Deuteronomy · chapter 33 · verse 13
Deuteronomy 33:13 in Hindi
फिर यूसुफ के विषय में उस ने कहा; इसका देश यहोवा से आशीष पाए अर्थात् आकाश के अनमोल पदार्थ और ओस, और वह गहिरा जल जो नीचे है,
Phir yoosuph ke vishay mem us ne kahaa; isakaa desh yahovaa se aasheesh paae arthaat aakaash ke anamol padaarth aur os, aur vah gahiraa jal jo neeche hai,
Deuteronomy 33:13 in English
- King James Version (KJV)
- And of Joseph he said, Blessed of the LORD [be] his land, for the precious things of heaven, for the dew, and for the deep that coucheth beneath,
- World English Bible (WEB)
- About Joseph he said, “His land is blessed by the LORD, for the precious things of the heavens, for the dew, for the deep that couches beneath,
- American Standard Version (ASV)
- And of Joseph he said, Blessed of Jehovah be his land, For the precious things of heaven, for the dew, And for the deep that coucheth beneath,
- Bible in Basic English (BBE)
- And of Joseph he said, Let the blessing of the Lord be on his land; for the good things of heaven on high, and the deep waters flowing under the earth,
- Darby Translation (DBY)
- And of Joseph he said, Blessed of Jehovah be his land! By the precious things of the heavens, By the dew, and by the deep that lieth beneath,
- Webster's Bible (WBS)
- And of Joseph he said, Blessed of the LORD [be] his land, for the precious things of heaven, for the dew, and for the deep that coucheth beneath,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And of Joseph he said: — Blessed of Jehovah [is] his land, By precious things of the heavens, By dew, and by the deep crouching beneath,
Read in context
- 11हे यहोवा, उसकी सम्पत्ति पर आशीष दे, और उसके हाथों की सेवा को ग्रहण कर; उसके विरोधियों और बैरियों की कमर पर ऐसा मार, कि वे फिर न उठ सकें।।
- 12फिर उस ने बिन्यामीन के विषय में कहा, यहोवा का वह प्रिय जन, उसके पास निडर वास करेगा; और वह दिन भर उस पर छाया करेगा, और वह उसके कन्धों के बीच रहा करता है।।
- 13फिर यूसुफ के विषय में उस ने कहा; इसका देश यहोवा से आशीष पाए अर्थात् आकाश के अनमोल पदार्थ और ओस, और वह गहिरा जल जो नीचे है,
- 14और सूर्य के पकाए हुए अनमोल फल, और जो अनमोल पदार्थ चंद्रमा के उगाए उगते हैं,
- 15और प्राचीन पहाड़ों के उत्तम पदार्थ, और सनातन पहाड़ियों के अनमोल पदार्थ,
Cross references
- Genesis 49:22–26 उत्पत्ति 49:22–26यूसुफ बलवन्त लता की एक शाखा है, वह सोते के पास लगी हुई फलवन्त लता की एक शाखा है; उसकी डालियां भीत पर से चढ़कर फैल जाती हैं।। धनुर्धारियों ने उसको खेदित किया, और उस पर तीर मारे, और उसके पीछे पड़े हैं।। पर उसका धनुष दृढ़ रहा, और उसकी बांह और हाथ याकूब के उसी शक्तिमान ईश्वर के हाथों के द्वारा फुर्तीले हुए, जिसके पास से वह चरवाहा आएगा, जो इस्राएल का पत्थर भी ठहरेगा।। यह तेरे पिता के उस ईश्वर का काम है, जो तेरी सहायता करेगा, उस सर्वशक्तिमान को जो तुझे ऊपर से आकाश में की आशीषें, और नीचे से गहिरे जल में की आशीषें, और स्तनों, और गर्भ की आशीषें देगा।। तेरे पिता के आशीर्वाद मेरे पितरों के आशीर्वाद से अधिक बढ़ गए हैं और सनातन पहाड़ियों की मन- चाही वस्तुओं की नाई बने रहेंगे: वे यूसुफ के सिर पर, जो अपने भाइयों में से न्यारा हुआ, उसी के सिर के मुकुट पर फूले फलेंगे।।
