Daniel · chapter 2 · verse 21
Daniel 2:21 in Hindi
समयों और ऋतुओं को वही पलटता है; राजाओं का अस्त और उदय भी वही करता है; बुद्धिमानों को बुद्धि और समझ वालों को समझ भी वही देता है;
Samayom aur rutuom ko vahee palatataa hai; raajaaom kaa ast aur uday bhee vahee karataa hai; buddhimaanom ko buddhi aur samajh vaalom ko samajh bhee vahee detaa hai;
Daniel 2:21 in English
- King James Version (KJV)
- And he changeth the times and the seasons: he removeth kings, and setteth up kings: he giveth wisdom unto the wise, and knowledge to them that know understanding:
- World English Bible (WEB)
- He changes the times and the seasons. He removes kings and sets up kings. He gives wisdom to the wise, and knowledge to those who have understanding.
- American Standard Version (ASV)
- And he changeth the times and the seasons; he removeth kings, and setteth up kings; he giveth wisdom unto the wise, and knowledge to them that have understanding;
- Bible in Basic English (BBE)
- By him times and years are changed: by him kings are taken away and kings are lifted up: he gives wisdom to the wise, and knowledge to those whose minds are awake:
- Darby Translation (DBY)
- And it is he that changeth times and seasons; He deposeth kings, and setteth up kings; He giveth wisdom to the wise, And knowledge to them that know understanding.
- Webster's Bible (WBS)
- And he changeth the times and the seasons; he removeth kings, and setteth up kings; he giveth wisdom to the wise, and knowledge to them that know understanding:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He is changing times and seasons, He is causing kings to pass away, and He is raising up kings; He is giving wisdom to the wise, and knowledge to those possessing understanding.
Read in context
- 19तब वह भेद दानिय्येल को रात के समय दर्शन के द्वारा प्रगट किया गया। सो दानिय्येल ने स्वर्ग के परमेश्वर का यह कह कर धन्यवाद किया,
- 20परमेश्वर का नाम युगानुयुग धन्य है; क्योंकि बुद्धि और पराक्रम उसी के हैं।
- 21समयों और ऋतुओं को वही पलटता है; राजाओं का अस्त और उदय भी वही करता है; बुद्धिमानों को बुद्धि और समझ वालों को समझ भी वही देता है;
- 22वही गूढ़ और गुप्त बातों को प्रगट करता है; वह जानता है कि अन्धियारे में क्या है, और उसके संग सदा प्रकाश बना रहता है।
- 23हे मेरे पूर्वजों के परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद और स्तुति करता हूं, क्योंकि तू ने मुझे बुद्धि और शक्ति दी है, और जिस भेद का खुलना हम लोगों न तुझ से मांगे था, उसे तू ने मुझ पर प्रगट किया है, तू ने हम को राजा की बात बताई है।
Cross references
- Psalm 75:5–7 भजन संहिता 75:5–7अपना सींग बहुत ऊंचा मत करो, न सिर उठाकर ढिठाई की बात बोलो।। क्योंकि बढ़ती न तो पूरब से न पच्छिम से, और न जंगल की ओर से आती है; परन्तु परमेश्वर ही न्यायी है, वह एक को घटाता और दूसरे को बढ़ाता है।
- Psalm 31:14–15 भजन संहिता 31:14–15परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सतानेवालों के हाथ से छुडा।
- Psalm 113:7–8 भजन संहिता 113:7–8वह कंगाल को मिट्टी पर से, और दरिद्र को घूरे पर से उठाकर ऊंचा करता है, कि उसको प्रधानों के संग, अर्थात् अपनी प्रजा के प्रधानों के संग बैठाए।
