Deuteronomy · chapter 11 · verse 17
Deuteronomy 11:17 in Hindi
और यहोवा का कोप तुम पर भड़के, और वह आकाश की वर्षा बन्द कर दे, और भूमि अपनी उपज न दे, और तुम उस उत्तम देश में से जो यहोवा तुम्हें देता है शीघ्र नष्ट हो जाओ।
Aur yahovaa kaa kop tum par bhadake, aur vah aakaash kee varshaa band kar de, aur bhoomi apanee upaj na de, aur tum us uttam desh mem se jo yahovaa tumhem detaa hai sheeghr nasht ho jaao.
Deuteronomy 11:17 in English
- King James Version (KJV)
- And [then] the LORD’s wrath be kindled against you, and he shut up the heaven, that there be no rain, and that the land yield not her fruit; and [lest] ye perish quickly from off the good land which the LORD giveth you.
- World English Bible (WEB)
- and the LORD’s anger be kindled against you, and he shut up the sky so that there is no rain, and the land doesn’t yield its fruit; and you perish quickly from off the good land which the LORD gives you.
- American Standard Version (ASV)
- and the anger of Jehovah be kindled against you, and he shut up the heavens, so that there shall be no rain, and the land shall not yield its fruit; and ye perish quickly from off the good land which Jehovah giveth you.
- Bible in Basic English (BBE)
- For if you do so, the wrath of the Lord will be burning against you, and the heaven will be shut up so that there is no rain and the land will give no fruit; and in a very little time you will be cut off from the good land which the Lord is giving you.
- Darby Translation (DBY)
- and Jehovah's wrath kindle against you, and he shut up the heavens, that there be no rain, and that the ground yield not its produce, and ye perish quickly from off the good land which Jehovah is giving you.
- Webster's Bible (WBS)
- And [then] the LORD'S wrath shall be kindled against you, and he shall shut up the heaven, that there shall be no rain, and the land shall not yield her fruit; and [lest] ye perish quickly from off the good land which the LORD giveth you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the anger of Jehovah hath burned against you, and He hath restrained the heavens, and there is no rain, and the ground doth not give her increase, and ye have perished hastily from off the good land which Jehovah is giving to you.
Read in context
- 15और मै तेरे पशुओं के लिये तेरे मैदान में घास उपजाऊंगा, और तू पेट भर खाएगा और सन्तुष्ट रहेगा।
- 16इसलिये अपने विषय में सावधान रहो, ऐसा न हो कि तुम्हारे मन धोखा खाएं, और तुम बहककर दूसरे देवताओं की पूजा करने लगो और उनको दण्डवत् करने लगो,
- 17और यहोवा का कोप तुम पर भड़के, और वह आकाश की वर्षा बन्द कर दे, और भूमि अपनी उपज न दे, और तुम उस उत्तम देश में से जो यहोवा तुम्हें देता है शीघ्र नष्ट हो जाओ।
- 18इसलिये तुम मेरे ये वचन अपने अपने मन और प्राण में धारण किए रहना, और चिन्हानी के लिये अपने हाथों पर बान्धना, और वे तुम्हारी आंखों के मध्य में टीके का काम दें।
- 19और तुम घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते- उठते इनकी चर्चा करके अपने लड़केबालों को सिखाया करना।
Cross references
- 1 Kings 8:35 1 राजा 8:35जब वे तेरे विरूद्ध पाप करें, और इस कारण आकाश बन्द हो जाए, कि वर्षा न होए, ऐसे समय यदि वे इस स्थान की ओर प्रार्थना करके तेरे नाम को मानें जब तू उन्हें दु:ख देता है, और अपने पाप से फिरें, तो तू स्वर्ग में से सुनकर क्षमा करना,
- 2 Chronicles 6:26 2 इतिहास 6:26जब वे तेरे विरुद्ध पाप करें, और इस कारण आकाश इतना बन्द हो जाए कि वर्षा न हो, ऐसे समय यदि वे इस स्थान की ओर प्रार्थना कर के तेरे नाम को मानें, और तू जो उन्हें दु:ख देता है, इस कारण वे अपने पाप से फिरें,
- Amos 4:7 आमोस 4:7और जब कटनी के तीन महीने रह गए, तब मैं ने तुम्हारे लिये वर्षा न की; मैं ने एक नगर में जल बरसाकर दूसरे में न बरसाया; एक खेत में जल बरसा, और दूसरा खेत जिस में न बरसा; वह सूख गया।
- Deuteronomy 6:15 व्यवस्थाविवरण 6:15क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा जो तेरे बीच में है वह जल उठनेवाला ईश्वर है; कहीं ऐसा न हो कि तेरे परमेश्वर यहोवा का कोप तुझ पर भड़के, और वह तुझ को पृथ्वी पर से नष्ट कर डाले।।
- 1 Kings 17:1 1 राजा 17:1और तिशबी एलिरयाह जो गिलाद के पर:सियों में से था उस ने अहाब से कहा, इस्राएल का परमेश्वा यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थ्ति रहता हूँ, उसके जीवन की शपथ इन वष में मेरे बिना कहे, न तो मेंह बरसेगा, और न ओस पड़ेगी।
- Deuteronomy 4:26 व्यवस्थाविवरण 4:26तो मैं आज आकाश और पृथ्वी को तुम्हारे विरूद्ध साक्षी करके कहता हूं, कि जिस देश के अधिकारी होने के लिये तुम यरदन पार जाने पर हो उस में तुम जल्दी बिल्कुल नाश हो जाओगे; और बहुत दिन रहने न पाओगे, किन्तु पूरी रीति से नष्ट हो जाओगे।
- Deuteronomy 28:23–24 व्यवस्थाविवरण 28:23–24और तेरे सिर के ऊपर आकाश पीतल का, और तेरे पांव के तले भूमि लोहे की हो जाएगी। यहोवा तेरे देश में पानी के बदले बालू और धूलि बरसाएगा; वह आकाश से तुझ पर यहां तक बरसेगी कि तू सत्यानाश हो जाएगा।
- Deuteronomy 30:17–18 व्यवस्थाविवरण 30:17–18परन्तु यदि तेरा मन भटक जाए, और तू न सुने, और भटककर पराए देवताओं को दण्डवत करे और उनकी उपासना करने लगे, तो मैं तुम्हें आज यह चितौनी दिए देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे; और जिस देश का अधिकारी होने के लिये तू यरदन पार जा रहा है, उस देश में तुम बहुत दिनों के लिये रहने न पाओगे।
- 2 Chronicles 7:13 2 इतिहास 7:13यदि मैं आकाश को ऐसा बन्द करूं, कि वर्षा न हो, वा टिडियों को देश उजाड़ने की आज्ञा दूं, वा अपनी प्रजा में मरी फैलाऊं,
- Deuteronomy 8:19–20 व्यवस्थाविवरण 8:19–20यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर दूसरे देवताओं के पीछे हो लेगा, और उसकी उपासना और उनको दण्डवत् करेगा, तो मैं आज तुम को चिता देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे। जिन जातियों को यहोवा तुम्हारे सम्मुख से नष्ट करने पर है, उन्ही की नाई तुम भी अपने परमेश्वर यहोवा का वचन न मानने के कारण नष्ट हो जाओगे।
- Jeremiah 14:1–6 यिर्मयाह 14:1–6यहोवा का वचन जो यिर्मयाह के पास सूखे वर्ष के विषय में पहुंचो यहूदा विलाप करता और फाटकों में लोग शोक का पहिरावा पहिने हुए भूमि पर उदास बैठे हैं; और यरूशलेम की चिल्लाहट आकाश तक पहुंच गई है। और उनके बड़े लोग उनके छोटे लोगों को पानी के लिये भेजते हैं; वे गड़हों पर आकर पानी नहीं पाते इसलिये छूछे बर्तन लिए हुए घर लौट जाते हैं; वे लज्जित और निराश होकर सिर ढांप लेते हैं। देश में पानी न बरसने से भूमि में दरार पड़ गए हैं, इस कारण किसान लोग निराश होकर सिर ढांप लेते हैं। हरिणी भी मैदान में बच्चा जनकर छोड़ जाती है क्योंकि हरी घास नहीं मिलती। जंगली गदहे भी मुंडे टीलों पर खड़े हुए गीदड़ों की नाई हांफते हैं; उनकी आंखें धुंधला जाती हैं क्योंकि हरियाली कुछ भी नहीं है।
- Haggai 1:9–11 हाग्गै 1:9–11तुम ने बहुत उपज की आशा रखी, परन्तु देखो थेड़ी ही है; और जब तुम उसे घर ले आए, तब मैं ने उसको उड़ा दिया। सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, ऐसा क्यों हुआ? क्या इसलिये नहीं, कि मेरा भवन उजाड़ पड़ा है और तुम में से प्रत्येक अपने अपने घर को दौड़ा चला जाता है? इस कारण आकाश से ओस गिरना और पृथ्वी से अन्न उपजना दोनों बन्द हैं। और मेरी आज्ञा से पृथ्वी और पहाड़ों पर, और अन्न और नये दाखमधु पर और ताजे तेल पर, और जो कुछ भूमि से उपजता है उस पर, और मनुष्यों और घरैलू पशुओं पर, और उनके परिश्रम की सारी कमाई पर भी अकाल पड़ा है।।
Original words (Hebrew)
- wrath · H639אַף ʼaph
- kindled · H2734חָרָה chârâh
- up · H6113עָצָר ʻâtsâr
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- rain · H4306מָטַר mâṭar
- land · H127אֲדָמָה ʼădâmâh
- yield · H5414נָתַן nâthan
- fruit · H2981יְבוּל yᵉbûwl
- perish · H6אָבַד ʼâbad
- quickly · H4120מְהֵרָה mᵉhêrâh
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- giveth · H5414נָתַן nâthan