- Micah 5:7 मीका 5:7और याकूब के बचे हुए लोग बहुत राज्यों के बीच ऐसा काम देंगे, जैसा यहोवा की ओर से पड़नेवाली ओस, और घास पर की वर्षा, जो किसी के लिये नहीं ठहरती और मनुष्यों की बाट नहीं जोहती।
- Proverbs 3:20 नीतिवचन 3:20उसी के ज्ञान के द्वारा गहिरे सागर फूट निकले, और आकाशमण्डल से ओस टपकती है।।
- Proverbs 19:12 नीतिवचन 19:12राजा का क्रोध सिंह की गरजन के समान है, परन्तु उसकी प्रसन्नता घास पर की ओस के तुल्य होती है।
- Genesis 27:28–29 उत्पत्ति 27:28–29सो परमेश्वर तुझे आकाश से ओस, और भूमि की उत्तम से उत्तम उपज, और बहुत सा अनाज और नया दाखमधु दे: राज्य राज्य के लोग तेरे अधीन हों, और देश देश के लोग तुझे दण्डवत् करें: तू अपने भाइयों का स्वामी हो, और तेरी माता के पुत्रा तुझे दण्डवत् करें: जो तुझे शाप दें सो आप ही स्रापित हों, और जो तुझे आशीर्वाद दें सो आशीष पाएं।।
- Hosea 14:5 होशे 14:5मैं इस्राएल के लिये ओस के समान हूंगा; वह सोसन की नाई फूले- फलेगा, और लबानोन की नाईं जड़ फैलाएगा।
- Isaiah 18:4 यशायाह 18:4क्योंकि यहोवा ने मुझ से यों कहा है, धूप की तेज गर्मी वा कटनी के समय के ओसवाले बादल की नाईं मैं शान्त होकर निहारूंगा।
- Psalm 110:3 भजन संहिता 110:3तेरी प्रजा के लोगर तेरे पराक्रम के दिन स्वेच्छाबलि बनते हैं; तेरे जवान लोग पवित्राता से शोभायमान, और भोर के गर्भ से जन्मी हुई ओस के समान तेरे पास हैं।
- Job 29:19 अय्यूब 29:19मेरी जड़ जल की ओर फैली, और मेरी डाली पर ओस रात भर पड़ी,
- Genesis 48:15–20 उत्पत्ति 48:15–20फिर उस ने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से लेकर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है; और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें। जब यूसुफ ने देखा, कि मेरे पिता ने अपना दहिना हाथ एप्रैम के सिर पर रखा है, तब यह बात उसको बुरी लगी: सो उस ने अपने पिता का हाथ इस मनसा से पकड़ लिया, कि एप्रैम के सिर पर से उठाकर मनश्शे के सिर पर रख दे। और यूसुफ ने अपने पिता से कहा, हे पिता, ऐसा नहीं: क्योंकि जेठा यही है; अपना दहिना हाथ इसके सिर पर रख। उसके पिता ने कहा, नहीं, सुन, हे मेरे पुत्रा, मैं इस बात को भली भांति जानता हूं: यद्यपि इस से भी मनुष्यों की एक मण्डली उत्पन्न होगी, और यह भी महान् हो जाएगा, तौभी इसका छोटा भाई इस से अधिक महान हो जाएगा, और उसके वंश से बहुत सी जातियां निकलेंगी। फिर उस ने उसी दिन यह कहकर उनको आशीर्वाद दिया, कि इस्राएली लोग तेरा नाम ले लेकर ऐसा आशीर्वाद दिया करेंगे, कि परमेश्वर तुझे एप्रैम और मनश्शे के समान बना दे: और उस ने मनश्शे से पहिले एप्रैम का नाम लिया।
- Genesis 48:9 उत्पत्ति 48:9यूसुफ ने अपने पिता से कहा, ये मेरे पुत्रा हैं, जो परमेश्वर ने मुझे यहां दिए हैं: उस ने कहा, उनको मेरे पास ले आ कि मैं उन्हें आशीर्वाद दूं।
- Zechariah 8:12 जकर्याह 8:12क्योंकि अब शान्ति के समय की उपज अर्थात् दाखलता फला करेंगी, पृथ्वी अपनी उपज उपजाया करेगी, और आकाश से ओस गिरा करेगी; क्योंकि मैं अपनी इस प्रजा के बचे हुओं को इन सब का अधिकारी कर दूंगा।