Ecclesiastes · chapter 6 · verse 5
Ecclesiastes 6:5 in Hindi
और न सूर्य को देखा, न किसी चीज को जानने पाया; तौीाी इसको उस मनुष्य से अधिक चैन मिला।
Aur na soory ko dekhaa, na kisee cheej ko jaanane paayaa; tauీాీ isako us manushy se adhik chain milaa.
Ecclesiastes 6:5 in English
- King James Version (KJV)
- Moreover he hath not seen the sun, nor known [any thing:] this hath more rest than the other.
- World English Bible (WEB)
- Moreover it has not seen the sun nor known it. This has rest rather than the other.
- American Standard Version (ASV)
- moreover it hath not seen the sun nor known it; this hath rest rather than the other:
- Bible in Basic English (BBE)
- Yes, it saw not the sun, and it had no knowledge; it is better with this than with the other.
- Darby Translation (DBY)
- moreover it hath not seen nor known the sun: this hath rest rather than the other.
- Webster's Bible (WBS)
- Moreover he hath not seen the sun, nor known [any thing] : this hath more rest than the other.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Even the sun he hath not seen nor known, more rest hath this than that.
Read in context
- 3यदि किसी पुरूष के सौ पुत्रा हों, और वह बहुत वर्ष जीवित रहे और उसकी आयु बढ़ जाए, परन्तु न उसको प्राण प्रसन्न रहे और न उसकी अन्तिम क्रिया की जाए, तो मैं कहता हूं कि ऐसे मनुष्य से अधूरे समय का जन्मा हुआ बच्चा उत्तम है।
- 4क्योंकि वह व्यर्थ ही आया और अन्धेरे में चला गया, ओर उसका नाम भी अन्धेरे में छिप गया;
- 5और न सूर्य को देखा, न किसी चीज को जानने पाया; तौीाी इसको उस मनुष्य से अधिक चैन मिला।
- 6हां चाहे वह दो हजार वर्ष जीवित रहे, और कुछ सुख भोगने न पाए, तो उसे क्या? क्या सब के सब एक ही स्थान में नहीं जाते?
- 7मनुष्य का सारा परिश्रम उसके पेट के लिये होता है तौभी उसका मन नहीं भरता।
Cross references
- Job 14:1 अय्यूब 14:1मनुष्य जो स्त्री से उत्मन्न होता है, वह थेड़े दिनों का और दुख से भरा रहता है।
- Psalm 58:8 भजन संहिता 58:8वे घोंघे के समान हो जाएं जो घुलकर नाश हो जाता है, और स्त्री के गिरे हुए गर्भ के समान हो जिस ने सूरज को देखा ही नहीं।
- Job 3:10–13 अय्यूब 3:10–13क्योंकि उस ने मेरी माता की कोख को बन्द न किया और कष्ट को मेरी दृष्टि से न छिपाया। मैं गर्भ ही में क्यों न मर गया? मैं पेट से निकलते ही मेरा प्राण क्यों न छूटा? मैं घुटनों पर क्यों लिया गया? मैं छातियों को क्यों पीने पाया? ऐसा न होता तो मैं चुपचाप पड़ा रहता, मैं सोता रहता और विश्राम करता,
- Psalm 90:7–9 भजन संहिता 90:7–9क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं। तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।। क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाई बिताते हैं।