Ecclesiastes · chapter 10 · verse 2
Ecclesiastes 10:2 in Hindi
बुद्धिमान का मन उचित बात की ओर रहता है परन्तु मूर्ख का मन उसके विपरीत रहता है।
Buddhimaan kaa man uchit baat kee or rahataa hai parantu moorkh kaa man usake vipareet rahataa hai.
Ecclesiastes 10:2 in English
- King James Version (KJV)
- A wise man’s heart [is] at his right hand; but a fool’s heart at his left.
- World English Bible (WEB)
- A wise man’s heart is at his right hand, but a fool’s heart at his left.
- American Standard Version (ASV)
- A wise man’s heart is at his right hand; but a fool’s heart at his left.
- Bible in Basic English (BBE)
- The heart of the wise man goes in the right direction; but the heart of a foolish man in the wrong.
- Darby Translation (DBY)
- The heart of a wise [man] is at his right hand; but a fool's heart at his left.
- Webster's Bible (WBS)
- A wise man's heart [is] at his right hand; but a fool's heart [is] at his left.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The heart of the wise [is] at his right hand, And the heart of a fool at his left.
Read in context
- 1मार हुई मक्खियों के कारण गन्धी का तेल सड़ने और बसाने लगता है; और थोड़ी सी मूर्खता बुद्धि और प्रतिष्ठा को घटा देती है।
- 2बुद्धिमान का मन उचित बात की ओर रहता है परन्तु मूर्ख का मन उसके विपरीत रहता है।
- 3वरन जब मूर्ख मार्ग पर चलता है, तब उसकी समझ काम नहीं देती, अैर वह सब से कहता है, मैं मूर्ख हूं।।
- 4यदि हाकिम का क्रोध तुझ पर भड़के, तो अपना स्थान न छोड़ना, क्योंकि धीरज धरने से बड़े बड़े पाप रूकते हैं।।
Cross references
- Luke 12:18–20 लूका 12:18–20और उस ने कहा; मैं यह करूंगा: मैं अपनी बखारियां तोड़ कर उन से बड़ी बनाऊंगा; और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?
- Ecclesiastes 10:14 सभोपदेशक 10:14मूर्ख बहुत बातें बढ़ाकर बोलता है, तौभी कोई मनुष्य नहीं जानता कि क्या होगा, और कौन बता सकता है कि उसके बाद क्या होनेवाला है?
- Proverbs 17:16 नीतिवचन 17:16बुद्धि मोल लेने के लिये मूर्ख अपने हाथ में दाम क्यों लिए हैं? वह उसे चाहता ही नहीं।
- Proverbs 14:8 नीतिवचन 14:8चतुर की बुद्धि अपनी चाल का जानना है, परन्तु मूर्खों की मूढ़ता छल करना है।
- Luke 14:28–32 लूका 14:28–32तुम में से कौन है कि गढ़ बनाना चाहता हो, और पहिले बैठकर खर्च न जोड़े, कि पूरा करने की बिसात मेरे पास है कि नहीं? कहीं ऐसा न हो, कि जब नेव डालकर तैयार न कर सके, तो सब देखनेवाले यह कहकर उसे ठट्ठों में उड़ाने लगें। कि यह मनुष्य बनाने तो लगा, पर तैयार न कर सका? या कौन ऐसा राजा है, कि दूसरे राजा से युद्ध करने जाता हो, और पहिले बैठकर विचार न कर ले कि जो बीस हजार लेकर उसका साम्हना कर सकता हूं, कि नहीं? नहीं तो उसके दूर रहते ही, वह दूतों को भेजकर मिलाप करना चाहेगा।
- Ecclesiastes 10:10 सभोपदेशक 10:10यदि कुल्हाड़ा थोथा हो और मनुष्य उसकी धार को पैनी न करे, तो अधिक बल लगाना पड़ेगा; परन्तु सफल होने के लिये बुद्धि से लाभ होता है।
- Ecclesiastes 9:10 सभोपदेशक 9:10जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।।