Ecclesiastes · chapter 2 · verse 14
Ecclesiastes 2:14 in Hindi
जो बुद्धिमान है, उसके सिर में आंखें रहती हैं, परन्तु मूर्ख अंधियारे में चलता है; तौभी मैं ने जान लिया कि दोनों की दशा एक सी होती है।
Jo buddhimaan hai, usake sir mem aankhem rahatee haim, parantu moorkh andhiyaare mem chalataa hai; taubhee maim ne jaan liyaa ki donom kee dashaa ek see hotee hai.
Ecclesiastes 2:14 in English
- King James Version (KJV)
- The wise man’s eyes [are] in his head; but the fool walketh in darkness: and I myself perceived also that one event happeneth to them all.
- World English Bible (WEB)
- The wise man’s eyes are in his head, and the fool walks in darkness—and yet I perceived that one event happens to them all.
- American Standard Version (ASV)
- The wise man’s eyes are in his head, and the fool walketh in darkness: and yet I perceived that one event happeneth to them all.
- Bible in Basic English (BBE)
- The wise man's eyes are in his head, but the foolish man goes walking in the dark; but still I saw that the same event comes to them all.
- Darby Translation (DBY)
- The wise man's eyes are in his head, and the fool walketh in darkness; but I myself also perceived that one event happeneth to them all.
- Webster's Bible (WBS)
- The wise man's eyes [are] in his head; but the fool walketh in darkness: and I myself perceived also that one event happeneth to them all.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The wise! — his eyes [are] in his head, and the fool in darkness is walking, and I also knew that one event happeneth with them all;
Read in context
- 12फिर मैं ने अपने मन को फेरा कि बुद्धि और बावलेपन और मूर्खता के कार्यों को देखूं; क्योंकि जो मनुष्य राजा के पीछे आएगा, वह क्या करेगा? केवल वही जो होता चला आया है।
- 13तब मैं ने देखा कि उजियाला अंधियारे से जितना उत्तम है, उतना बुद्धि भी मूर्खता से उत्तम है।
- 14जो बुद्धिमान है, उसके सिर में आंखें रहती हैं, परन्तु मूर्ख अंधियारे में चलता है; तौभी मैं ने जान लिया कि दोनों की दशा एक सी होती है।
- 15तब मैं ने मन में कहा, जैसी मूर्ख की दशा होगी, वैसी ही मेरी भी होगी; फिर मैं क्यों अधिक बुद्धिमान हुआ? और मैं ने मन में कहा, यह भी व्यर्थ ही है।
- 16क्योंकि ने तो बुद्धिमान का और न मूर्ख का स्मरण सर्वदा बना रहेगा, परन्तु भविष्य में सब कुछ बिसर जाएगा।
Cross references
- Psalm 49:10 भजन संहिता 49:10क्योंकि देखने में आता है, कि बुद्धिमान भी मरते हैं, और मूर्ख और पशु सरीखे मनुष्य भी दोनों नाश होते हैं, और अपनी सम्पत्ति औरों के लिये छोड़ जाते हैं।
- Proverbs 17:24 नीतिवचन 17:24बुद्धि समझनेवाले के साम्हने ही रहती है, परन्तु मूर्ख की आंखे पृथ्वी के दूर दूर देशों में लगी रहती है।
- Ecclesiastes 9:11 सभोपदेशक 9:11फिर मैं ने धरती पर देखा कि न तो दौड़ में वेग दौड़नेवाले और न युद्ध में शूरवीर जीतते; न बुद्धिमान लोग रोटी पाते न समझवाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में है।
- Ecclesiastes 3:19 सभोपदेशक 3:19क्योंकि जैसी मनुष्यों की वैसी ही पशुओं की भी दशा होती है; दोनों की वही दशा होती है, जैसे एक मरता वैसे ही दूसरा भी मरता है। सभों की स्वांस एक सी है, और मनुष्य पशु से कुछ बढ़कर नहीं; सब कुछ व्यर्थ ही है।
- 1 John 2:11 1 यूहन्ना 2:11पर जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह अन्धकार में है, और अन्धकार में चलता है; और नहीं जानता, कि कहां जाता है, क्योंकि अन्धकार ने उस की आंखे अन्धी कर दी हैं।।
- Ecclesiastes 9:1–3 सभोपदेशक 9:1–3यह सब कुछ मैं ने मन लगाकर विचारा कि इन सब बातों का भेद पाऊं, कि किस प्रकार धर्मी और बुद्धिमान लाग और उनके काम परमेश्वर के हाथ में हैं; मनुष्य के आगे सब प्रकार की बातें हैं परन्तु वह नहीं जानता कि वह प्रेम है व बैर। सब बातें सभों को एक समान होती है, धर्मी हो या दुष्ट, भले, शुद्ध या अशुद्ध, यज्ञ करने और न करनेवाले, सभों की दशा एक ही सी होती है। जैसी भले मनुष्य की दशा, वैसी ही पापी की दशा; जैसी शपथ खानेवाले की दशा, वैसी ही उसकी जो शपथ खाने से डरता है। जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में यह एक दोष है कि सब लोगों की एक सी दशा होती है; और मनुष्यों के मनों में बुराई भरी हुई है, और जब तक वे जीवित रहते हैं उनके मन में बावलापन रहता है, और उसके बाद वे मरे हुओं में जा मिलते हैं।
- Ecclesiastes 9:16 सभोपदेशक 9:16तब मैं ने कहा, यद्यपि दरिद्र की बुद्धि तुच्छ समझी जाती है और उसका वचन कोई नहीं सुनता तौभी पराक्रम से बुद्धि उत्तम है।
- Proverbs 14:8 नीतिवचन 14:8चतुर की बुद्धि अपनी चाल का जानना है, परन्तु मूर्खों की मूढ़ता छल करना है।
- Ecclesiastes 8:1 सभोपदेशक 8:1बुद्धिमान के तुल्य कौन है? और किसी बात का अर्थ कौन लगा सकता है? मनुष्य की बुद्धि के कारण उसका मुख चमकता, और उसके मुचा की कठोरता दूर हो जाती है।
- Ecclesiastes 10:2–3 सभोपदेशक 10:2–3बुद्धिमान का मन उचित बात की ओर रहता है परन्तु मूर्ख का मन उसके विपरीत रहता है। वरन जब मूर्ख मार्ग पर चलता है, तब उसकी समझ काम नहीं देती, अैर वह सब से कहता है, मैं मूर्ख हूं।।
- Ecclesiastes 6:6 सभोपदेशक 6:6हां चाहे वह दो हजार वर्ष जीवित रहे, और कुछ सुख भोगने न पाए, तो उसे क्या? क्या सब के सब एक ही स्थान में नहीं जाते?
- Psalm 19:10 भजन संहिता 19:10वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकनेवाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं।