Deuteronomy · chapter 19 · verse 21
Deuteronomy 19:21 in Hindi
और तू बिलकुल तरस न खाना; प्राण की सन्ती प्राण का, आंख की सन्ती आंख का, दांत की सन्ती दांत का, हाथ की सन्ती हाथ का, पांव की सन्ती पांव का दण्ड देना॥
Aur too bilakul taras na khaanaa; praan kee santee praan kaa, aankh kee santee aankh kaa, daant kee santee daant kaa, haath kee santee haath kaa, paanv kee santee paanv kaa dand denaa
Deuteronomy 19:21 in English
- King James Version (KJV)
- And thine eye shall not pity; [but] life [shall go] for life, eye for eye, tooth for tooth, hand for hand, foot for foot.
- World English Bible (WEB)
- Your eyes shall not pity: life for life, eye for eye, tooth for tooth, hand for hand, foot for foot.
- American Standard Version (ASV)
- And thine eyes shall not pity; life [shall go] for life, eye for eye, tooth for tooth, hand for hand, foot for foot.
- Bible in Basic English (BBE)
- Have no pity; let life be given for life, eye for eye, tooth for tooth, hand for hand, foot for foot.
- Darby Translation (DBY)
- And thine eye shall not spare: life for life, eye for eye, tooth for tooth, hand for hand, foot for foot.
- Webster's Bible (WBS)
- And thy eye shall not pity; [but] life [shall go] for life, eye for eye, tooth for tooth, hand for hand, foot for foot.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and thine eye doth not pity — life for life, eye for eye, tooth for tooth, hand for hand, foot for foot.
Read in context
- 19तो अपने भाई की जैसी भी हानि करवाने की युक्ति उसने की हो वैसी ही तुम भी उसकी करना; इसी रीति से अपने बीच में से ऐसी बुराई को दूर करना।
- 20और दूसरे लोग सुनकर डरेंगे, और आगे को तेरे बीच फिर ऐसा बुरा काम नहीं करेंगे।
- 21और तू बिलकुल तरस न खाना; प्राण की सन्ती प्राण का, आंख की सन्ती आंख का, दांत की सन्ती दांत का, हाथ की सन्ती हाथ का, पांव की सन्ती पांव का दण्ड देना॥
Cross references
- Matthew 5:38–39 मत्ती 5:38–39तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था, कि आंख के बदले आंख, और दांत के बदले दांत। परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि बुरे का सामना न करता; परन्तु जो कोई तेरे दहिने गाल पर थप्पड़ मारे, उस की ओर दूसरा भी फेर दे।
- Exodus 21:23–25 निर्गमन 21:23–25परन्तु यदि उसको और कुछ हानि पहुंचे, तो प्राण की सन्ती प्राण का, और आंख की सन्ती आंख का, और दांत की सन्ती दांत का, और हाथ की सन्ती हाथ का, और पांव की सन्ती पांव का, और दाग की सन्ती दाग का, और घाव की सन्ती घाव का, और मार की सन्ती मार का दण्ड हो।।
- Deuteronomy 19:13 व्यवस्थाविवरण 19:13उस पर तरस न खाना, परन्तु निर्दोष के खून का दोष इस्राएल से दूर करना, जिस से तुम्हारा भला हों॥
- Leviticus 24:17–21 लैव्यव्यवस्था 24:17–21फिर जो कोई किसी मनुष्य को प्राण से मारे वह निश्चय मार डाला जाए। और जो कोई किसी घरेलू पशु को प्राण से मारे वह उसे भर दे, अर्थात् प्राणी की सन्ती प्राणी दे। फिर यदि कोई किसी दूसरे को चोट पहुंचाए, तो जैसा उस ने किया हो वैसा ही उसके साथ भी किया जाए, अर्थात् अंग भंग करने की सन्ती अंग भंग किया जाए, आंख की सन्ती आंख, दांत की सन्ती दांत, जैसी चोट जिस ने किसी को पहुंचाई हो वैसी ही उसको भी पहुंचाई जाए। और पशु का मार डालनेवाला उसको भर दे, परन्तु मनुष्य का मार डालनेवाला मार डाला जाए।