Acts · chapter 8 · verse 3
Acts 8:3 in Hindi
शाऊल कलीसिया को उजाड़ रहा था; और घर घर घुसकर पुरूषों और स्त्रियों को घसीट घसीटकर बन्दीगृह में डालता था।।
Shaaool kaleesiyaa ko ujaad rahaa thaa; aur ghar ghar ghusakar purooshom aur striyom ko ghaseet ghaseetakar bandeegruh mem daalataa thaa..
Acts 8:3 in English
- King James Version (KJV)
- As for Saul, he made havock of the church, entering into every house, and haling men and women committed [them] to prison.
- World English Bible (WEB)
- But Saul ravaged the assembly, entering into every house and dragged both men and women off to prison.
- American Standard Version (ASV)
- But Saul laid waste the church, entering into every house, and dragging men and women committed them to prison.
- Bible in Basic English (BBE)
- But Saul was burning with hate against the church, going into every house and taking men and women and putting them in prison.
- Darby Translation (DBY)
- But Saul ravaged the assembly, entering into the houses one after another, and dragging off both men and women delivered them up to prison.
- Webster's Bible (WBS)
- As for Saul, he made havoc of the church, entering into every house, and hauling men and women committed [them] to prison.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Saul was making havoc of the assembly, into every house entering, and haling men and women, was giving them up to prison;
Read in context
- 1उसी दिन यरूशलेम की कलीसिया पर बड़ा उपद्रव होने लगा और प्रेरितों को छोड़ सब के सब यहूदिया और सामरिया देशों में तित्तर बित्तर हो गए।
- 2और भक्तों ने स्तिफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया।
- 3शाऊल कलीसिया को उजाड़ रहा था; और घर घर घुसकर पुरूषों और स्त्रियों को घसीट घसीटकर बन्दीगृह में डालता था।।
- 4जो तित्तर बित्तर हुए थे, वे सुसमाचार सुनाते हुए फिरे।
- 5और फिलिप्पुस सामरिया नगर में जाकर लोगों में मसीह का प्रचार करने लगा।
Cross references
- 1 Timothy 1:13 1 तीमुथियुस 1:13मैं तो पहिले निन्दा करनेवाला, और सतानेवाला, और अन्धेर करनेवाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे।
- Galatians 1:13 गलातियों 1:13यहूदी मत में जो पहिले मेरा चाल चलन था, तुम सुन चुके हो; कि मैं परमेश्वर की कलीसिया को बहुत ही सताता और नाश करता था।
- 1 Corinthians 15:9 1 कुरिन्थियों 15:9क्योंकि मैं प्ररितों में सब से छोटा हूं, बरन प्ररित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था।
- Philippians 3:6 फिलिप्पियों 3:6उत्साह के विषय में यदि कहो तो कलीसिया का सतानेवाला; और व्यवस्था की धार्मिकता के विषय में यदि कहो तो निर्दोष था।
- Acts 7:58 प्रेरितों के काम 7:58और उसे नगर के बाहर निकालकर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे।
- Acts 22:19 प्रेरितों के काम 22:19मैं ने कहा; हे प्रभु वे तो आप जानते हैं, कि मैं तुझ पर विश्वास करनेवालों को बन्दीगृह में डालता और जगह जगह आराधनालय में पिटवाता था।
- Acts 9:21 प्रेरितों के काम 9:21और सब सुननेवाले चकित होकर कहने लगे; क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो यरूशलेम में उन्हें जो इस नाम को लेते थे नाश करता था, और यहां भी इसी लिये आया था, कि उन्हों बान्धकर महायाजकों के पास ले आए?
- Acts 26:9–11 प्रेरितों के काम 26:9–11मैं ने भी समझा था कि यीशु नासरी के नाम के विरोध में मुझे बहुत कुछ करना चाहिए। और मैं ने यरूशलेम में ऐसा ही किया; और महायाजकों से अधिकार पाकर बहुत से पवित्रा लोगों को बन्दीगृह में डाल, और जब वे मार डाले जाते थे, तो मैं भी उन के विरोध में अपनी सम्पति देता था। और हर आराधनालय में मैं उन्हें ताड़ना दिला दिलाकर यीशु की निन्दा करवाता था, यहां तक कि क्रोध के मारे ऐसा पागल हो गया, कि बाहर के नगरों में भी जाकर उन्हें सताता था।
- Acts 9:1–13 प्रेरितों के काम 9:1–13और शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और घात करने की धुन में था, महायाजक के पास गया। और उस से दमिश्क की अराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिटि्ठयां मांगी, कि क्या पुरूष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बान्धकर यरूशलेम में ले आए। परन्तु चलते चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुंचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी। और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? उस ने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उस ने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है। परन्तु अब उठकर नगर में जा, और जो कुछ करना है, वह तुझ से कहा जाएगा। जो मनुष्य उसके साथ थे, वे चुपचाप रह गए; क्योंकि शब्द तो सुनते थे, परन्तु किसी को दखते न थे। तब शाऊल भूमि पर से उठा, परन्तु जब आंखे खोलीं तो उसे कुछ दिखाई न दिया और वे उसका हाथ पकड़के दमिश्क में ले गए। और वह तीन दिन तक न देख सका, और न खाया और न पीया। दमिश्क में हनन्याह नाम एक चेला था, उस से प्रभु ने दर्शन में कहा, हे हनन्याह! उस ने कहा; हां प्रभु। तब प्रभु ने उस से कहा, उठकर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है। और उस ने हनन्याह नाम एक पुरूष को भीतर आते, और अपने ऊपर आते देखा है; ताकि फिर से दृष्टि पाए। हनन्याह ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है, कि इस ने यरूशलेम में तेरे पवित्रा लोगों के साथ बड़ी बड़ी बुराईयां की हैं।
- Acts 22:3–4 प्रेरितों के काम 22:3–4मैं तो यहूदी मनुष्य हूं, जो किलिकिया के तरसुस में जन्मा; परन्तु इस नगर में गमलीएल के पांवों के पास बैठकर पढ़ाया गया, और बापदादों की व्यवस्था की ठीक रीति पर सिखाया गया; और परमेश्वर के लिये ऐसी धुन लगाए था, जैसे तुम सब आज लगाए हो। और मैं ने पुरूष और स्त्री दोनों को बान्ध बान्धकर, और बन्दीगृह में डाल डालकर, इस पंथ को यहां तक सताया, कि उन्हें मरवा भी डाला।
- James 2:6 याकूब 2:6पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते और क्या वे ही तुम्हें कचहरियों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते?
Original words (Greek)
- As · G1161δέ dé
- Saul · G4569Σαῦλος Saûlos
- havock · G3075λυμαίνομαι lymaínomai
- church · G1577ἐκκλησία ekklēsía
- into · G1531εἰσπορεύομαι eisporeúomai
- every · G2596κατά katá
- house · G3624οἶκος oîkos
- and · G5037τέ té
- haling · G4951σύρω sýrō
- men · G435ἀνήρ anḗr
- and · G2532καί kaí
- women · G1135γυνή gynḗ
- committed · G3860παραδίδωμι paradídōmi
- to · G1519εἰς eis
- prison · G5438φυλακή phylakḗ