Acts · chapter 8 · verse 13
Acts 8:13 in Hindi
तब शमौन ने आप भी प्रतीति की और बपतिस्मा लेकर फिलिप्पुस के साथ रहने लगा और चिन्ह और बड़े बड़े सामर्थ के काम होते देखकर चकित होता था।
Tab shamaun ne aap bhee prateeti kee aur bapatismaa lekar philippus ke saath rahane lagaa aur chinh aur bade bade saamarth ke kaam hote dekhakar chakit hotaa thaa.
Acts 8:13 in English
- King James Version (KJV)
- Then Simon himself believed also: and when he was baptized, he continued with Philip, and wondered, beholding the miracles and signs which were done.
- World English Bible (WEB)
- Simon himself also believed. Being baptized, he continued with Philip. Seeing signs and great miracles occurring, he was amazed.
- American Standard Version (ASV)
- And Simon also himself believed: and being baptized, he continued with Philip; and beholding signs and great miracles wrought, he was amazed.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Simon himself had faith and, having had baptism, he went with Philip and, seeing the signs and the great wonders which he did, he was full of surprise.
- Darby Translation (DBY)
- And Simon also himself believed; and, having been baptised, continued constantly with Philip; and, beholding the signs and great works of power which took place, was astonished.
- Webster's Bible (WBS)
- Then Simon himself believed also: and when he was baptized, he continued with Philip, and wondered, beholding the miracles and signs which were done.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Simon also himself did believe, and, having been baptized, he was continuing with Philip, beholding also signs and mighty acts being done, he was amazed.
Read in context
- 11उस ने बहुत दिनों से उन्हें अपने टोने के कामों से चकित कर रखा था, इसी लिये वे उस को बहुत मानते थे।
- 12परन्तु जब उन्हों ने फिलिप्पुस की प्रतीति की जो परमेश्वर के राज्य और यीशु के नाम का सुसमाचार सुनाता था तो लोग, क्या पुरूष, क्या स्त्री बपतिस्मा लेने लगे।
- 13तब शमौन ने आप भी प्रतीति की और बपतिस्मा लेकर फिलिप्पुस के साथ रहने लगा और चिन्ह और बड़े बड़े सामर्थ के काम होते देखकर चकित होता था।
- 14जब प्ररितों ने जो यरूशलेम में थे सुना कि सामरियों ने परमेश्वर का वचन मान लिया है तो पतरस और यूहन्ना को उन के पास भेजा।
- 15और उन्हों ने जाकर उन के लिये प्रार्थना की कि पवित्रा आत्मा पाएं।
Cross references
- John 5:20 यूहन्ना 5:20क्योंकि पिता पुत्रा से प्रीति रखता है और जो जो काम वह आप करता है, वह सब उसे दिखाता है; और वह इन से भी बड़े काम उसे दिखाएगा, ताकि तुम अचम्भा करो।
- Acts 19:11 प्रेरितों के काम 19:11और परमेश्वर पौलुस के हाथों से सामर्थ के अनोखे काम दिखाता था।
- Acts 8:6–7 प्रेरितों के काम 8:6–7और जो बातें फिलिप्पुस ने कहीं उन्हें लोगों ने सुनकर और जो चिन्ह वह दिखाता था उन्हें देख देखकर, एक चित्त होकर मन लगाया। क्योंकि बहुतों में से अशुद्ध आत्माएं बड़े शब्द से चिल्लाती हुई निकल गई, और बहुत से झोले के मारे हुए और लंगडे भी अच्छे किए गए।
- John 8:30–31 यूहन्ना 8:30–31वह ये बातें कह ही रहा था, कि बहुतेरों ने उस पर विश्वास किया।। तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे।
- Psalm 106:12–13 भजन संहिता 106:12–13तब उनहों ने उसके वचनों का विश्वास किया; और उसकी स्तुति गाने लगे।। परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
- Acts 13:44 प्रेरितों के काम 13:44अगले सब्त के दिन नगर के प्राय: सब लोग परमेश्वर का वचन सुनने को इकट्ठे हो गए।
- John 2:23–25 यूहन्ना 2:23–25जब वह यरूशलेम में फसह के समय पर्ब्ब में था, तो बहुतों ने उन चिन्हों को जो वह दिखाता था देखकर उसके नाम पर विश्वास किया। परन्तु यीशु ने अपने आप को उन के भरोसे पर नहीं छोड़ा, क्योंकि वह सब को जानता था। और उसे प्रयोजन न था, कि मनुष्य के विषय में कोई गवाही दे, क्योंकि वह आप जानता था, कि मनुष्य के मन में क्या है?
