Judges · chapter 5 · verse 4
Judges 5:4 in Hindi
हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तू ने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा।।
He yahovaa, jab too seeer se nikal chalaa, jab too ne edom ke desh se prasthaan kiyaa, tab pruthvee dol uthee, aur aakaash toot padaa, baadal se bhee jal barasane lagaa..
Judges 5:4 in English
- King James Version (KJV)
- LORD, when thou wentest out of Seir, when thou marchedst out of the field of Edom, the earth trembled, and the heavens dropped, the clouds also dropped water.
- World English Bible (WEB)
- “LORD, when you went out of Seir, when you marched out of the field of Edom, the earth trembled, the sky also dropped. Yes, the clouds dropped water.
- American Standard Version (ASV)
- Jehovah, when thou wentest forth out of Seir, When thou marchedst out of the field of Edom, The earth trembled, the heavens also dropped, Yea, the clouds dropped water.
- Bible in Basic English (BBE)
- Lord, when you went out from Seir, moving like an army from the field of Edom, the earth was shaking and the heavens were troubled, and the clouds were dropping water.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah, when thou wentest forth from Seir, When thou marchedst out of the fields of Edom, The earth trembled, and the heavens dropped, Yea, the clouds dropped water.
- Webster's Bible (WBS)
- LORD, when thou wentest out of Seir, when thou marchedst out of the field of Edom, the earth trembled, and the heavens dropped, the clouds also dropped water.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jehovah, in Thy going forth out of Seir, In Thy stepping out of the field of Edom, Earth trembled, also the heavens dropped, Also thick clouds dropped water.
Read in context
- 2कि इस्राएल के अगुवों ने जो अगुवाई की और प्रजा जो अपनी ही इच्छा से भरती हुई, इसके लिये यहोवा को धन्य कहो!
- 3हे राजाओ, सुनो; हे अधिपतियों कान लगाओ, मैं आप यहोवा के लिये गीत गाऊंगी; इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का मैं भजन करूंगी।।
- 4हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तू ने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा।।
- 5यहोवा के प्रताप से पहाड़, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के प्रताप से वह सीनै पिघलकर बहने लगा।
- 6अनात के पुत्रा शमगर के दिनों में, और याएल के दिनों में सड़कें सूनी पड़ी थीं, और बटोही पगदंडियों से चलते थे।।
Cross references
- Deuteronomy 33:2 व्यवस्थाविवरण 33:2उस ने कहा, यहोवा सीनै से आया, और सेईर से उनके लिये उदय हुआ; उस ने पारान पर्वत पर से अपना तेज दिखाया, और लाखों पवित्रों के मध्य में से आया, उसके दहिने हाथ से उनके लिये ज्वालामय विधियां निकलीं।।
- Psalm 68:7–8 भजन संहिता 68:7–8हे परमेश्वर, जब तू अपनी प्रजा के आगे आगे चलता था, जब तू निर्जल भूमि में सेना समेत चला, तब पृथ्वी कांप उठी, और आकाश भी परमेश्वर के साम्हने टपकने लगा, उधर सीनै पर्वत परमेश्वर, हां इस्राएल के परमेश्वर के साम्हने कांप उठा।
- Psalm 77:17 भजन संहिता 77:17मेघों से बड़ी वर्षा हुई; आकाश से शब्द हुआ; फिर तेरे तीर इधर उधर चले।
- Psalm 18:7–15 भजन संहिता 18:7–15तब पृथ्वी हिल गई, और कांप उठी और पहाड़ों की नेवे कंपित होकर हिल गई क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था। उसके नथनों से धुआं निकला, और उसके मुंह से आग निकलकर भस्म करने लगी; जिस से कोएले दहक उठे। और वह स्वर्ग को नीचे झुकाकर उतर आया; और उसके पांवों तले घोर अन्धकार था। और वह करूब पर सवार होकर उड़ा, वरन पवन के पंखों पर सवारी करके वेग से उड़ा। उस ने अन्धियारे को अपने छिपने का स्थान और अपने चारों ओर मेघों के अन्धकार और आकाश की काली घटाओं का मण्डप बनाया। उसकी उपस्थिति की झलक से उसकी काली घटाएं फट गई; ओले और अंगारे। तब यहोवा आकाश में गरजा, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई, ओले ओर अंगारे।। उस ने अपने तीर चला चलाकर उनको तितर बितर किया; वरन बिजलियां गिरा गिराकर उनको परास्त किया। तब जल के नाले देख पड़े, और जगत की नेवें प्रगट हुई, यह तो यहोवा तेरी डांट से, और तेरे नथनों की सांस की झोंक से हुआ।।
- Job 9:6 अय्यूब 9:6वह पृथ्वी को हिलाकर उसके स्थान से अलग करता है, और उसके खम्भे कांपने लगते हैं।
- 2 Samuel 22:8 2 शमूएल 22:8तब पृथ्वी हिल गई और डोल उठी; और आकाश की नेवें कांपकर बहुत ही हिल गई, क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
- Habakkuk 3:3–6 हबक्कूक 3:3–6ईश्वर तेमान से आया, पवित्रा ईश्वर परान पर्वत से आ रहा है। उसका तेज आकाश पर छाया हुआ है, और पृथ्वी उसकी स्तुति से परिपूर्ण हो गई है।। उसकी ज्योति सूर्य के तुल्य थी, उसके हाथ से किरणे निकल रही थीं; और इन में उसका सामर्थ छिपा हुआ था। उसके आगे आगे मरी फैलती गई, और उसके पांवों से महाज्वर निकलता गया। वह खड़ा होकर पृथ्वी को नाप रहा था; उस ने देखा और जाति जाति के लोग घबरा गए; तब सनातन पर्वत चकनाचूर हो गए, और सनातन की पहाड़ियां झुक गई उसकी गति अनन्त काल से एक सी है।
Original words (Hebrew)
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- Seir · H8165שֵׂעִיר Sêʻîyr
- out · H6805צָעַד tsâʻad
- field · H7704שָׂדֶה sâdeh
- Edom · H123אֱדֹם ʼĔdôm
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- trembled · H7493רָעַשׁ râʻash
- heavens · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- dropped · H5197נָטַף nâṭaph
- clouds · H5645עָב ʻâb
- dropped · H5197נָטַף nâṭaph
- water · H4325מַיִם mayim