Deuteronomy · chapter 1 · verse 16
Deuteronomy 1:16 in Hindi
और उस समय मैं ने तुम्हारे न्यायियों को आज्ञा दी, कि तुम अपने भाइयों के मुक मे सुना करो, और उनके बीच और उनके पड़ोसियों और परदेशियों के बीच भी धर्म से न्याय किया करो।
Aur us samay maim ne tumhaare nyaayiyom ko aajnyaa dee, ki tum apane bhaaiyom ke muk me sunaa karo, aur unake beech aur unake padosiyom aur paradeshiyom ke beech bhee dharm se nyaay kiyaa karo.
Deuteronomy 1:16 in English
- King James Version (KJV)
- And I charged your judges at that time, saying, Hear [the causes] between your brethren, and judge righteously between [every] man and his brother, and the stranger [that is] with him.
- World English Bible (WEB)
- I commanded your judges at that time, saying, “Hear cases between your brothers and judge righteously between a man and his brother, and the foreigner who is living with him.
- American Standard Version (ASV)
- And I charged your judges at that time, saying, Hear [the causes] between your brethren, and judge righteously between a man and his brother, and the sojourner that is with him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And at that time I gave orders to your judges, saying, Let all questions between your brothers come before you for hearing, and give decisions uprightly between a man and his brother or one from another nation who is with him.
- Darby Translation (DBY)
- And I commanded your judges at that time, saying, Hear [the causes] between your brethren, and judge righteously between a man and his brother, and him also that sojourneth with him.
- Webster's Bible (WBS)
- And I charged your judges at that time, saying, Hear [the causes] between your brethren, and judge righteously between [every] man and his brother, and the stranger [that is] with him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I command your judges at that time, saying, Hearkening between your brethren — then ye have judged righteousness between a man, and his brother, and his sojourner;
Read in context
- 14इसके उत्तर में तुम ने मुझ से कहा, जो कुछ तू हम से कहता है उसका करना अच्छा है।
- 15इसलिये मैं ने तुम्हारे गोत्रों के मुख्य पुरूषों को जो बुद्धिमान और प्रसिद्ध पुरूष थे चुनकर तुम पर मुखिया नियुक्त किया, अर्थात् हजार हजार, सौ सौ, पचास पचास, और दस दस के ऊपर प्रधान और तुम्हारे गोत्रों के सरदार भी नियुक्त किए।
- 16और उस समय मैं ने तुम्हारे न्यायियों को आज्ञा दी, कि तुम अपने भाइयों के मुक मे सुना करो, और उनके बीच और उनके पड़ोसियों और परदेशियों के बीच भी धर्म से न्याय किया करो।
- 17न्याय करते समय किसी का पक्ष न करना; जैसे बड़े की वैसे ही छोटे मनुष्य की भी सुनना; किसी का मुॅह देखकर न डरना, क्योंकि न्याय परमेश्वर का काम है; और जो मुक मा तुम्हारे लिये कठिन हो, वह मेरे पास ले आना, और मैं उसे सुनूंगा।
- 18और मैं ने उसी समय तुम्हारे सारे कर्त्तव्य कर्म तुम को बता दिए।।
Cross references
- John 7:24 यूहन्ना 7:24मुंह देखकर न्याय न चुकाओ, परन्तु ठीक ठीक न्याय चुकाओ।।
- 1 Timothy 5:21 1 तीमुथियुस 5:21परमेश्वर, और मसीह यीशु, और चुने हुए स्वर्गदूतों को उपस्थित जानकर मैं तुझे चितौनी देता हूं कि तू मन खोलकर इन बातों को माना कर, और कोई काम पक्षपात से न कर।
- Exodus 23:2–3 निर्गमन 23:2–3बुराई करने के लिये न तो बहुतों के पीछे हो लेना; और न उनके पीछे फिरके मुक में में न्याय बिगाड़ने को साक्षी देना; और कंगाल के मुक में में उसका भी पक्ष न करना।।
- Exodus 23:7–9 निर्गमन 23:7–9झूठे मुक मे से दूर रहना, और निर्दोष और धर्मी को घात न करना, क्योंकि मैं दुष्ट को निर्दोष न ठहराऊंगा। घूस न लेना, क्योंकि घूस देखने वालों को भी अन्धा कर देता, और धर्मियों की बातें पलट देता है। परदेशी पर अन्धेर न करना; तुम तो परदेशी के मन की बातें जानते हो, क्योंकि तुम भी मि देश में परदेशी थे।।
- Exodus 22:21 निर्गमन 22:21और परदेशी को न सताना और न उस पर अन्धेर करना क्योंकि मि देश में तुम भी परदेशी थे।
- 2 Chronicles 19:6–10 2 इतिहास 19:6–10और उस ने न्यायियों से कहा, सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे; और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा। अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है। और यरूशलेम में भी यहोशापात ने लेवियों और याजकों और इस्राएल के पितरों के घरानों के कुछ मुख्य पुरूषों को यहोवा की ओर से न्याय करने और मुक मों को जांचने के लिये ठहराया। और वे यरूशलेम को लौटे। और उस ने उनको आज्ञा दी, कि यहोवा का भय मानकर, सच्चाई और निष्कपट मन से ऐसा करना। तुम्हारे भाई जो अपने अपने नगर में रहते हैं, उन में से जिसका कोई मुक मा तुम्हारे साम्हने आए, चाहे वह खून का हो, चाहे रयवस्था, अथवा किसी आज्ञा या विधि वा नियम के विषय हो, उनको चिता देना, कि यहोवा के विषय दोषी न होओ। बेसा न हो कि तुम पर और तुम्हारे भाइयों पर उसका क्रोध भड़के। ऐसा करो तो तुम दोषी न ठहरोगे।
- Deuteronomy 16:18–19 व्यवस्थाविवरण 16:18–19तू अपने एक एक गोत्रा में से, अपने सब फाटकों के भीतर जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को देता है न्यायी और सरदार नियुक्त कर लेना, जो लोगों का न्याय धर्म से किया करें। तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है।
- Leviticus 24:22 लैव्यव्यवस्था 24:22तुम्हारा नियम एक ही हो, जैसा देशी के लिये वैसा ही परदेशी के लिये भी हो; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- Leviticus 19:15 लैव्यव्यवस्था 19:15न्याय में कुटिलता न करना; और न तो कंगाल का पक्ष करना और न बड़े मनुष्यों का मुंह देखा विचार करना; उस दूसरे का न्याय धर्म से करना।
- Numbers 27:19 गिनती 27:19और उसको एलीआजर याजक के और सारी मण्डली के साम्हने खड़ा करके उनके साम्हने उसे आज्ञा दे।
- Psalm 58:1 भजन संहिता 58:1हे मनुष्यों, क्या तुम सचमुच धर्म की बात बोलते हो? और हे मनुष्यवंशियों क्या तुम सीधाई से न्याय करते हो?
- 1 Timothy 6:17 1 तीमुथियुस 6:17इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।