Genesis · chapter 48 · verse 9
Genesis 48:9 in Hindi
यूसुफ ने अपने पिता से कहा, ये मेरे पुत्रा हैं, जो परमेश्वर ने मुझे यहां दिए हैं: उस ने कहा, उनको मेरे पास ले आ कि मैं उन्हें आशीर्वाद दूं।
Yoosuph ne apane pitaa se kahaa, ye mere putraa haim, jo parameshvar ne mujhe yahaam die haim: us ne kahaa, unako mere paas le aa ki maim unhem aasheervaad doon.
Genesis 48:9 in English
- King James Version (KJV)
- And Joseph said unto his father, They [are] my sons, whom God hath given me in this [place]. And he said, Bring them, I pray thee, unto me, and I will bless them.
- World English Bible (WEB)
- Joseph said to his father, “They are my sons, whom God has given me here.” He said, “Please bring them to me, and I will bless them.”
- American Standard Version (ASV)
- And Joseph said unto his father, They are my sons, whom God hath given me here. And he said, Bring them, I pray thee, unto me, and I will bless them.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Joseph said to his father, They are my sons, whom God has given me in this land. And he said, Let them come near me, and I will give them a blessing.
- Darby Translation (DBY)
- And Joseph said to his father, They are my sons, whom God has given me here. And he said, Bring them, I pray thee, to me, that I may bless them.
- Webster's Bible (WBS)
- And Joseph said to his father, They [are] my sons, whom God hath given me in this [place]. And he said, Bring them, I pray thee, to me, and I will bless them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Joseph saith unto his father, 'They [are] my sons, whom God hath given to me in this [place];' and he saith, 'Bring them, I pray thee, unto me, and I bless them.'
Read in context
- 7जब मैं पस्रान से आता था, तब एप्राता पहुंचने से थोड़ी ही दूर पहिले राहेल कनान देश में, मार्ग में, मेरे साम्हने मर गई: और मैं ने उसे वहीं, अर्थात् एप्राता जो बेतलेहम भी कहलाता है, उसी के मार्ग में मिट्टी दी।
- 8तब इस्राएल को यूसुफ के पुत्रा देख पड़े, और उस ने पूछा, ये कौन हैं?
- 9यूसुफ ने अपने पिता से कहा, ये मेरे पुत्रा हैं, जो परमेश्वर ने मुझे यहां दिए हैं: उस ने कहा, उनको मेरे पास ले आ कि मैं उन्हें आशीर्वाद दूं।
- 10इस्राएल की आंखे बुढ़ापे के कारण धुन्धली हो गई थीं, यहां तक कि उसे कम सूझता था। तब यूसुफ उन्हें उनके पास ले गया; और उस ने उन्हें चूमकर गले लगा लिया।
- 11तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, मुझे आशा न थी, कि मैं तेरा मुख फिर देखने पाऊंगा: परन्तु देख, परमेश्वर ने मुझे तेरा वंश भी दिखाया है।
Cross references
- Genesis 27:4 उत्पत्ति 27:4तब मेरी रूचि के अनुसार स्वादिष्ट भोजन बनाकर मेरे पास ले आना, कि मै उसे खाकर मरने से पहले तुझे जी भर के आशीर्वाद दूं।
- Genesis 33:5 उत्पत्ति 33:5तब उस ने आंखे उठाकर स्त्रियों और लड़के बालों को देखा; और पूछा, ये जो तेरे साथ हैं सो कौन हैं? उस ने कहा, ये तेरे दास के लड़के हैं, जिन्हें परमेश्वर ने अनुग्रह करके मुझ को दिया है।
- Hebrews 11:21 इब्रानियों 11:21विश्वास ही से याकूब ने मरते समय यूसुफ के दोनों पुत्रों में से एक एक को आशीष दी, और अपनी लाठी के सिरे पर सहारा लेकर दण्डवत किया।
