Daniel · chapter 1 · verse 12
Daniel 1:12 in Hindi
मैं तेरी बिनती करता हूं, अपने दासों को दस दिन तक जांच, हमारे खाने के लिये सागपात और पीने के लिये पानी ही दिया जाए।
Maim teree binatee karataa hoom, apane daasom ko das din tak jaanch, hamaare khaane ke liye saagapaat aur peene ke liye paanee hee diyaa jaae.
Daniel 1:12 in English
- King James Version (KJV)
- Prove thy servants, I beseech thee, ten days; and let them give us pulse to eat, and water to drink.
- World English Bible (WEB)
- “Test your servants, I beg you, ten days; and let them give us vegetables to eat and water to drink.
- American Standard Version (ASV)
- Prove thy servants, I beseech thee, ten days; and let them give us pulse to eat, and water to drink.
- Bible in Basic English (BBE)
- Put your servants to the test for ten days; let them give us grain for our food and water for our drink.
- Darby Translation (DBY)
- Prove thy servants, I beseech thee, ten days; and let them give us pulse to eat, and water to drink;
- Webster's Bible (WBS)
- Prove thy servants, I beseech thee, ten days; and let them give us pulse to eat, and water to drink.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Try, I pray thee, thy servants, ten days; and they give to us of the vegetables, and we eat, and water, and we drink;
Read in context
- 10और खोजों के प्रधान ने दानिरयेल से कहा, मैं अपने स्वामी राजा से डरता हूं, क्योंकि तुम्हारा खाना- पीना उसी ने ठहराया है, कहीं ऐसा न हो कि वह तेरा मुंह तेरे संगी के जवानों से उतरा हुआ और उदास देखे और तुम मेरा सिर राजा के साम्हने जाखिम में डालो।
- 11तब दानिरयेल ने उस मुखिये से, जिसको खोजों के प्रधान ने दानिरयेल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह के ऊपर देखभाल करने के लिये नियक्त किया था, कहा,
- 12मैं तेरी बिनती करता हूं, अपने दासों को दस दिन तक जांच, हमारे खाने के लिये सागपात और पीने के लिये पानी ही दिया जाए।
- 13फिर दस दिन के बाद हमारे मुंह और जो जवान राजा का भोजन खाते हैं उनके मुंह को देख; और जैसा तुझे देख पड़े, उसी के अनुसार अपने दासों से व्यवहार करना।
- 14उनकी यह बिनती उस ने मान ली, और दास दिन तक उनको जांचता रहा।
Cross references
- Romans 14:2 रोमियों 14:2क्योंकि एक को विश्वास है, कि सब कुछ खाना उचित है, परन्तु जो विश्वास में निर्बल है, वह साग पात ही खाता है।
- Deuteronomy 8:3 व्यवस्थाविवरण 8:3उस ने तुझ को नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा ही जानते थे, वही तुझ को खिलाया; इसलिये कि वह तुझ को सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो जो वचन यहोवा के मुंह से निकलते हैं उन ही से वह जीवित रहता है।
- Genesis 1:29–30 उत्पत्ति 1:29–30फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीजवाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीजवाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं: और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले जन्तु हैं, जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।
- Daniel 1:16 दानिय्येल 1:16तब वह मुखिया उनका भोजन और उनके पीने के लिये ठहराया हुआ दाखमधु दोनों छुड़ाकर, उनको सागपात देने लगा।।