- Daniel 4:17 दानिय्येल 4:17यह आज्ञा पहरूओं के निर्णय से, और यह बात पवित्रा लोगों के वचन से निकली, कि जो जीवित हैं वे जान लें कि परमप्रधान परमशॆवर मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है, और उसको जिसे चाहे उसे दे देता है, और वह छोटे से छोटे मनुष्य को भी उस पर नियुक्त कर देता है।
- Daniel 7:25 दानिय्येल 7:25और वह परमप्रधान के विरूद्ध बातें कहेगा, और परमप्रधान के पवित्रा लोगों को पीस डालेगा, और समयों और व्यवस्था के बदल देने की आशा करेगा, वरन साढ़े तीन काल तक वे सब उसके वश में कर दिए जाएंगे।
- James 3:15–17 याकूब 3:15–17यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है।
- Daniel 4:32 दानिय्येल 4:32और तू मनुष्यों के बीच में से निकाला जाएगा, और मैदान के पशुओं के संग रहेगा; और बैलों की नाईं घास चरेगा९ और सात काल तुझ पर बीतेंगे, जब तक कि तू न जान ले कि परमप्रधान, मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहे वह उसे दे देता है।
- Job 34:24–29 अय्यूब 34:24–29वह बड़े बड़े बलवानों को बिना मुछपाछ के चूर चूर करता है, और उनके स्थान पर औरों को खड़ा कर देता है। इसलिये कि वह उनके कामों को भली भांति जानता है, वह उन्हें रात में ऐसा उलट देता है कि वे चूर चूर हो जाते हैं। वह उन्हें दुष्ट जानकर सभों के देखते मारता है, क्योंकि उन्हों ने उसके पीछे चलना छोड़ दिया है, और उसके किसी मार्ग पर चित्त न लगाया, यहां तक कि उनके कारण कंगालों की दोहाई उस तक पहुंची और उस ने दीन लोगों की दोहाई सुनी। जब वह चैन देता तो उसे कौन दोषी ठहरा सकता है? और जब वह मुंह फेर ले, तब कौन उसका दर्शन पा सकता है? जाति भर के साथ और अकेले मनुष्य, दोनों के साथ उसका बराबर व्यवहार है
- Proverbs 8:15–16 नीतिवचन 8:15–16मेरे ही द्वारा राजा राज्य करते हैं, और अधिकारी धर्म से विचार करते हैं; मेरे ही द्वारा राजा हाकिम और रईस, और पृथ्वी के सब न्यायी शासन करते हैं।
- Acts 13:21–22 प्रेरितों के काम 13:21–22उसके बाद उन्हों ने एक राजा मांगा: तब परमेश्वर ने चालीस वषै के लिये बिन्यामीन के गोत्रा में से एक मनुष्य अर्थात् कीश के पुत्रा शाऊल को उन पर राजा ठहराया। फिर उसे अलग करके दाऊद को उन का राजा बनाया; जिस के विषय में उस ने गवाही दी, कि मुझे एक मनुष्य यिशै का पुत्रा दाऊद, मेरे मन के अनुसार मिल गया है। वही मेरे सारी इच्छा पूरी करेगा।
- 2 Chronicles 1:10–12 2 इतिहास 1:10–12अब मुझे ऐसी बुध्दि और ज्ञान दे, कि मैं इस प्रजा के साम्हने अन्दर- बाहर आना- जाना कर सकूं, क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके? परमेश्वर ने सुलैमान से कहा, तेरी जो ऐसी ही मनसा हुई, अर्थात तू ने न तो धन सम्पत्ति मांगी है, न ऐश्वर्य्और न अपने बैरियों का प्राण और न अपनी दीर्घायु मांगी, केवल बुध्दि और ज्ञान का वर मांगा है, जिस से तू मेरी प्रजा का जिसके ऊपर मैं ने तुझे राजा नियुक्त किया है, न्याय कर सके, इस कारण बुध्दि और ज्ञान तुझे दिया जाता है। और मैं तुझे इतना धन सम्पत्ति और ऐश्वर्य दूंगा, जितना न तो तुझ से पहिले किसी राजा को, मिला और न तेरे बाद किसी राजा को मिलेगा।
- Luke 1:51–52 लूका 1:51–52उस ने अपना भुजबल दिखाया, और जो अपने आप को बड़ा समझते थे, उन्हें तित्तर- बित्तर किया। उस ने बलवानों को सिंहासनों से गिरा दिया; और दीनों को ऊंचा किया।
Original words (Hebrew)
- changeth · H8133שְׁנָא shᵉnâʼ
- times · H5732עִדָּן ʻiddân
- seasons · H2166זְמָן zᵉmân
- removeth · H5709עֲדָא ʻădâʼ
- kings · H4430מֶלֶךְ melek
- up · H6966קוּם qûwm
- kings · H4430מֶלֶךְ melek
- giveth · H3052יְהַב yᵉhab
- wisdom · H2452חׇכְמָה chokmâh
- wise · H2445חַכִּים chakkîym
- knowledge · H4486מַנְדַּע mandaʻ
- know · H3046יְדַע yᵉdaʻ
- understanding · H999בִּינָה bîynâh