- Ruth 4:11–14 रूत 4:11–14तब फाटक के पास जितने लोग थे उन्हों ने और वृद्ध लोगों ने कहा, हम साक्षी हैं। यह जो स्त्री तेरे घर में आती है उसको यहोवा इस्राएल के घराने की दो उपजानेवाली राहेल और लिआ: के समान करे। और तू एप्राता में वीरता करे, और बेतलेहेम में तेरा बड़ा नाम हो; और जो सन्तान यहोवा इस जवान स्त्री के द्वारा तुझे दे उसके कारण से तेरा घराना पेरेस का सा हो जाए, जो तामार से यहूदा के द्वारा उत्पन्न हुआ। तब बोअज ने रूत को ब्याह लिया, और वह उसकी पत्नी हो गई; और जब वह उसके पास गया तब यहोवा की दया से उस को गर्भ रहा, और उसके एक बेटा उत्पन्न हुआ। तब स्त्रियों ने नाओमी से कहा, यहोवा धन्य है, जिस ने तुझे आज छुड़ानेवाले कुटुम्बी के बिना नहीं छोड़ा; इस्राएल में इसका बड़ा नाम हो।
- 1 Samuel 2:20–21 1 शमूएल 2:20–21और एली ने एल्काना और उसकी पत्नी को आशीर्वाद देकर कहा, यहोवा इस अर्पण किए हुए बालक की सन्ती जो उसको अर्पण किया गया है तुझ को इस पत्नी के वंश दे; तब वे अपने यहां चले गए। और यहोवा ने हन्ना की सुधि ली, और वह गर्भवती हुई ओर उसके तीन बेटे और दो बेटियां उत्पन्न हुई। और शमूएल बालक यहोवा के संग रहता हुआ बढ़ता गया।
- Genesis 49:28 उत्पत्ति 49:28इस्राएल के बारहों गोत्रा ये ही हैं: और उनके पिता ने जिस जिस वचन से उनको आशीर्वाद दिया, सो ये ही हैं; एक एक को उसके आशीर्वाद के अनुसार उस ने आशीर्वाद दिया।
- 1 Samuel 1:27 1 शमूएल 1:27यह वही बालक है जिसके लिये मैं ने प्रार्थना की थी; और यहोवा ने मुझे मुंह मांगा वर दिया है।
- Genesis 30:2 उत्पत्ति 30:2तब याकूब ने राहेल से क्रोधित होकर कहा, क्या मैं परमेश्वर हूं? तेरी कोख तो उसी ने बन्द कर रखी है।
- Isaiah 56:3–5 यशायाह 56:3–5जो परदेशी यहोवा से मिल गए हैं, वे न कहें कि यहोवा हमें अपनी प्रजा से निश्चय अलग करेगा; और खोजे भी न कहें कि हम तो सूखे वृक्ष हैं। क्योंकि जो खोजे मेरे विश्रामदिन को मानते और जिस बात से मैं प्रसन्न रहता हूं उसी को अपनाते और मेरी वाचा को पालते हैं, उनके विषय यहोवा यों कहता है कि मैं अपने भवन और अपनी शहर- पनाह के भीतर उनको ऐसा नाम दूंगा जो पुत्रा- पुत्रियों से कहीं उत्तम होगा; मैं उनका नाम सदा बनाए रखूंगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।
- Psalm 127:3 भजन संहिता 127:3देखे, लड़के यहोवा के दिए हुए भाग हैं, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
- 1 Chronicles 26:4–5 1 इतिहास 26:4–5फिर ओबेदेदोम के भी पुत्रा हुए, उसका जेठा शमायाह, दूसरा यहोजाबाद, तीसरा योआह, चौथा साकार, पांचवां नतनेल, छठवां अम्मीएल, सातवां इस्साकार और आठवां पुल्लतै, क्योंकि परमेश्वर ने उसे आशीष दी थी।
- Genesis 27:34–40 उत्पत्ति 27:34–40अपने पिता की यह बात सुनते ही एसाव ने अत्यन्त ऊंचे और दु:ख भरे स्वर से चिल्लाकर अपने पिता से कहा, हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे। उस ने कहा, तेरा भाई धूर्तता से आया, और तेरे आशीर्वाद को लेके चला गया। उस ने कहा, क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उस ने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहिलौठे का अधिकार तो उस ने ले ही लिया था: और अब देख, उस ने मेरा आशीर्वाद भी ले लिया है: फिर उस ने कहा, क्या तू ने मेरे लिये भी कोई आशीर्वाद नहीं सोच रखा है? इसहाक ने एसाव को उत्तर देकर कहा, सुन, मैं ने उसको तेरा स्वामी ठहराया, और उसके सब भाइयों को उसके अधीन कर दिया, और अनाज और नया दाखमधु देकर उसको पुष्ट किया है: सो अब, हे मेरे पुत्रा, मैं तेरे लिये क्या करूं? एसाव ने अपने पिता से कहा हे मेरे पिता, क्या तेरे मन में एक ही आशीर्वाद है? हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे: यों कहकर एसाव फूट फूटके रोया। उसके पिता इसहाक ने उस से कहा, सुन, तेरा निवास उपजाऊ भूमि पर हो, और ऊपर से आकाश की ओस उस पर पड़े।। और तू अपनी तलवार के बल से जीवित रहे, और अपने भाई के अधीन तो होए, पर जब तू स्वाधीन हो जाएगा, तब उसके जूए को अपने कन्धे पर से तोड़ फेंके।