Galatians · chapter 3 · verse 19
Galatians 3:19 in Hindi
तब फिर व्यवस्था क्या रही? वह तो अपराधों के कारण बाद में दी गई, कि उस वंश के आने तक रहे, जिस को प्रतिज्ञा दी गई थी, और वह स्वर्गदूतों के द्वारा एक मध्यस्थ के हाथ ठहराई गई।
Tab phir vyavasthaa kyaa rahee? Vah to aparaadhom ke kaaran baad mem dee gaee, ki us vansh ke aane tak rahe, jis ko pratijnyaa dee gaee thee, aur vah svargadootom ke dvaaraa ek madhyasth ke haath thaharaaee gaee.
Galatians 3:19 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore then [serveth] the law? It was added because of transgressions, till the seed should come to whom the promise was made; [and it was] ordained by angels in the hand of a mediator.
- World English Bible (WEB)
- Then why is there the law? It was added because of transgressions, until the offspring should come to whom the promise has been made. It was ordained through angels by the hand of a mediator.
- American Standard Version (ASV)
- What then is the law? It was added because of transgressions, till the seed should come to whom the promise hath been made; [and it was] ordained through angels by the hand of a mediator.
- Bible in Basic English (BBE)
- What then is the law? It was an addition made because of sin, till the coming of the seed to whom the undertaking had been given; and it was ordered through angels by the hand of a go-between.
- Darby Translation (DBY)
- Why then the law? It was added for the sake of transgressions, until the seed came to whom the promise was made, ordained through angels in [the] hand of a mediator.
- Webster's Bible (WBS)
- What purpose then [serveth] the law? It was added because of transgressions, till the seed should come to whom the promise was made; [and it was] ordained by angels in the hand of a mediator.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why, then, the law? on account of the transgressions it was added, till the seed might come to which the promise hath been made, having been set in order through messengers in the hand of a mediator —
Read in context
- 17पर मैं यह कहता हूं की जो वाचा परमेश्वर ने पहिले से पक्की की थी, उस को व्यवस्था चार सौ तीस बरस के बाद आकर नहीं टाल देती, कि प्रतिज्ञा व्यर्थ ठहरे।
- 18क्योंकि यदि मीरास व्यवस्था से मिली है, तो फिर प्रतिज्ञा से नहीं, परन्तु परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा के द्वारा दे दी है।
- 19तब फिर व्यवस्था क्या रही? वह तो अपराधों के कारण बाद में दी गई, कि उस वंश के आने तक रहे, जिस को प्रतिज्ञा दी गई थी, और वह स्वर्गदूतों के द्वारा एक मध्यस्थ के हाथ ठहराई गई।
- 20मध्यस्थ तो एक का नहीं होता, परन्तु परमेश्वर एक ही है।
- 21तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि न हो? क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्यवस्था से होती।
Cross references
- Acts 7:53 प्रेरितों के काम 7:53तुम ने स्वर्गदूतों के द्वारा ठहराई हुई व्यवस्था तो पाई, परन्तु उसका पालन नहीं किया॥
- Romans 7:7–13 रोमियों 7:7–13तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है? कदापि नहीं! बरन बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहिचानता: व्यवस्था यदि न कहती, कि लालच मत कर तो मैं लालच को न जानता। परन्तु पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझ में सब प्रकार का लालच उत्पन्न किया, क्योंकि बिना व्यवस्था के पाप मुर्दा है। मैं तो व्यवस्था बिना पहिले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया। और वही आज्ञा जो जीवन के लिये थी; मेरे लिये मृत्यु का कारण ठहरी। क्योंकि पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझै बहकाया, और उसी के द्वारा मुझे मार भी डाला। इसलिये व्यवस्था पवित्रा है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है। तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करनेवाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे।
- Hebrews 2:2 इब्रानियों 2:2क्योंकि जो वचन स्वर्गदूतों के द्वारा कहा गया था जब वह स्थिर रहा और हर एक अपराध और आज्ञा न मानने का ठीक ठीक बदला मिला।
- Galatians 3:16 गलातियों 3:16निदान, प्रतिज्ञाएं इब्राहीम को, और उसके वंश को दी गईं; वह यह नहीं कहता, कि वशों को; जेसे बहुतों के विषय में कहा, पर जैसे एक के विषय में कि तेरे वंश को: और वह मसीह है।
- Romans 5:20–21 रोमियों 5:20–21और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ। कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।।
- 1 Timothy 1:8–9 1 तीमुथियुस 1:8–9पर हम जानते हैं, कि यदि कोई व्यवस्था को व्यवस्था की रीति पर काम में लाए, तो वह भली है। यह जानकर कि व्यवस्था धर्मी जन के लिये नहीं, पर अधर्मियों, निरंकुशों, भक्तिहीनों, पापीयों, अपवित्रों और अशुद्धों, मां- बाप के घात करनेवालों, हत्यारों।
- Romans 4:15 रोमियों 4:15व्यवस्था तो क्रोध उपजाती है और जहां व्यवस्था नहीं वहां उसका टालना भी नहीं।
- Romans 3:19–20 रोमियों 3:19–20हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे। क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
- Acts 7:38 प्रेरितों के काम 7:38यह वही है, जिस ने जंगल में कलीसिया के बीच उस स्वर्गदूत के साथ सीनै पहाड़ पर उस से बातें की, और हमारे बाप दादों के साथ था: उसी को जीवित वचन मिले, कि हम तक पहुंचाए।
- Romans 3:1–2 रोमियों 3:1–2सो यहूदी की क्या बड़ाई, या खतने का क्या लाभ? हर प्रकार से बहुत कुछ। पहिले तो यह कि परमशॆवर के वचन उन को सौंपे गए।
- Deuteronomy 5:5 व्यवस्थाविवरण 5:5उस आग के डर के मारे तुम पर्वत पर न चढ़े, इसलिये मैं यहोवा के और तुम्हारे बीच उसका वचन तुम्हें बताने को खड़ा रहा। तब उस ने कहा,
- John 15:22 यूहन्ना 15:22यदि मैं न आता और उन से बातें न करता, तो वे पापी न ठहरते परन्तु अब उन्हें उन के पाप के लिये कोई बहाना नहीं।
Original words (Greek)
- Wherefore · G5101τίς tís
- then · G3767οὖν oûn
- law · G3551νόμος nómos
- added · G4369προστίθημι prostíthēmi
- because · G5484χάριν chárin
- transgressions · G3847παράβασις parábasis
- till · G891ἄχρι áchri
- seed · G4690σπέρμα spérma
- come · G2064ἔρχομαι érchomai
- whom · G3739ὅς hós
- made · G1861ἐπαγγέλλω epangéllō
- ordained · G1299διατάσσω diatássō
- by · G1223διά diá
- angels · G32ἄγγελος ángelos
- in · G1722ἐν en
- hand · G5495χείρ cheír
- mediator · G3316μεσίτης mesítēs