Ecclesiastes · chapter 12 · verse 10
Ecclesiastes 12:10 in Hindi
उपदेशक ने मनभावने शब्द खोजे और सीधाई से ये सच्ची बातें लिख दीं।।
Upadeshak ne manabhaavane shabd khoje aur seedhaaee se ye sachchee baatem likh deen..
Ecclesiastes 12:10 in English
- King James Version (KJV)
- The preacher sought to find out acceptable words: and [that which was] written [was] upright, [even] words of truth.
- World English Bible (WEB)
- The Preacher sought to find out acceptable words, and that which was written blamelessly, words of truth.
- American Standard Version (ASV)
- The Preacher sought to find out acceptable words, and that which was written uprightly, [even] words of truth.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Preacher made search for words which were pleasing, but his writing was in words upright and true.
- Darby Translation (DBY)
- The Preacher sought to find out acceptable words; and that which was written is upright, words of truth.
- Webster's Bible (WBS)
- The preacher sought to find out acceptable words: and [that which was] written [was] upright, [even] words of truth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The preacher sought to find out pleasing words, and, written [by] the upright, words of truth.
Read in context
- 8उपदेशक कहता है, सब व्यर्थ ही व्यर्थ; सब कुछ व्यर्थ है।
- 9उपदेशक जो बुद्धिमान था, वह प्रजा को ज्ञान भी सिखाता रहा, और ध्यान लगाकर और पूछपाछ करके बहुत से नीतिवचन क्रम से रखता था।
- 10उपदेशक ने मनभावने शब्द खोजे और सीधाई से ये सच्ची बातें लिख दीं।।
- 11बुद्धिमानों के वचन पैनों के समान होते हैं, और सभाओं के प्रधानों के वचन गाड़ी हुई कीलों के समान हैं, क्योंकि एक ही चरवाहे की ओर से मिलते हैं।
- 12हे मेरे पुत्रा, इन्ही में चौकसी सीख। बहुत पुस्तकों की रचना का अन्त नहीं होता, और बहुत पढ़ना देह को थका देता है।।
Cross references
- Colossians 1:5 कुलुस्सियों 1:5उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो।
- 1 Timothy 1:15 1 तीमुथियुस 1:15यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं।
- Proverbs 16:21–24 नीतिवचन 16:21–24जिसके हृदय में बुद्धि है, वह समझवाला कहलाता है, और मधुर वाणी के द्वारा ज्ञान बढ़ता है। जिसके बुद्धि है, उसके लिये वह जीवन का सोता है, परन्तु मूढ़ों को शिक्षा देना मूढ़ता ही होती है। बुद्धिमान का मन उसके मुंह पर भी बुद्धिमानी प्रगट करता है, और उसके वचन में विद्या रहती है। मनभावने वचन मधुभरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हडि्डयों को हरी- भरी करते हैं।
- Proverbs 25:11–12 नीतिवचन 25:11–12जैसे चान्दी की टोकरियों में सोनहले सेब हों वैसे ही ठीक समय पर कहा हुआ वचन होता है। जैसे सोने का नत्थ और कुन्दन का जेवन अच्छा लगता है, वैसे ही माननेवाले के कान में बुद्धिमान की डांट भी अच्छी लगती है।
- Proverbs 1:1–6 नीतिवचन 1:1–6दाऊद के पुत्रा इस्राएल के राजा सुलैमान के नीतिवचन: इनके द्वारा पढ़नेवाला बुद्धि और शिक्षा प्राप्त करे, और समझ की बातें समझे, और काम करने में प्रवीणता, और धर्म, न्याय और सीधाई की शिक्षा पाए; कि भोलों को चतुराई, और जवान को ज्ञान और विवेक मिले; कि बुद्धिमान सुनकर अपनी विद्या बढ़ाए, और समझदार बुद्धि का उपदेश पाए, जिस से वे नितिवचन और दृष्टान्त को, और बुद्धिमानों के वचन और उनके रहस्यों को समझें।।
- Proverbs 22:17–21 नीतिवचन 22:17–21कान लगाकर बुद्धिमानों के वचन सुन, और मेरी ज्ञान की बातों की ओर मन लगा; यदि तू उसको अपने मन में रखे, और वे सब तेरे मुंह से निकला भी करें, तो यह मनभावनी बात होगी। मैं आज इसलिये ये बातें तुझ को जता देता हूं, कि तेरा भरोसा यहोवा पर हो। मैं बहुत दिनों से तेरे हित के उपदेश और ज्ञान की बातें लिखता आया हूं, कि मैं तुझे सत्य वचनों का निश्चय करा दूं, जिस से जो तुझे काम में लगाएं, उनको सच्चा उत्तर दे सके।।
- Proverbs 15:26 नीतिवचन 15:26बुरी कल्पनाएं यहोवा को घिनौनी लगती हैं, परन्तु शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं।
- Proverbs 8:6–10 नीतिवचन 8:6–10सुनो, क्योंकि मैं उत्तम बातें कहूंगी, और जब मुंह खोलूंगी, तब उस से सीधी बातें निकलेंगी; क्योंकि मुझ से सच्चाई की बातों का वर्णन होगा; दुष्टता की बातों से मुझ को घृणा आती है।। मेरे मुंह की सब बातें धर्म की होती हैं, उन में से कोई टेढ़ी वा उलट फेर की बात नहीं निकलती है। समझवाले के लिये वे सब सहज, और ज्ञान के प्राप्त करनेवालों के लिये अति सीधी हैं। चान्दी नहीं, मेरी शिक्षा ही को लो, और उत्तम कुन्दन से बढ़कर ज्ञान को ग्रहण करो।
- Ecclesiastes 1:1 सभोपदेशक 1:1यरूशलेम के राजा, दाऊद के पुत्रा और उपदेशक के वचन।