- John 7:21 यूहन्ना 7:21यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं ने एक काम किया, और तुम सब अचम्भा करते हो।
- Luke 8:13 लूका 8:13चट्टान पर के वे हैं, कि जब सुनते हैं, तो आनन्द से वचन को ग्रहण तो करते हैं, परन्तु जड़ न पकड़ने से वे थोड़ी देर तक विश्वास रखते हैं, और परीक्षा के समय बहक जाते हैं।
- Mark 16:17 मरकुस 16:17और विश्वास करने वालों में ये चिन्ह होंगे कि वे मेरे नाम से दुष्टात्माओं को निकालेंगे।
- James 2:19–26 याकूब 2:19–26तुझे विश्वास है कि एक ही परमेश्वर है: तू अच्छा करता है: दुष्टात्मा भी विश्वास रखते, और थरथराते हैं। पर हे निकम्मे मनुष्य क्या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है? जब हमारे पिता इब्राहीम ने अपने पुत्रा इसहाक को वेदी पर चढ़ाया, तो क्या वह कर्मो से धार्मिक न ठहरा था। सो तू ने देख लिया कि विश्वास ने उस के कामों के साथ मिलकर प्रभाव डाला है और कर्मो से विश्वास सिद्ध हुआ। और पवित्रा शास्त्रा का यह वचन पूरा हुआ, कि इब्राहीम ने परमेश्वर की प्रतीति की, और यह उसके लिये धर्म गिना गया, और वह परमेश्वर का मित्रा कहलाया। सो तुम ने देख लिया कि मनुष्य केवल विश्वास से ही नहीं, बरन कर्मों से भी धर्मी ठहरता है। वैसे ही राहाब वेश्या भी जब उस ने दूतों को अपने घर में उतारा, और दूसरे मार्ग से विदा किया, तो क्या कर्मों से धार्मिक न ठहरी? निदान, जैसे देह आत्मा बिना मरी हुई है वैसा ही विश्वास भी कर्म बिना मरा हुआ है।।
- Psalm 78:35–37 भजन संहिता 78:35–37और उनको स्मरण होता था कि परमेश्वर हमारी चट्टान है, और परमप्रधान ईश्वर हमारा छुड़ानेवाला है। तौभी उन्हों ने उस से चापलूसी की; वे उस से झूठ बोले। क्योंकि उनका ह्यदय उसकी ओर दृढ़ न था; न वे उसकी वाचा के विषय सच्चे थे।
Original words (Greek)
- Then · G1161δέ dé
- Simon · G4613Σίμων Símōn
- himself · G846αὐτός autós
- believed · G4100πιστεύω pisteúō
- also · G2532καί kaí
- and · G2532καί kaí
- was · G2258ἦν ēn
- baptized · G907βαπτίζω baptízō
- continued · G4342προσκαρτερέω proskarteréō
- Philip · G5376Φίλιππος Phílippos
- and · G5037τέ té
- wondered · G1839ἐξίστημι exístēmi
- beholding · G2334θεωρέω theōréō
- miracles · G1411δύναμις dýnamis
- and · G2532καί kaí
- signs · G4592σημεῖον sēmeîon
- done · G1096γίνομαι gínomai