Deuteronomy · chapter 10 · verse 4
Deuteronomy 10:4 in Hindi
और जो दस वचन यहोवा ने सभा के दिन पर्वत पर अग्नि के मध्य में से तुम से कहे थे, वे ही उस ने पहिलों के समान उन पटियाओं पर लिखे; और उनको मुझे सौंप दिया।
Aur jo das vachan yahovaa ne sabhaa ke din parvat par agni ke madhy mem se tum se kahe the, ve hee us ne pahilom ke samaan un patiyaaom par likhe; aur unako mujhe saump diyaa.
Deuteronomy 10:4 in English
- King James Version (KJV)
- And he wrote on the tables, according to the first writing, the ten commandments, which the LORD spake unto you in the mount out of the midst of the fire in the day of the assembly: and the LORD gave them unto me.
- World English Bible (WEB)
- He wrote on the tablets, according to the first writing, the ten commandments, which the LORD spoke to you on the mountain out of the middle of the fire in the day of the assembly; and the LORD gave them to me.
- American Standard Version (ASV)
- And he wrote on the tables, according to the first writing, the ten commandments, which Jehovah spake unto you in the mount out of the midst of the fire in the day of the assembly: and Jehovah gave them unto me.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he put on the stones, as in the first writing, the ten rules which the Lord gave you on the mountain out of the fire on the day of the great meeting: and the Lord gave the stones to me.
- Darby Translation (DBY)
- And he wrote on the tables, as the first writing, the ten words which Jehovah spoke unto you on the mountain, from the midst of the fire, on the day of the assembly, and Jehovah gave them unto me.
- Webster's Bible (WBS)
- And he wrote on the tables according to the first writing, the ten commandments, which the LORD spoke to you in the mount, from the midst of the fire, in the day of the assembly: and the LORD gave them to me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And He writeth on the tables, according to the first writing, the Ten Matters, which Jehovah hath spoken unto you in the mount, out of the midst of the fire, in the day of the assembly, and Jehovah giveth them unto me,
Read in context
- 2और मैं उन पटियाओं पर वे ही वचन लिखूंगा, जो उन पहिली पटियाओं पर थे, जिन्हें तू ने तोड़ डाला, और तू उन्हें उस सन्दूक में रखना।
- 3तब मैं ने बबूल की लकड़ी का एक सन्दूक बनवाया, और पहिली पटियाओं के समान पत्थर की दो और पटियाएं गढ़ीं, तब उन्हें हाथों में लिये हुए पर्वत पर चढ़ गया।
- 4और जो दस वचन यहोवा ने सभा के दिन पर्वत पर अग्नि के मध्य में से तुम से कहे थे, वे ही उस ने पहिलों के समान उन पटियाओं पर लिखे; और उनको मुझे सौंप दिया।
- 5तब मै पर्वत से नीचे उतर आया, और पटियाओं को अपने बनवाए हुए सन्दूक में धर दिया; और यहोवा की आज्ञा के अनुसार वे वहीं रखीं हुई हैं।
- 6तब इस्राएली याकानियों के कुओं से कूच करके मोसेरा तक आए। वहां हारून मर गया, और उसको वहीं मिट्टी दी गई; और उसका पुत्रा एलीआजर उसके स्थान पर याजक का काम करने लगा।
Cross references
- Deuteronomy 9:10 व्यवस्थाविवरण 9:10और यहोवा ने मुझे अपने ही हाथ की लिखी हुई पत्थर की दोनों पटियाओं को सौंप दिया, और वे ही वचन जिन्हें यहोवा ने पर्वत के ऊपर आग के मध्य में से सभा के दिन तुम से कहे थे वे सब उन पर लिखे हुए थे।
- Exodus 34:28 निर्गमन 34:28मूसा तो वहां यहोवा के संग चालीस दिन और रात रहा; और तब तक न तो उस ने रोटी खाई और न पानी पिया। और उस ने उन तख्तियों पर वाचा के वचन अर्थात् दस आज्ञाएं लिख दीं।।
