Deuteronomy · chapter 5 · verse 21
Deuteronomy 5:21 in Hindi
तू न किसी की पत्नी का लालच करना, और न किसी के घर का लालच करना, न उसके खेत का, न उसके दास का, न उसकी दासी का, न उसके बैल वा गदहे का, न उसकी किसी और वस्तु का लालच करना।।
Too na kisee kee patnee kaa laalach karanaa, aur na kisee ke ghar kaa laalach karanaa, na usake khet kaa, na usake daas kaa, na usakee daasee kaa, na usake bail vaa gadahe kaa, na usakee kisee aur vastu kaa laalach karanaa..
Deuteronomy 5:21 in English
- King James Version (KJV)
- Neither shalt thou desire thy neighbour’s wife, neither shalt thou covet thy neighbour’s house, his field, or his manservant, or his maidservant, his ox, or his ass, or any [thing] that [is] thy neighbour’s.
- World English Bible (WEB)
- “You shall not covet your neighbor’s wife. Neither shall you desire your neighbor’s house, his field, or his male servant, or his female servant, his ox, or his donkey, or anything that is your neighbor’s.”
- American Standard Version (ASV)
- Neither shalt thou covet thy neighbor’s wife; neither shalt thou desire thy neighbor’s house, his field, or his man-servant, or his maid-servant, his ox, or his ass, or anything that is thy neighbor’s.
- Bible in Basic English (BBE)
- Or let your desire be turned to your neighbour's wife, or his house or his field or his man-servant or his woman-servant or his ox or his ass or anything which is your neighbour's.
- Darby Translation (DBY)
- Neither shalt thou desire thy neighbour's wife, neither shalt thou covet thy neighbour's house, his field, nor his bondman, nor his handmaid, his ox, nor his ass, nor anything that is thy neighbour's.
- Webster's Bible (WBS)
- Neither shalt thou desire thy neighbor's wife, neither shalt thou covet thy neighbor's house, his field, or his man-servant, or his maid-servant, his ox, or his ass, or any [thing] that [is] thy neighbor's.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thou dost not desire thy neighbour's wife; nor dost thou covet thy neighbour's house, his field, and his man-servant, and his handmaid, his ox, and his ass, and anything which [is] thy neighbour's.
Read in context
- 19तू चोरी न करना।।
- 20तू किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी न देना।।
- 21तू न किसी की पत्नी का लालच करना, और न किसी के घर का लालच करना, न उसके खेत का, न उसके दास का, न उसकी दासी का, न उसके बैल वा गदहे का, न उसकी किसी और वस्तु का लालच करना।।
- 22यही वचन यहोवा ने उस पर्वत पर आग, और बादल, और घोर अन्धकार के बीच में से तुम्हारी सारी मण्डली से पुकारकर कहा; और इस से अधिक और कुछ न कहा। और उन्हें उस ने पत्थर की दो पटियाओं पर लिखकर मुझे दे दिया।
- 23जब पर्वत आग से दहक रहा था, और तुम ने उस शब्द को अन्धियारे के बीच में से आते सुना, तब तुम और तुम्हारे गोत्रों के सब मुख्य मुख्य पुरूष और तुम्हारे पुरनिए मेरे पास आए;
Cross references
- Exodus 20:17 निर्गमन 20:17तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास- दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।।
- Romans 13:9 रोमियों 13:9क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्र्रेम रख।
- Luke 12:15 लूका 12:15और उस ने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता।
- 1 Kings 21:1–4 1 राजा 21:1–4नाबोत नाम एक यिज्रेली की एक दाख की बारी शोमरोन के राजा अहाब के राजमन्दिर के पास यिज्रेल में थी। इन बातों के बाद आीाब ने नाबोत से कहा, तेरी दाख की बारी मेरे घर के पास है, तू उसे मुझे दे कि मैं उस में साग पात की बारी लगाऊं; और मैं उसके बदले तुझे उस से अच्छी एक बाटिका दूंगा, नहीं तो तेरी इच्छा हो तो मैं तुझे उसका मूल्य दे दूंगा। नाबोत ने यहाब से कहा, यहोवा न करे कि मैं अपने पुरखाओं का निज भाग तुझे दूं! यिज्रेली नाबोत के इस वचन के कारण कि मैं तुझे अपने पुरखाओं का निज भाग न दूंगा, अहाब उदास और अप्रसन्न होकर अपते घर गया, और बिछौने पर लेट गया और मुंह फेर लिया, और कुछ भेजन न किया।
- Micah 2:2 मीका 2:2वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
- 1 Timothy 6:9–10 1 तीमुथियुस 6:9–10पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
- Romans 7:7–8 रोमियों 7:7–8तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है? कदापि नहीं! बरन बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहिचानता: व्यवस्था यदि न कहती, कि लालच मत कर तो मैं लालच को न जानता। परन्तु पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझ में सब प्रकार का लालच उत्पन्न किया, क्योंकि बिना व्यवस्था के पाप मुर्दा है।
- Hebrews 13:5 इब्रानियों 13:5तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
- Habakkuk 2:9 हबक्कूक 2:9हाय उस पर, जो अपने धर के लिये अन्याय के लाभ का लोभी है ताकि वह अपना घोंसला ऊंचे स्थान में बनाकर विपत्ति से बचे।
Original words (Hebrew)
- desire · H2530חָמַד châmad
- neighbour’s · H7453רֵעַ rêaʻ
- wife · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- covet · H183אָוָה ʼâvâh
- neighbour’s · H7453רֵעַ rêaʻ
- house · H1004בַּיִת bayith
- field · H7704שָׂדֶה sâdeh
- manservant · H5650עֶבֶד ʻebed
- maidservant · H519אָמָה ʼâmâh
- ox · H7794שׁוֹר shôwr
- ass · H2543חֲמוֹר chămôwr
- neighbour’s · H7453רֵעַ rêaʻ