Ecclesiastes · chapter 12 · verse 8
Ecclesiastes 12:8 in Hindi
उपदेशक कहता है, सब व्यर्थ ही व्यर्थ; सब कुछ व्यर्थ है।
Upadeshak kahataa hai, sab vyarth hee vyarth; sab kuchh vyarth hai.
Ecclesiastes 12:8 in English
- King James Version (KJV)
- Vanity of vanities, saith the preacher; all [is] vanity.
- World English Bible (WEB)
- “Vanity of vanities,” says the Preacher. “All is vanity!”
- American Standard Version (ASV)
- Vanity of vanities, saith the Preacher; all is vanity.
- Bible in Basic English (BBE)
- All things are to no purpose, says the Preacher, all is to no purpose.
- Darby Translation (DBY)
- Vanity of vanities, saith the Preacher: all is vanity.
- Webster's Bible (WBS)
- Vanity of vanities saith the preacher; all [is] vanity.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Vanity of vanities, said the preacher, the whole [is] vanity.
Read in context
- 6उस समय चान्दी का तार दो टूकड़े हो जाएगा और सोने का कटोरा टूटेगा; और सोते के पास घड़ा फूटेगा, और कुण्ड के पास रहट टूट जाएगा,
- 7जब मिट्टी ज्यों की त्यों मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा परमेश्वर के पास जिस ने उसे दिया लौट जाएगी।
- 8उपदेशक कहता है, सब व्यर्थ ही व्यर्थ; सब कुछ व्यर्थ है।
- 9उपदेशक जो बुद्धिमान था, वह प्रजा को ज्ञान भी सिखाता रहा, और ध्यान लगाकर और पूछपाछ करके बहुत से नीतिवचन क्रम से रखता था।
- 10उपदेशक ने मनभावने शब्द खोजे और सीधाई से ये सच्ची बातें लिख दीं।।
Cross references
- Ecclesiastes 1:2 सभोपदेशक 1:2उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है।
- Ecclesiastes 6:12 सभोपदेशक 6:12क्योंकि मनुष्य के क्षणिक व्यर्थ जीवन में जो वह परछाई की नाई बिताता है कौन जानता है कि उसके लिये अच्छा क्या है? क्योंकि मनुष्य को कौन बता सकता है कि उसके बाद दुनिया में क्या होगा?
- Ecclesiastes 8:8 सभोपदेशक 8:8ऐसा कोई मनुष्य नहीं जिसका वश प्राण पर चले कि वह उसे निकलते समय रोक ले, और न कोई मृत्यु के दिन पर अधिकारी होता है; और न उसे लड़ाई से छृट्टी मिल सकती है, और न दुष्ट लोग अपनी दुष्टता के कारण बच सकते हैं।
- Psalm 62:9 भजन संहिता 62:9सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
- Ecclesiastes 1:14 सभोपदेशक 1:14मैं ने उन सब कामों को देखा जो सूर्य के नीचे किए जाते हैं; देखो वे सब व्यर्थ और मानो वायु को पकड़ना है।
- Ecclesiastes 2:17 सभोपदेशक 2:17बुद्धिमान क्योंकर मूर्ख के समान मरता है! इसलिये मैं ने अपने जीवन से घृणा की, क्योंकि जो काम संसार में किया जाता है मुझे बुरा मालूम हुआ; क्योंकि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।
- Ecclesiastes 4:4 सभोपदेशक 4:4तब में ने सब परिश्रम के काम और सब सफल कामों को देखा जो लोग अपने पड़ोसी से जलन के कारण करते हैं। यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।।