Genesis · chapter 27 · verse 28
Genesis 27:28 in Hindi
सो परमेश्वर तुझे आकाश से ओस, और भूमि की उत्तम से उत्तम उपज, और बहुत सा अनाज और नया दाखमधु दे:
So parameshvar tujhe aakaash se os, aur bhoomi kee uttam se uttam upaj, aur bahut saa anaaj aur nayaa daakhamadhu de:
Genesis 27:28 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore God give thee of the dew of heaven, and the fatness of the earth, and plenty of corn and wine:
- World English Bible (WEB)
- God give you of the dew of the sky, of the fatness of the earth, and plenty of grain and new wine.
- American Standard Version (ASV)
- And God give thee of the dew of heaven, And of the fatness of the earth, And plenty of grain and new wine:
- Bible in Basic English (BBE)
- May God give you the dew of heaven, and the good things of the earth, and grain and wine in full measure:
- Darby Translation (DBY)
- And God give thee of the dew of heaven, And of the fatness of the earth, And plenty of corn and new wine.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore God give thee of the dew of heaven, and the fatness of the earth, and plenty of corn and wine:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and God doth give to thee of the dew of heaven, and of the fatness of the earth, and abundance of corn and wine;
Read in context
- 26तब उसके पिता इसहाक ने उस से कहा, हे मेरे पुत्रा निकट आकर मुझे चूम।
- 27उस ने निकट जाकर उसको चूमा। और उस ने उसके वस्त्रों को सुगन्ध पाकर उसको वह आशीर्वाद दिया, कि देख, मेरे पुत्रा का सुगन्ध जो ऐसे खेत का सा है जिस पर यहोवा ने आशीष दी हो:
- 28सो परमेश्वर तुझे आकाश से ओस, और भूमि की उत्तम से उत्तम उपज, और बहुत सा अनाज और नया दाखमधु दे:
- 29राज्य राज्य के लोग तेरे अधीन हों, और देश देश के लोग तुझे दण्डवत् करें: तू अपने भाइयों का स्वामी हो, और तेरी माता के पुत्रा तुझे दण्डवत् करें: जो तुझे शाप दें सो आप ही स्रापित हों, और जो तुझे आशीर्वाद दें सो आशीष पाएं।।
- 30यह आशीर्वाद इसहाक याकूब को दे ही चुका, और याकूब अपने पिता इसहाक के साम्हने से निकला ही था, कि एसाव अहेर लेकर आ पहुंचा।
Cross references
- Deuteronomy 33:28 व्यवस्थाविवरण 33:28और इस्राएल निडर बसा रहता है, अन्न और नये दाखमधु के देश में याकूब का सोता अकेला ही रहता है; और उसके ऊपर के आकाश से ओस पड़ा करती है।।
- Deuteronomy 33:13 व्यवस्थाविवरण 33:13फिर यूसुफ के विषय में उस ने कहा; इसका देश यहोवा से आशीष पाए अर्थात् आकाश के अनमोल पदार्थ और ओस, और वह गहिरा जल जो नीचे है,
- Psalm 133:3 भजन संहिता 133:3वह हेर्मोन् की उस ओस के समान है, जो सिरयोन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।।
- Hosea 14:5–7 होशे 14:5–7मैं इस्राएल के लिये ओस के समान हूंगा; वह सोसन की नाई फूले- फलेगा, और लबानोन की नाईं जड़ फैलाएगा। उसकी जड़ से पौधे फूटकर निकलेंगे; उसकी शोभा जलपाई की सी, और उसकी सुगन्ध लबानोन की सी होगी। जो उसकी छाया में बैठेंगे, वे अन्न ही नाईं बढ़ेंगे, वे दाखलता की नाई फूले- फलेंगे; और उसकी कीर्त्ति लबानोन के दाखमधु की सी होगी।।
- Psalm 65:9–13 भजन संहिता 65:9–13तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता हैं, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नहर जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है। तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है। अपनी भलाई से भरे हुए वर्ष पर तू ने मानो मुकुट धर दिया है; तेरे मार्गों में उत्तम उत्तम पदार्थ पाए जाते हैं। वे जंगल की चराइयों में पाए जाते हैं; और पहाड़ियां हर्ष का फेंटा बान्धे हुए है।। चराइयां भेड़- बकरियों से भरी हुई हैं; और तराइयां अन्न से ढंपी हुई हैं, वे जयजयकार करतीं और गाती भी हैं।।
- Zechariah 8:12 जकर्याह 8:12क्योंकि अब शान्ति के समय की उपज अर्थात् दाखलता फला करेंगी, पृथ्वी अपनी उपज उपजाया करेगी, और आकाश से ओस गिरा करेगी; क्योंकि मैं अपनी इस प्रजा के बचे हुओं को इन सब का अधिकारी कर दूंगा।
- Deuteronomy 7:13 व्यवस्थाविवरण 7:13और वह तुझ से प्रेम रखेगा, और तुझे आशीष देगा, और गिनती में बढ़ाएगा; और जो देश उस ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर तुझे देने को कहा है उस में वह तेरी सन्तान पर, और अन्न, नये दाखमधु, और टटके तेल आदि, भूमि की उपज पर आशीष दिया करेगा, और तेरी गाय- बैल और भेड़- बकरियों की बढ़ती करेगा।
- 2 Samuel 1:21 2 शमूएल 1:21हे गिलबो पहाड़ो, तुम पर न ओस पड़े, और न वर्षा हो, और न भेंट के योग्य उपजवाले खेत पाए जाएं! क्योंकि वहां शूरवीरों की ढालें अशुठ्ठ हो गई। और शाऊल की ढाल बिना तेल लगाए रह गई।
- Joel 2:19 योएल 2:19यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों को उत्तर दिया, सुनो, मैं अन्न और नया दाखमधु और ताजा तेल तुम्हें देने पर हूं, और तुम उन्हें पाकर तृप्त होगे; और मैं भविष्य में अन्यजातियों से तुम्हारी नामधराई न होने दूंगा।।
- Deuteronomy 32:2 व्यवस्थाविवरण 32:2मेरा उपदेश मेंह की नाईं बरसेगा और मेरी बातें ओस की नाईं टपकेंगी, जैसे कि हरी घास पर झीसी, और पौधों पर झड़ियां।।
- Genesis 45:18 उत्पत्ति 45:18और अपने पिता और अपने अपने घर के लोगों को लेकर मेरे पास आओ; और मि देश में जो कुछ अच्छे से अच्छा है वह मैं तुम्हें दूंगा, और तुम्हें देश के उत्तम से उत्तम पदार्थ खाने को मिलेंगे।
- Deuteronomy 11:11–12 व्यवस्थाविवरण 11:11–12परन्तु जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो वह पहाड़ों और तराईयों का देश है, और आकाश की वर्षा के जल से सिंचता है; वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से लेकर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।।