Leviticus · chapter 19 · verse 15
Leviticus 19:15 in Hindi
न्याय में कुटिलता न करना; और न तो कंगाल का पक्ष करना और न बड़े मनुष्यों का मुंह देखा विचार करना; उस दूसरे का न्याय धर्म से करना।
Nyaay mem kutilataa na karanaa; aur na to kangaal kaa paksh karanaa aur na bade manushyom kaa munh dekhaa vichaar karanaa; us doosare kaa nyaay dharm se karanaa.
Leviticus 19:15 in English
- King James Version (KJV)
- Ye shall do no unrighteousness in judgment: thou shalt not respect the person of the poor, nor honour the person of the mighty: [but] in righteousness shalt thou judge thy neighbour.
- World English Bible (WEB)
- “‘You shall do no injustice in judgment. You shall not be partial to the poor, nor show favoritism to the great; but you shall judge your neighbor in righteousness.
- American Standard Version (ASV)
- Ye shall do no unrighteousness in judgment: thou shalt not respect the person of the poor, nor honor the person of the mighty; but in righteousness shalt thou judge thy neighbor.
- Bible in Basic English (BBE)
- Do no wrong in your judging: do not give thought to the position of the poor, or honour to the position of the great; but be a judge to your neighbour in righteousness.
- Darby Translation (DBY)
- Ye shall do no unrighteousness in judgment; thou shalt not respect the person of the lowly, nor honour the person of the great; in righteousness shalt thou judge thy neighbour.
- Webster's Bible (WBS)
- Ye shall do no unrighteousness in judgment; thou shalt not respect the person of the poor, nor honor the person of the mighty: [but] in righteousness shalt thou judge thy neighbor.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Ye do not do perversity in judgment; thou dost not lift up the face of the poor, nor honour the face of the great; in righteousness thou dost judge thy fellow.
Read in context
- 13एक दूसरे पर अन्धेर न करना, और न एक दूसरे को लूट लेना। और मजदूर की मजदूरी तेरे पास सारी रात बिहान तक न रहने पाएं।
- 14बहिरे को शाप न देना, और न अन्धे के आगे ठोकर रखना; और अपने परमेश्वर का भय मानना; मैं यहोवा हूं।
- 15न्याय में कुटिलता न करना; और न तो कंगाल का पक्ष करना और न बड़े मनुष्यों का मुंह देखा विचार करना; उस दूसरे का न्याय धर्म से करना।
- 16लूतरा बनके अपने लोगों में न फिरा करना, और एक दूसरे के लोहू बहाने की युक्तियां न बान्धना; मैं यहोवा हूं।
- 17अपने मन में एक दूसरे के प्रति बैर न रखना; अपने पड़ोसी को अवश्य डांटना नहीं, तो उसके पाप का भार तुझ को उठाना पड़ेगा।
Cross references
- Deuteronomy 1:17 व्यवस्थाविवरण 1:17न्याय करते समय किसी का पक्ष न करना; जैसे बड़े की वैसे ही छोटे मनुष्य की भी सुनना; किसी का मुॅह देखकर न डरना, क्योंकि न्याय परमेश्वर का काम है; और जो मुक मा तुम्हारे लिये कठिन हो, वह मेरे पास ले आना, और मैं उसे सुनूंगा।
- Deuteronomy 27:19 व्यवस्थाविवरण 27:19शापित हो वह जो परेदशी, अनाथ, वा विधवा का न्याय बिगाड़े। तब सब लोग कहें आमीन।।
- Proverbs 24:23 नीतिवचन 24:23बुद्धिमानों के वचन यह भी हैं।। न्याय में पक्षपात करना, किसी रीति भी अच्छा नहीं।
- Exodus 23:6–8 निर्गमन 23:6–8तेरे लोगों में से जो दरिद्र हों उसके मुक मे में न्याय न बिगाड़ना। झूठे मुक मे से दूर रहना, और निर्दोष और धर्मी को घात न करना, क्योंकि मैं दुष्ट को निर्दोष न ठहराऊंगा। घूस न लेना, क्योंकि घूस देखने वालों को भी अन्धा कर देता, और धर्मियों की बातें पलट देता है।
- Exodus 23:2–3 निर्गमन 23:2–3बुराई करने के लिये न तो बहुतों के पीछे हो लेना; और न उनके पीछे फिरके मुक में में न्याय बिगाड़ने को साक्षी देना; और कंगाल के मुक में में उसका भी पक्ष न करना।।
- Leviticus 19:35 लैव्यव्यवस्था 19:35तुम न्याय में, और परिमाण में, और तौल में, और नाप में कुटिलता न करना।
- Deuteronomy 16:19 व्यवस्थाविवरण 16:19तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है।
- 2 Chronicles 19:6–7 2 इतिहास 19:6–7और उस ने न्यायियों से कहा, सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे; और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा। अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है।
- James 2:6–9 याकूब 2:6–9पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते और क्या वे ही तुम्हें कचहरियों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते? क्या वे उस उत्तम नाम की निन्दा नहीं करते जिस के तुम कहलाए जाते हो? तौभी यदि तुम पवित्रा शास्त्रा के इस वचन के अनुसार, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख, सचमुच उस राज्य व्यवस्था को पूरी करते हो, तो अच्छा करते हो। पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है।
- Proverbs 18:5 नीतिवचन 18:5दुष्ट का पक्ष करना, और धर्मी का हक मारना, अच्छा नहीं है।
- Psalm 82:2 भजन संहिता 82:2तुम लोग कब तक टेढ़ा न्याय करते और दुष्टों का पक्ष लेते रहोगे?
- Exodus 18:21 निर्गमन 18:21फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उनको हजारझार, सौ- सौ, पचास- पचास, और दस- दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे।
Original words (Hebrew)
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- unrighteousness · H5766עֶוֶל ʻevel
- judgment · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- respect · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- person · H6440פָּנִים pânîym
- poor · H1800דַּל dal
- honour · H1921הָדַר hâdar
- person · H6440פָּנִים pânîym
- mighty · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- righteousness · H6664צֶדֶק tsedeq
- judge · H8199שָׁפַט shâphaṭ
- neighbour · H5997עָמִית ʻâmîyth