Psalms · chapter 91 · verse 1
Psalm 91:1 in Hindi
जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
Jo paramapradhaan ke chhaae hue sthaan mem baithaa rahe, vah sarvashaktimaan kee chhaayaa mem thikaanaa paaegaa.
Psalm 91:1 in English
- King James Version (KJV)
- He that dwelleth in the secret place of the most High shall abide under the shadow of the Almighty.
- World English Bible (WEB)
- He who dwells in the secret place of the Most High will rest in the shadow of the Almighty.
- American Standard Version (ASV)
- He that dwelleth in the secret place of the Most High Shall abide under the shadow of the Almighty.
- Bible in Basic English (BBE)
- Happy is he whose resting-place is in the secret of the Lord, and under the shade of the wings of the Most High;
- Darby Translation (DBY)
- He that dwelleth in the secret place of the Most High shall abide under the shadow of the Almighty.
- Webster's Bible (WBS)
- He that dwelleth in the secret place of the Most High shall abide under the shadow of the Almighty.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He who is dwelling In the secret place of the Most High, In the shade of the Mighty lodgeth habitually,
Read in context
- 1जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
- 2मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा।
- 3वह तो मुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा;
Cross references
- Psalm 32:7 भजन संहिता 32:7तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।।
- Psalm 27:5 भजन संहिता 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Psalm 36:7 भजन संहिता 36:7हे परमेश्वर तेरी करूणा, कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं।
- Psalm 17:8 भजन संहिता 17:8अपने आंखो की पुतली की नाई सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख,
- 1 John 4:15–16 1 यूहन्ना 4:15–16जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्रा है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में। और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उस को हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
- Psalm 31:20 भजन संहिता 31:20तू उन्हें दर्शन देने के गुप्तस्थान में मनुष्यों की बुरी गोष्ठी से गुप्त रखेगा; तू उनको अपने मण्डप में झगड़े- रगड़े से छिपा रखेगा।।
- Isaiah 25:4 यशायाह 25:4क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
- Psalm 61:3–4 भजन संहिता 61:3–4क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है।। मै तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा।
- Psalm 121:5 भजन संहिता 121:5यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दहिनी ओर तेरी आड़ है।
- Isaiah 32:2 यशायाह 32:2हर एक मानो आंधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरनेे, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।
- Psalm 90:1 भजन संहिता 90:1हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है।
- Psalm 57:1 भजन संहिता 57:1हे परमेश्वर, मुझ पर अनुग्रह कर, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूं; और जब तक ये आपत्तियां निकल न जाएं, तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिए रहूंगा।