Ecclesiastes · chapter 11 · verse 3
Ecclesiastes 11:3 in Hindi
यदि बादल जल भरे हैं, तब उसका भूमि पर उण्डेल देते हैं; और वृक्ष चाहे दक्खिन की ओर गिरे या उत्तर की ओर, तौभी जिस स्थान पर वृक्ष गिरेगा, वहीं पड़ा रहेगा।
Yadi baadal jal bhare haim, tab usakaa bhoomi par undel dete haim; aur vruksh chaahe dakkhin kee or gire yaa uttar kee or, taubhee jis sthaan par vruksh giregaa, vaheem padaa rahegaa.
Ecclesiastes 11:3 in English
- King James Version (KJV)
- If the clouds be full of rain, they empty [themselves] upon the earth: and if the tree fall toward the south, or toward the north, in the place where the tree falleth, there it shall be.
- World English Bible (WEB)
- If the clouds are full of rain, they empty themselves on the earth; and if a tree falls toward the south, or toward the north, in the place where the tree falls, there shall it be.
- American Standard Version (ASV)
- If the clouds be full of rain, they empty themselves upon the earth; and if a tree fall toward the south, or toward the north, in the place where the tree falleth, there shall it be.
- Bible in Basic English (BBE)
- If the clouds are full of rain, they send it down on the earth; and if a tree comes down to the south, or the north, in whatever place it comes down, there it will be.
- Darby Translation (DBY)
- If the clouds be full of rain, they empty themselves upon the earth; and if a tree fall toward the south, or toward the north, in the place where the tree falleth, there it shall be.
- Webster's Bible (WBS)
- If the clouds are full of rain, they empty [themselves] upon the earth: and if the tree falleth towards the south, or towards the north, in the place where the tree falleth, there it shall be.
- Young's Literal Translation (YLT)
- If the thick clouds are full of rain, On the earth they empty [themselves]; And if a tree doth fall in the south or to the north, The place where the tree falleth, there it is.
Read in context
- 1अपनी रोटी जल के ऊपर डाल दे, क्योंकि बहुत दिन के बाद तू उसे फिर पाएगा।
- 2सात वरन आठ जनों को भी भाग दे, क्योंकि तू नहीं जानता कि पृथ्वी पर क्या विपत्ति आ पड़ेगी।
- 3यदि बादल जल भरे हैं, तब उसका भूमि पर उण्डेल देते हैं; और वृक्ष चाहे दक्खिन की ओर गिरे या उत्तर की ओर, तौभी जिस स्थान पर वृक्ष गिरेगा, वहीं पड़ा रहेगा।
- 4जो वायु को ताकता रहेगा वह बीज बोने न पाएगा; और जो बादलों को देखता रहेगा वह लवने न पाएगा।
- 5जैसे तू वायु के चलने का मार्ग नहीं जानता और किस रीति से गर्भवती के पेट में हडि्डयां बढ़ती हैं, वैसे ही तू परमेश्वर का काम नहीं जानता जो सब कुछ करता है।।
Cross references
- Psalm 65:9–13 भजन संहिता 65:9–13तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता हैं, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नहर जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है। तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है। अपनी भलाई से भरे हुए वर्ष पर तू ने मानो मुकुट धर दिया है; तेरे मार्गों में उत्तम उत्तम पदार्थ पाए जाते हैं। वे जंगल की चराइयों में पाए जाते हैं; और पहाड़ियां हर्ष का फेंटा बान्धे हुए है।। चराइयां भेड़- बकरियों से भरी हुई हैं; और तराइयां अन्न से ढंपी हुई हैं, वे जयजयकार करतीं और गाती भी हैं।।
- Isaiah 55:10–11 यशायाह 55:10–11जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है, उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सुफल करेगा।।
- 1 John 3:17 1 यूहन्ना 3:17पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है?
- Luke 13:7 लूका 13:7तब उस ने बारी के रखवाले से कहा, देख तीन वर्ष से मैं इस अंजीर के पेड़ में फल ढूंढ़ने आता हूं, परन्तु नहीं पाता, इसे काट डाल कि यह भूमि को भी क्यों रोके रहे।
- 1 Kings 18:45 1 राजा 18:45थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भरी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार होकर यिज्रेल को चला।
- Matthew 3:10 मत्ती 3:10और अब कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर रखा हुआ है, इसलिये जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।
- Luke 16:22–26 लूका 16:22–26और ऐसा हुआ कि वह कंगाल मर गया, और स्वर्गदूतों ने उसे लेकर इब्राहीम की गोद में पहुंचाया; और वह धनवान भी मरा; और गाड़ा गया। और अधोलोक में उस ने पीड़ा में पड़े हुए अपनी आंखें उठाई, और दूर से इब्राहीम की गोद में लाजर को देखा। और उस ने पुकार कर कहा, हे पिता इब्राहीम, मुझ पर दया करके लाजर को भेज दे, ताकि वह अपनी उंगुली का सिरा पानी में भिगो कर मेरी जीभ को ठंडी करे, क्योंकि मैं इस ज्वाला में तड़प रहा हूं। परन्तु इब्राहीम ने कहा; हे पुत्र स्मरण कर, कि तू अपने जीवन में अच्छी वस्तुएं ले चुका है, और वैसे ही लाजर बुरी वस्तुएं: परन्तु अब वह यहां शान्ति पा रहा है, और तू तड़प रहा है। और इन सब बातों को छोड़ हमारे और तुम्हारे बीच एक भारी गड़हा ठहराया गया है कि जो यहां से उस पार तुम्हारे पास जाना चाहें, वे न जा सकें, और न कोई वहां से इस पार हमारे पास आ सके।
Original words (Hebrew)
- clouds · H5645עָב ʻâb
- full · H4390מָלֵא mâlêʼ
- rain · H1653גֶּשֶׁם geshem
- empty · H7324רוּק rûwq
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- tree · H6086עֵץ ʻêts
- fall · H5307נָפַל nâphal
- south · H1864דָּרוֹם dârôwm
- north · H6828צָפוֹן tsâphôwn
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- tree · H6086עֵץ ʻêts
- falleth · H5307נָפַל nâphal
- be · H1933הָוָא hâvâʼ