Psalms · chapter 49 · verse 10
Psalm 49:10 in Hindi
क्योंकि देखने में आता है, कि बुद्धिमान भी मरते हैं, और मूर्ख और पशु सरीखे मनुष्य भी दोनों नाश होते हैं, और अपनी सम्पत्ति औरों के लिये छोड़ जाते हैं।
Kyonki dekhane mem aataa hai, ki buddhimaan bhee marate haim, aur moorkh aur pashu sareekhe manushy bhee donom naash hote haim, aur apanee sampatti aurom ke liye chhod jaate hain.
Psalm 49:10 in English
- King James Version (KJV)
- For he seeth [that] wise men die, likewise the fool and the brutish person perish, and leave their wealth to others.
- World English Bible (WEB)
- For he sees that wise men die; likewise the fool and the senseless perish, and leave their wealth to others.
- American Standard Version (ASV)
- For he shall see it. Wise men die; The fool and the brutish alike perish, And leave their wealth to others.
- Bible in Basic English (BBE)
- For he sees that wise men come to their end, and foolish persons of low behaviour come to destruction together, letting their wealth go to others.
- Darby Translation (DBY)
- For he seeth that wise men die; all alike, the fool and the brutish perish, and they leave their wealth to others.
- Webster's Bible (WBS)
- For he seeth [that] wise men die, likewise the fool and the brutish person perish, and leave their wealth to others.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For he seeth wise men die, Together the foolish and brutish perish, And have left to others their wealth.
Read in context
- 8(क्योंकि उनके प्राण की छुड़ौती भारी है वह अन्त तक कभी न चुका सकेंगे)।
- 9कोई ऐसा नहीं जो सदैव जीवित रहे, और कब्र को न देखे।।
- 10क्योंकि देखने में आता है, कि बुद्धिमान भी मरते हैं, और मूर्ख और पशु सरीखे मनुष्य भी दोनों नाश होते हैं, और अपनी सम्पत्ति औरों के लिये छोड़ जाते हैं।
- 11वे मन ही मन यह सोचते हैं, कि उनका घर सदा स्थिर रहेगा, और उनके निवास पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे; इसलिये वे अपनी अपनी भूमि का नाम अपने अपने नाम पर रखते हैं।
- 12परन्तु मनुष्य प्रतिष्ठा पाकर भी स्थिर नहीं रहता, वह पशुओं के समान होता है, जो मर मिटते हैं।।
Cross references
- Luke 12:20 लूका 12:20परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?
- Psalm 39:6 भजन संहिता 39:6सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
- Ecclesiastes 5:13–16 सभोपदेशक 5:13–16मैं ने धरती पर एक बड़ी बुरी बला देखी है; अर्थात् वह धन जिसे उसके मालिक ने अपनी ही हानि के लिये रखा हो, और वह किसी बुरे काम में उड़ जाता है; और उसके घर में बेटा उत्पन्न होता है परन्तु उसके हाथ मे कुछ नही रहता। जैसा वह मां के पेट से निकला वैसा ही लौट जाएगा; नंगा ही, जैसा आया था, और अपने परिश्रम के बदले कुछ भी न पाएगा जिसे वह अपने हाथ में ले जा सके। यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है?
- Hebrews 9:27 इब्रानियों 9:27और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है।
- 1 Timothy 6:6–10 1 तीमुथियुस 6:6–10पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्हीं पर सन्तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
- Proverbs 30:2 नीतिवचन 30:2निश्चय मैं पशु सरीखा हूं, वरन मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है।
- Jeremiah 10:8 यिर्मयाह 10:8परन्तु वे पशु सरीखे निरे मूर्ख हैं; मूर्त्तियों से क्या शिक्षा? वे तो काठ ही हैं!
- Psalm 94:8 भजन संहिता 94:8तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे?
- Psalm 49:17 भजन संहिता 49:17क्योंकि वह मर कर कुछ भी साथ न ले जाएगा; न उसका विभव उसके साथ कब्र में जाएगा।
- Proverbs 11:4 नीतिवचन 11:4कोप के दिन धन से तो कुछ लाभ नहीं होता, परन्तु धर्म मृत्यु से भी बचाता है।
- Psalm 73:22 भजन संहिता 73:22मैं तो पशु सरीखा था, और समझता न था, मैं तेरे संग रहकर भी, पशु बन गया था।
- Ecclesiastes 2:26 सभोपदेशक 2:26जो मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वह बुद्धि और ज्ञान और आनन्द देता है; परन्तु पापी को वह दु:खभरा काम ही देता है कि वह उसका देने के लिये संचय करके ढेर लगाए जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा हो। यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।।