Romans · chapter 14 · verse 2
Romans 14:2 in Hindi
क्योंकि एक को विश्वास है, कि सब कुछ खाना उचित है, परन्तु जो विश्वास में निर्बल है, वह साग पात ही खाता है।
Kyonki ek ko vishvaas hai, ki sab kuchh khaanaa uchit hai, parantu jo vishvaas mem nirbal hai, vah saag paat hee khaataa hai.
Romans 14:2 in English
- King James Version (KJV)
- For one believeth that he may eat all things: another, who is weak, eateth herbs.
- World English Bible (WEB)
- One man has faith to eat all things, but he who is weak eats only vegetables.
- American Standard Version (ASV)
- One man hath faith to eat all things: but he that is weak eateth herbs.
- Bible in Basic English (BBE)
- One man has faith to take all things as food: another who is feeble in faith takes only green food.
- Darby Translation (DBY)
- One man is assured that he may eat all things; but the weak eats herbs.
- Webster's Bible (WBS)
- For one believeth that he may eat all things: another, who is weak, eateth herbs.
- Young's Literal Translation (YLT)
- one doth believe that he may eat all things — and he who is weak doth eat herbs;
Read in context
- 1जो विश्वास के निर्बल है, उसे अपनी संगति में ले लो; परन्तु उसी शंकाओं पर विवाद करने के लिये नहीं।
- 2क्योंकि एक को विश्वास है, कि सब कुछ खाना उचित है, परन्तु जो विश्वास में निर्बल है, वह साग पात ही खाता है।
- 3और खानेवाला न- खानेवाले को तुच्छ न जाने, और न- खानेवाला खानेवाले पर दोष न लगाए; क्योंकि परमेश्वर ने उसे ग्रहण किया है।
- 4तू कौन है जो दूसरे के सेवक पर दोष लगाता है? उसक स्थिर रहता या गिर जाना उसके स्वामी ही से सम्बन्ध रखता है, बरन वह स्थिर ही कर दिया जाएगा; क्योंकि प्रभु उसे स्थिर रख सकता है।
Cross references
- 1 Timothy 4:4 1 तीमुथियुस 4:4क्योंकि परमेश्वर की सृजी हुई हर एक वस्तु अच्छी है: और कोई वस्तु अस्वीकार करने के योग्य नहीं; पर यह कि धन्यवाद के साथ खाई जाए।
- Romans 14:14 रोमियों 14:14मैं जानता हूं, और प्रभु यीशु से मुझे निश्चय हुआ है, कि कोई वस्तु अपने आप से अशुद्ध नहीं, परन्तु जो उस को अशुद्ध समझता है, उसके लिये अशुद्ध है।
- Proverbs 15:17 नीतिवचन 15:17प्रेम वाले घर में सागपात का भोजन, बैर वाले घर में पाले हुए बैल का मांस खाने से उत्तम है।
- Romans 14:22–23 रोमियों 14:22–23तेरा जो विश्वास हो, उसे परमेश्वर के साम्हने अपने ही मन में रख: धन्य है वह, जो उस बात में, जिस वह ठीक समझता है, अपने आप को दोषी नहीं ठहराता। परन्तु जो सन्देह कर के खाता है, वह दण्ड के योग्य ठहर चुका, क्योंकि वह निश्चय धारणा से नहीं खाता, और जो कुछ विश्वास से नहीं, वह पाप है।।
- Galatians 2:12 गलातियों 2:12इसलिये कि याकूब की ओर से कितने लोगों के आने से पहिले वह अन्यजातियों के साथ खाया करता था, परन्तु जब वे आए, तो खतना किए हुए लोगों के डर के मारे उन से हट गया और किनारा करने लगा।
- Genesis 9:3 उत्पत्ति 9:3सब चलनेवाले जन्तु तुम्हारा आहार होंगे; जैसा तुम को हरे हरे छोटे पेड़ दिए थे, वैसा ही अब सब कुछ देता हूं।
- Titus 1:15 तीतुस 1:15शुद्ध लोगों के लिये सब वस्तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: बरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं।
- Hebrews 13:9 इब्रानियों 13:9नाना प्रकार के और ऊपरी उपदेशों से न भरमाए जाओ, क्योंकि मन का अनुग्रह से दृढ़ रहना भला है, न कि उन खाने की वस्तुओं से जिन से काम रखनेवालों को कुछ लाभ न हुआ।
- 1 Corinthians 10:25 1 कुरिन्थियों 10:25जो कुछ कस्साइयों के यहां बिकता है, वह खाओ और विवेक के कारण कुछ न पूछो।
- Hebrews 9:10 इब्रानियों 9:10इसलिये कि वे केवल खाने पीने की वस्तुओं, और भांति भांति के स्नान विधि के आधार पर शारीरिक नियम हैं, जो सुधार के समय तक के लिये नियुक्त किए गए हैं।।
- Daniel 1:12 दानिय्येल 1:12मैं तेरी बिनती करता हूं, अपने दासों को दस दिन तक जांच, हमारे खाने के लिये सागपात और पीने के लिये पानी ही दिया जाए।
- Genesis 1:29 उत्पत्ति 1:29फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीजवाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीजवाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं: