रधान यहोवा के नाम का भजन गाऊंगा।।
- Daniel 4:34 दानिय्येल 4:34उन दिनों के बीतने पर, मुझ नबूकदनेस्सर ने अपनी आंखें स्वर्ग की ओर उठाईं, और मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; तब मैं ने परमप्रधान को धन्य कहा, और जो सदा जीवित है उसकी स्तुति और महिमा यह कहकर करने लगा: उसकी प्रभुता सदा की है और उसका राज्य पीढ़ी से पीढ़ी तब बना रहनेवाला है।