- Deuteronomy 4:11–15 व्यवस्थाविवरण 4:11–15तब तुम समीप जाकर उस पर्वत के नीचे खड़े हुए, और वह पहाड़ आग से धधक रहा था, और उसकी लौ आकाश तक पहुंचती थी, और उसके चारों ओर अन्धियारा, और बादल, और घोर अन्धकार छाया हुआ था। तक यहोवा ने उस आग के बीच में से तुम से बातें की; बातों का शब्द तो तुम को सुनाई पड़ा, परन्तु कोई रूप न देखा; केवल शब्द ही शब्द सुन पड़ा। और उस ने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी; और उन्हें पत्थर की दो पटियाओं पर लिख दिया। और मुझ को यहोवा ने उसी समय तुम्हें विधि और नियम सिखाने की आज्ञा दी, इसलिये कि जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो उस में तुम उनको माना करो। इसलिये तुम अपने विषय में बहुत सावधान रहना। क्योंकि जब यहोवा ने तुम से होरेब पर्वत पर आग के बीच में से बातें की तब तुम को कोई रूप न देख पड़ा,
- Deuteronomy 18:16 व्यवस्थाविवरण 18:16यह तेरी उस बिनती के अनुसार होगा, जो तू ने होरेब पहाड़ के पास सभा के दिन अपने परमेश्वर यहोवा से की थी, कि मुझे न तो अपने परमेश्वर यहोवा का शब्द फिर सुनना, और न वह बड़ी आग फिर देखनी पड़े, कहीं ऐसा न हो कि मर जाऊं।
- Hebrews 12:18–19 इब्रानियों 12:18–19तुम तो उस पहाड़ के पास जो छूआ जा सकता था और आग से प्रज्वलित था, और काली घटा, और अन्धेरा, और आन्धी के पास। और तुरही की ध्वनि, और बोलनेवाले के ऐसे शब्द के पास नहीं आए, जिस के सुननेवालों ने बिनती ही, कि अब हम से और बातें न की जाएं।
- Exodus 19:17–18 निर्गमन 19:17–18तब मूसा लोगों को परमेश्वर से भेंट करने के लिये छावनी से निकाल ले गया; और वे पर्वत के नीचे खड़े हुए। और यहोवा जो आग में होकर सीनै पर्वत पर उतरा था, इस कारण समस्त पर्वत धुएं से भर गया; और उसका धुआं भट्टे का सा उठ रहा था, और समस्त पर्वत बहुत कांप रहा था
- Exodus 20:1–17 निर्गमन 20:1–17तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे, कि मै तेरा परमेश्वर यहोवा हूं, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है।। तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर करके न मानना।। तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। तू उनको दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मै तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं, और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं।। तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।। तू विश्रामदिन को पवित्रा मानने के लिये स्मरण रखना। छ: दिन तो तू परिश्रम करके अपना सब काम काज करना; परन्तु सातवां दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्रामदिन है। उस में न तो तू किसी भांति का काम काज करना, और न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरे पशु, न कोई परदेशी जो तेरे फाटकों के भीतर हो। क्योंकि छ: दिन में यहोवा ने आकाश, और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उन में है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्रामदिन को आशीष दी और उसको पवित्रा ठहराया।। तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।। तू खून न करना।। तू व्यभिचार न करना।। तू चोरी न करना।। तू किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी न देना।। तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास- दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।।
