Numbers · chapter 30 · verse 2
Numbers 30:2 in Hindi
कि जब कोई पुरूष यहोवा की मन्नत माने, वा अपने आप को वाचा से बान्धने के लिये शपथ खाए, तो वह अपना वचन न टाले; जो कुछ उसके मुंह से निकला हो उसके अनुसार वह करे।
Ki jab koee puroosh yahovaa kee mannat maane, vaa apane aap ko vaachaa se baandhane ke liye shapath khaae, to vah apanaa vachan na taale; jo kuchh usake munh se nikalaa ho usake anusaar vah kare.
Numbers 30:2 in English
- King James Version (KJV)
- If a man vow a vow unto the LORD, or swear an oath to bind his soul with a bond; he shall not break his word, he shall do according to all that proceedeth out of his mouth.
- World English Bible (WEB)
- When a man vows a vow to the LORD, or swears an oath to bind his soul with a bond, he shall not break his word. He shall do according to all that proceeds out of his mouth.
- American Standard Version (ASV)
- When a man voweth a vow unto Jehovah, or sweareth an oath to bind his soul with a bond, he shall not break his word; he shall do according to all that proceedeth out of his mouth.
- Bible in Basic English (BBE)
- When a man takes an oath to the Lord, or gives an undertaking having the force of an oath, let him not go back from his word, but let him do whatever he has said he will do.
- Darby Translation (DBY)
- If a man vow a vow to Jehovah, or swear an oath to bind his soul with a bond, he shall not break his word; according to all that hath gone out of his mouth shall he do.
- Webster's Bible (WBS)
- If a man shall vow a vow to the LORD, or swear an oath to bind his soul with a bond; he shall not break his word; he shall do according to all that proceedeth out of his mouth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'When a man voweth a vow to Jehovah, or hath sworn an oath to bind a bond on his soul, he doth not pollute his word; according to all that is going out from his mouth he doth.
Read in context
- 1फिर मूसा ने इस्त्राएली गोत्रों के मुख्य मुख्य पुरूषों से कहा, यहोवा ने यह आज्ञा दी है,
- 2कि जब कोई पुरूष यहोवा की मन्नत माने, वा अपने आप को वाचा से बान्धने के लिये शपथ खाए, तो वह अपना वचन न टाले; जो कुछ उसके मुंह से निकला हो उसके अनुसार वह करे।
- 3और जब कोई स्त्री अपनी कुंवारी अवस्था में, अपने पिता के घर से रहते हुए, यहोवा की मन्नत माने, वा अपने को वाचा से बान्धे,
- 4तो यदि उसका पिता उसकी मन्नत वा उसका वह वचन सुनकर, जिस से उसने अपने आप को बान्धा हो, उस से कुछ न कहे; तब तो उसकी सब मन्नतें स्थिर बनी रहें, और कोई बन्धन क्यों न हो, जिस से उस ने अपने आप को बान्धा हो, वह भी स्थिर रहे।
Cross references
- Psalm 50:14 भजन संहिता 50:14परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर;
- Psalm 116:14 भजन संहिता 116:14मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें सभों की दृष्टि में प्रगट रूप में उसकी सारी प्रजा के साम्हने पूरी करूंगा।
- Ecclesiastes 5:4–5 सभोपदेशक 5:4–5जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना। मन्नत मानकर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है।
- Job 22:27 अय्यूब 22:27और तू उस से प्रार्थना करेगा, और वह तेरी सुनेगा; और तू अपनी मन्नतों को पूरी करेगा।
- Acts 23:12 प्रेरितों के काम 23:12जब दिन हुआ, तो यहूदियों ने एका किया, और शपथ खाई कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खांए या पीएं तो हम पर धिक्कार।
- Psalm 66:13–14 भजन संहिता 66:13–14मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आंऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा, जो मैं ने मुंह खोलकर मानीं, और संकट के समय कही थीं।
- Psalm 22:25 भजन संहिता 22:25बड़ी सभा में मेरा स्तुति करना तेरी ही ओर से होता है; मैं अपने प्रण को उस से भय रखनेवालों के साम्हने पूरा करूंगा
- Proverbs 20:25 नीतिवचन 20:25जो मनुष्य बिना विचारे किसी वस्तु को पवित्रा ठहराए, और जो मन्नत मानकर पूछपाछ करने लगे, वह फन्दे में फंसेगा।
- Matthew 5:33–34 मत्ती 5:33–34फिर तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि झूठी शपथ न खाना, परन्तु प्रभु के लिये अपनी शपथ को पूरी करना। परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि कभी शपथ न खाना; न तो स्वर्ग की, क्योंकि वह परमेश्वर का सिंहासन है।
- Numbers 30:3–4 गिनती 30:3–4और जब कोई स्त्री अपनी कुंवारी अवस्था में, अपने पिता के घर से रहते हुए, यहोवा की मन्नत माने, वा अपने को वाचा से बान्धे, तो यदि उसका पिता उसकी मन्नत वा उसका वह वचन सुनकर, जिस से उसने अपने आप को बान्धा हो, उस से कुछ न कहे; तब तो उसकी सब मन्नतें स्थिर बनी रहें, और कोई बन्धन क्यों न हो, जिस से उस ने अपने आप को बान्धा हो, वह भी स्थिर रहे।
- Psalm 116:18 भजन संहिता 116:18मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें, प्रगट में उसकी सारी प्रजा के साम्हने
- Acts 23:21 प्रेरितों के काम 23:21परन्तु उन की मत मानना, क्योंकि उन में से चालीस के ऊपर मनुष्य उस की घात में हैं, जिन्हों ने यह ठान लिया है, कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खाएं, पीएं, तो हम पर धिक्कार; और अभी वे तैयार हैं और तेरे वचन की आस देख रहे हैं।
Original words (Hebrew)
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- vow · H5087נָדַר nâdar
- vow · H5088נֶדֶר neder
- swear · H7650שָׁבַע shâbaʻ
- oath · H7621שְׁבוּעָה shᵉbûwʻâh
- bind · H631אָסַר ʼâçar
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- bond · H632אֱסָר ʼĕçâr
- break · H2490חָלַל châlal
- word · H1697דָּבָר dâbâr
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- proceedeth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- mouth · H6310פֶּה peh