Psalms · chapter 58 · verse 1
Psalm 58:1 in Hindi
हे मनुष्यों, क्या तुम सचमुच धर्म की बात बोलते हो? और हे मनुष्यवंशियों क्या तुम सीधाई से न्याय करते हो?
He manushyom, kyaa tum sachamuch dharm kee baat bolate ho? Aur he manushyavanshiyom kyaa tum seedhaaee se nyaay karate ho?
Psalm 58:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, Al-taschith, Michtam of David. Do ye indeed speak righteousness, O congregation? do ye judge uprightly, O ye sons of men?
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. To the tune of “Do Not Destroy.” A poem by David. Do you indeed speak righteousness, silent ones? Do you judge blamelessly, you sons of men?
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician; [set to] Al-tashheth. [A Psalm] of David. Michtam. Do ye indeed in silence speak righteousness? Do ye judge uprightly, O ye sons of men?
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker; put to Al-tashheth. Michtam. Of David. Is there righteousness in your mouths, O you gods? are you upright judges, O you sons of men?
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. 'Destroy not.' Of David. Michtam. Is righteousness indeed silent? Do ye speak it? Do ye judge with equity, ye sons of men?
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, Al-taschith, Michtam of David. Do ye indeed speak righteousness, O congregation? do ye judge uprightly, O ye sons of men?
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer. — 'Destroy not.' — A secret treasure, by David. Is it true, O dumb one, righteously ye speak? Uprightly ye judge, O sons of men?
Read in context
- 1हे मनुष्यों, क्या तुम सचमुच धर्म की बात बोलते हो? और हे मनुष्यवंशियों क्या तुम सीधाई से न्याय करते हो?
- 2नहीं, तुम मन ही मन में कुटिल काम करते हो; तुम देश भर में उपद्रव करते जाते हो।।
- 3दुष्ट लोग जन्मते ही पराए हो जाते हैं, वे पेट से निकलते ही झूठ बालते हुए भटक जाते हैं।
Cross references
- Psalm 57:1 भजन संहिता 57:1हे परमेश्वर, मुझ पर अनुग्रह कर, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूं; और जब तक ये आपत्तियां निकल न जाएं, तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिए रहूंगा।
- Isaiah 11:3–5 यशायाह 11:3–5ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा।। वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा; परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खाराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूंक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा। उसकी कटि का फेंटा धर्म और उसकी कमर का फेंटा सच्चाई होगी।।
- Deuteronomy 16:18–19 व्यवस्थाविवरण 16:18–19तू अपने एक एक गोत्रा में से, अपने सब फाटकों के भीतर जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को देता है न्यायी और सरदार नियुक्त कर लेना, जो लोगों का न्याय धर्म से किया करें। तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है।
- Psalm 72:1–4 भजन संहिता 72:1–4हे परमेश्वर, राजा को अपना नियम बता, राजपुत्रा को अपना धर्म सिखला! वह तेरी प्रजा का न्याय धर्म से, और तेरे दी लोगों का न्याय ठीक ठीक चुकाएगा। पहाडों और पहाड़ियों से प्रजा के लिये, धर्म के द्वारा शान्ति मिला करेगी वह प्रजा के दीन लोगों का न्याय करेगा, और दरिद्र लोगों को बचाएगा; और अन्धेर करनेवालों को चूर करेगा।।
- Jeremiah 23:5–6 यिर्मयाह 23:5–6यहोवा की यह भी वाणी है, देख ऐसे दिन आते हैं जब मैं दाऊद के कुल में एक धम अंकुर उगाऊंगा, और वह राजा बनकर बुध्दि से राज्य करेगा, और अपने देश में न्याय और धर्म से प्रभुता करेगा। उसके दिनों में यहूदी लोग बचे रहेंगे, और इस्राएली लोग निडर बसे रहेंगे: और यहोवा उसका नाम यहोवा "हमारी धार्मिकता" रखेगा।
- Psalm 82:1–2 भजन संहिता 82:1–2परमेश्वर की सभा में परमेश्वर ही खड़ा है; वह ईश्वरों के बीच में न्याय करता है। तुम लोग कब तक टेढ़ा न्याय करते और दुष्टों का पक्ष लेते रहोगे?
- 2 Chronicles 19:6–7 2 इतिहास 19:6–7और उस ने न्यायियों से कहा, सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे; और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा। अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है।
- Deuteronomy 1:15–16 व्यवस्थाविवरण 1:15–16इसलिये मैं ने तुम्हारे गोत्रों के मुख्य पुरूषों को जो बुद्धिमान और प्रसिद्ध पुरूष थे चुनकर तुम पर मुखिया नियुक्त किया, अर्थात् हजार हजार, सौ सौ, पचास पचास, और दस दस के ऊपर प्रधान और तुम्हारे गोत्रों के सरदार भी नियुक्त किए। और उस समय मैं ने तुम्हारे न्यायियों को आज्ञा दी, कि तुम अपने भाइयों के मुक मे सुना करो, और उनके बीच और उनके पड़ोसियों और परदेशियों के बीच भी धर्म से न्याय किया करो।
- 2 Samuel 23:3 2 शमूएल 23:3इस्राएल के परमेश्वर ने कहा है, इस्राएल की चट्टान ने मुझ से बातें की है, कि मनुष्यों में प्रभुता करनेवाला एक धम होगा, जो परमेश्वर का भय मानता हुआ प्रभुता करेगा,
- 2 Samuel 5:3 2 शमूएल 5:3सो सब इस्राएली पुरनिये हेब्रोन में राजा के पास आए; और दाऊद राजा ने उनके साथ हेब्रोन में यहोवा के साम्हने वाचा बान्धी, और उन्हों ने इस्राएल का राजा होने के लिये दाऊद का अभिषेक किया।
- Psalm 82:6–7 भजन संहिता 82:6–7मैं ने कहा था कि तुम ईश्वर हो, और सब के सब परमप्रधान के पुत्रा हो; तौभी तुम मनुष्यों की नाई मरोगे, और किसी प्रधान के समान गिर जाओगे।।
- Luke 23:50–51 लूका 23:50–51और देखो यूसुफ नाम एक मन्त्री जो सज्जन और धर्मी पुरूष था। और उन के विचार और उन के इस काम से प्रसन्न न था; और वि यहूदियों के नगर अरिमतीया का रहनेवाला और परमेश्वर के राज्य की बाट जोहनेवाला था।