- Deuteronomy 5:4–26 व्यवस्थाविवरण 5:4–26यहोवा ने उस पर्वत पर आग के बीच में से तुम लोगों से आम्हने साम्हने बातें की; उस आग के डर के मारे तुम पर्वत पर न चढ़े, इसलिये मैं यहोवा के और तुम्हारे बीच उसका वचन तुम्हें बताने को खड़ा रहा। तब उस ने कहा, तेरा परमेश्वर यहोवा, जो तुझे दासत्व के घर आर्थात् मि देश में से निकाल लाया है, वह मैं हूं। मुझे छोड़ दूसरों को परमेश्वर करके न मानना।। तु अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी की प्रतिमा बनाना जो आकाश में, वा पृथ्वी के जल में है; तू उनको दण्डवत् न करना और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखनेवाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते हैं उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को पितरों का दण्ड दिया करता हूं, और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं उन हजारों पर करूणा किया करता हूं। तू अपने परमेश्वर यहोवा का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उनको निर्दोष न ठहराएगा।। तू विश्रामदिन को मानकर पवित्रा रखना, जैसे तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे आज्ञा दी। छ: दिन तो परिश्रम करके अपना सारा कामकाज करना; परन्तु सातवां दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्रामदिन है; उस में न तू किसी भांति का कामकाज करना, न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरा बैल, न तेरा गदहा, न तेरा कोई पशु, न कोई परदेशी भी जो तेरे फाटकों के भीतर हो; जिस से तेरा दास और तेरी दासी भी तेरी नाई विश्राम करे। और इस बात को स्मरण रखना कि मि देश में तू आप दास था, और वहां से तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे बलवन्त हाथ और बढ़ाई हुई भुजा के द्वारा निकाल लाया; इस कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे विश्रामदिन मानने की आज्ञा देता है।। अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जैसे कि तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे आज्ञा दी है; जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहते पाए, और तेरा भला हो।। तू हत्या न करना।। तू व्यभिचार न करना।। तू चोरी न करना।। तू किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी न देना।। तू न किसी की पत्नी का लालच करना, और न किसी के घर का लालच करना, न उसके खेत का, न उसके दास का, न उसकी दासी का, न उसके बैल वा गदहे का, न उसकी किसी और वस्तु का लालच करना।। यही वचन यहोवा ने उस पर्वत पर आग, और बादल, और घोर अन्धकार के बीच में से तुम्हारी सारी मण्डली से पुकारकर कहा; और इस से अधिक और कुछ न कहा। और उन्हें उस ने पत्थर की दो पटियाओं पर लिखकर मुझे दे दिया। जब पर्वत आग से दहक रहा था, और तुम ने उस शब्द को अन्धियारे के बीच में से आते सुना, तब तुम और तुम्हारे गोत्रों के सब मुख्य मुख्य पुरूष और तुम्हारे पुरनिए मेरे पास आए; और तुम कहने लगे, कि हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम को अपना तेज और महीमा दिखाई है, और हम ने उसका शब्द आग के बीच में से आते हुए सुना; आज हम ने देख लिया कि यद्यपि परमेश्वर मनुष्य से बातें करता है तौभी मनुष्य जीवित रहता है। अब हम क्यों मर जाएं? क्योंकि ऐसी बड़ी आग से हम भस्म हो जाएंगे; और यदि हम अपने परमेश्वर यहोवा का शब्द फिर सुनें, तब तो मर ही जाएंगे। क्योंकि सारे प्राणियों में से कौन ऐसा है जो हमारी नाई जीवित और अग्नि के बीच में से बोलते हुए परमेश्वर का शब्द सुनकर जीवित बचा रहे?
Original words (Hebrew)
- wrote · H3789כָּתַב kâthab
- tables · H3871לוּחַ lûwach
- first · H7223רִאשׁוֹן riʼshôwn
- writing · H4385מִכְתָּב miktâb
- ten · H6235עֶשֶׂר ʻeser
- commandments · H1697דָּבָר dâbâr
- spake · H1696דָבַר dâbar
- mount · H2022הַר har
- midst · H8432תָּוֶךְ tâvek
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- day · H3117יוֹם yôwm
- assembly · H6951קָהָל qâhâl
- gave · H5414נָתַן nâthan