Ecclesiastes · chapter 5 · verse 4
Ecclesiastes 5:4 in Hindi
जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना।
Jab too parameshvar ke liye mannat maane, tab usake pooraa karane mem vilamb na karanaa; kyaanki vah moorkhom se prasann naheem hotaa. Jo mannat too ne maanee ho use pooree karanaa.
Ecclesiastes 5:4 in English
- King James Version (KJV)
- When thou vowest a vow unto God, defer not to pay it; for [he hath] no pleasure in fools: pay that which thou hast vowed.
- World English Bible (WEB)
- When you vow a vow to God, don’t defer to pay it; for he has no pleasure in fools. Pay that which you vow.
- American Standard Version (ASV)
- When thou vowest a vow unto God, defer not to pay it; for he hath no pleasure in fools: pay that which thou vowest.
- Bible in Basic English (BBE)
- When you take an oath before God, put it quickly into effect, because he has no pleasure in the foolish; keep the oath you have taken.
- Darby Translation (DBY)
- When thou vowest a vow unto God, defer not to pay it; for he hath no pleasure in fools: pay that which thou hast vowed.
- Webster's Bible (WBS)
- When thou vowest a vow to God, defer not to pay it; for [he hath] no pleasure in fools: pay that which thou hast vowed.
- Young's Literal Translation (YLT)
- When thou vowest a vow to God, delay not to complete it, for there is no pleasure in fools; that which thou vowest — complete.
Read in context
- 2बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों।।
- 3क्योंकि जैसे कार्य की अधिकता के कारण स्वप्न देखा जाता है, वेैसे ही बहुत सी बातों का बोलनेवाला मूर्ख ठहरता है।
- 4जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना।
- 5मन्नत मानकर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है।
- 6कोई वचन कहकर अपने को पाप में ने फंसाना, और न ईश्वर के दूत के साम्हने कहना कि यह भूल से हुआ; परमेश्वर क्यों तेरा बोल सुनकर अप्रसन्न हो, और तेरे हाथ के कार्यों को नष्ट करे?
Cross references
- Numbers 30:2 गिनती 30:2कि जब कोई पुरूष यहोवा की मन्नत माने, वा अपने आप को वाचा से बान्धने के लिये शपथ खाए, तो वह अपना वचन न टाले; जो कुछ उसके मुंह से निकला हो उसके अनुसार वह करे।
- Psalm 76:11 भजन संहिता 76:11अपने परमेश्वर यहोवा की मन्नत मानो, और पूरी भी करो; वह जो भय के योग्य है, उसके आस पास के सब उसके लिये भेंट ले आएं।
- Matthew 5:33 मत्ती 5:33फिर तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि झूठी शपथ न खाना, परन्तु प्रभु के लिये अपनी शपथ को पूरी करना।
- Deuteronomy 23:21–23 व्यवस्थाविवरण 23:21–23जब तू अपने परमेश्वर यहोवा के लिये मन्नत माने, तो उसके पूरी करने में विलम्ब न करना; क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा उसे निश्चय तुझ से ले लेगा, और विलम्ब करने से तू पापी ठहरेगा। परन्तु यदि तू मन्नत न माने, तो तेरा कोई पाप नहीं। जो कुछ तेरे मुंह से निकले उसके पूरा करने में चौकसी करना; तू अपने मुंह से वचन देकर अपनी इच्छा से अपने परमेश्वर यहोवा की जैसी मन्नत माने, वैसा ही स्वतंत्राता पूर्वक उसे पूरा करना।
- Psalm 66:13–14 भजन संहिता 66:13–14मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आंऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा, जो मैं ने मुंह खोलकर मानीं, और संकट के समय कही थीं।
- Psalm 50:14 भजन संहिता 50:14परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर;
- Psalm 119:106 भजन संहिता 119:106मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्मपय नियमों के अनुसार चलूंगा।
- Psalm 147:10–11 भजन संहिता 147:10–11न तो वह घोड़े के बल को चाहता है, और न पुरूष के पैरों से प्रसन्न होता है; यहोवा अपने डरवैयों ही से प्रसन्न होता है, अर्थात् उन से जो उसकी करूणा की आशा लगाए रहते हैं।।
- Malachi 1:10 मलाकी 1:10भला होता कि तुम में से कोई मन्दिर के किवाड़ों को बन्द करता कि तुम मेरी वेदी पर व्यर्थ आग जलाने न पाते! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है, मैं तुम से कदापि प्रसन्न नहीं हूं, और न तुम्हारे हाथ से भेंट ग्रहण करूंगा।
- Psalm 116:14 भजन संहिता 116:14मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें सभों की दृष्टि में प्रगट रूप में उसकी सारी प्रजा के साम्हने पूरी करूंगा।
- Hebrews 10:6 इब्रानियों 10:6होम- बलियों और पाप- बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ।
- Genesis 28:20 उत्पत्ति 28:20और याकूब ने यह मन्नत मानी, कि यदि परमेश्वर मेरे संग रहकर इस यात्रा में मेरी रक्षा करे, और मुझे खाने के लिये रोटी, और पहिनने के लिये कपड़ा दे,