Matthew · chapter 5 · verse 38
Matthew 5:38 in Hindi
तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था, कि आंख के बदले आंख, और दांत के बदले दांत।
Tum sun chuke ho, ki kahaa gayaa thaa, ki aankh ke badale aankh, aur daant ke badale daant.
Matthew 5:38 in English
- King James Version (KJV)
- Ye have heard that it hath been said, An eye for an eye, and a tooth for a tooth:
- World English Bible (WEB)
- “You have heard that it was said, ‘An eye for an eye, and a tooth for a tooth.’
- American Standard Version (ASV)
- Ye have heard that it was said, An eye for an eye, and a tooth for a tooth:
- Bible in Basic English (BBE)
- You have knowledge that it was said, An eye for an eye, and a tooth for a tooth:
- Darby Translation (DBY)
- Ye have heard that it has been said, Eye for eye and tooth for tooth.
- Webster's Bible (WBS)
- Ye have heard that it hath been said, An eye for an eye, and a tooth for a tooth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Ye heard that it was said: Eye for eye, and tooth for tooth;
Read in context
- 36अपने सिर की भी शपथ न खाना क्योंकि तू एक बाल को भी न उजला, न काला कर सकता है।
- 37परन्तु तुम्हारी बात हां की हां, या नहीं की नहीं हो; क्योंकि जो कुछ इस से अधिक होता है वह बुराई से होता है।।
- 38तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था, कि आंख के बदले आंख, और दांत के बदले दांत।
- 39परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि बुरे का सामना न करता; परन्तु जो कोई तेरे दहिने गाल पर थप्पड़ मारे, उस की ओर दूसरा भी फेर दे।
- 40और यदि कोई तुझ पर नालिश करके तेरा कुरता लेना चाहे, तो उसे दोहर भी ले लेने दे।
Cross references
- Leviticus 24:19–20 लैव्यव्यवस्था 24:19–20फिर यदि कोई किसी दूसरे को चोट पहुंचाए, तो जैसा उस ने किया हो वैसा ही उसके साथ भी किया जाए, अर्थात् अंग भंग करने की सन्ती अंग भंग किया जाए, आंख की सन्ती आंख, दांत की सन्ती दांत, जैसी चोट जिस ने किसी को पहुंचाई हो वैसी ही उसको भी पहुंचाई जाए।
- Deuteronomy 19:21 व्यवस्थाविवरण 19:21और तू बिलकुल तरस न खाना; प्राण की सन्ती प्राण का, आंख की सन्ती आंख का, दांत की सन्ती दांत का, हाथ की सन्ती हाथ का, पांव की सन्ती पांव का दण्ड देना॥
- Exodus 21:22–27 निर्गमन 21:22–27यदि मनुष्य आपस में मारपीट करके किसी गर्भिणी स्त्री को ऐसी चोट पहुचाए, कि उसका गर्भ गिर जाए, परन्तु और कुछ हानि न हो, तो मारनेवाले से उतना दण्ड लिया जाए जितना उस स्त्री का पति पंच की सम्मति से ठहराए। परन्तु यदि उसको और कुछ हानि पहुंचे, तो प्राण की सन्ती प्राण का, और आंख की सन्ती आंख का, और दांत की सन्ती दांत का, और हाथ की सन्ती हाथ का, और पांव की सन्ती पांव का, और दाग की सन्ती दाग का, और घाव की सन्ती घाव का, और मार की सन्ती मार का दण्ड हो।। जब कोई अपने दास वा दासी की आंख पर ऐसा मारे कि फूट जाए, तो वह उसकी आंख की सन्ती उसे स्वतंत्रा करके जाने दे। और यदि वह अपने दास वा दासी को मारके उसका दांत तोड़ डाले, तो वह उसके दांत की सन्ती उसे स्वतंत्रा करके जाने दे।।
- Deuteronomy 19:19 व्यवस्थाविवरण 19:19तो अपने भाई की जैसी भी हानि करवाने की युक्ति उसने की हो वैसी ही तुम भी उसकी करना; इसी रीति से अपने बीच में से ऐसी बुराई को दूर करना।