Deuteronomy · chapter 1 · verse 27
Deuteronomy 1:27 in Hindi
अपने अपने डेरे में यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि यहोवा हम से बैर रखता है, इस कारण हम को मि देश से निकाल ले आया है, कि हम को एमोरियों के वश में करके सत्यनाश कर डाले।
Apane apane dere mem yah kahakar kudakudaane lage, ki yahovaa ham se bair rakhataa hai, is kaaran ham ko mi desh se nikaal le aayaa hai, ki ham ko emoriyom ke vash mem karake satyanaash kar daale.
Deuteronomy 1:27 in English
- King James Version (KJV)
- And ye murmured in your tents, and said, Because the LORD hated us, he hath brought us forth out of the land of Egypt, to deliver us into the hand of the Amorites, to destroy us.
- World English Bible (WEB)
- You murmured in your tents, and said, “Because the LORD hated us, he has brought us out of the land of Egypt, to deliver us into the hand of the Amorites to destroy us.
- American Standard Version (ASV)
- and ye murmured in your tents, and said, Because Jehovah hated us, he hath brought us forth out of the land of Egypt, to deliver us into the hand of the Amorites, to destroy us.
- Bible in Basic English (BBE)
- And you made an angry outcry in your tents, and said, In his hate for us the Lord has taken us out of the land of Egypt, to give us up into the hands of the Amorites for our destruction.
- Darby Translation (DBY)
- and ye murmured in your tents, and said, Because Jehovah hated us, he hath brought us forth out of the land of Egypt, to deliver us into the hand of the Amorites, to destroy us.
- Webster's Bible (WBS)
- And ye murmured in your tents, and said, Because the LORD hated us, he hath brought us forth from the land of Egypt, to deliver us into the hand of the Amorites, to destroy us.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and murmur in your tents, and say, In Jehovah's hating us He hath brought us out of the land of Egypt, to give us into the hand of the Amorite — to destroy us;
Read in context
- 25और उस देश के फलों में से कुछ हाथ में लेकर हमारे पास आए, और हम को यह सन्देश दिया, कि जो देश हमारा परमेश्वर यहोवा हमें देता है वह अच्छा है।
- 26तौभी तुम ने वहाँ जाने से नाह किया, किन्तु अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के विरूद्ध होकर
- 27अपने अपने डेरे में यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि यहोवा हम से बैर रखता है, इस कारण हम को मि देश से निकाल ले आया है, कि हम को एमोरियों के वश में करके सत्यनाश कर डाले।
- 28हम किधर जाएँ? हमारे भाइयोें ने यह कहके हमारे मन को कच्चा कर दिया है, कि वहाँ के लोग हम से बड़े और लम्बे हैं; और वहाँ के नगर बड़े बड़े हैं, और उनकी शहरपनाह आकाश से बातें करती हैं; और हम ने वहाँ अनाकवंशियों को भी देखा है।
- 29मैं ने तुम से कहा, उनके कारण त्रास मत खाओ और न डरो।
Cross references
- Deuteronomy 9:28 व्यवस्थाविवरण 9:28जिस से ऐसा न हो कि जिस देश से तू हम को निकालकर ले आया है, वहां से लोग कहने लगें, कि यहोवा उन्हें उस देश में जिसके देश का वचन उनको दिया था नहीं पहुंचा सका, और उन से बैर भी रखता था, इसी कारण उस ने उन्हें जंगल में निकालकर मार डाला है।
- Numbers 14:3 गिनती 14:3और यहोवा हम को उस देश में ले जाकर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बालबच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मि देश को लौट जाएं?
- Psalm 106:25 भजन संहिता 106:25वे अपने तम्बुओं में कुड़कुड़ाए, और यहोवा का कहा न माना।
- Exodus 16:8 निर्गमन 16:8फिर मूसा ने कहा, यह तब होगा जब यहोवा सांझ को तुम्हें खाने के लिये मांस और भोर को रोटी मनमाने देगा; क्योंकि तुम जो उस पर बुड़बुड़ाते हो उसे वह सुनता है। और हम क्या हैं? तुम्हारा बुड़बुड़ाना हम पर नहीं यहोवा ही पर होता है।
- Matthew 25:24 मत्ती 25:24तब जिस को एक तोड़ा मिला था, उस ने आकर कहा; हे स्वामी, मैं तुझे जानता था, कि तू कठोर मनुष्य है, और जहां नहीं छीटता वहां से बटोरता है।
- Numbers 21:5 गिनती 21:5सो वे परमेश्वर के विरूद्ध बात करने लगे, और मूसा से कहा, तुम लोग हम को मि से जंगल में मरने के लिये क्यों ले आए हो? यहां न तो रोटी है, और न पानी, और हमारे प्राण इस निकम्मी रोटी से दुखित हैं।
- Luke 19:21 लूका 19:21क्योंकि मैं तुझ से डरता था, इसलिये कि तू कठोर मनुष्य है: जो तू ने नहीं रखा उसे उठा लेता है, और जो तू ने नहीं बोया, उसे काटता है।
- Exodus 16:3 निर्गमन 16:3और इस्राएली उन से कहने लगे, कि जब हम मि देश में मांस की हांडियों के पास बैठकर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था; पर तुम हम को इस जंगल में इसलिये निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखों मार डालो।