Ecclesiastes · chapter 9 · verse 6
Ecclesiastes 9:6 in Hindi
उनका प्रेम और उनका बैर और उनकी डाह नाश हो चुकी, और अब जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में सदा के लिये उनका और कोई भाग न होगा।।
Unakaa prem aur unakaa bair aur unakee daah naash ho chukee, aur ab jo kuchh soory ke neeche kiyaa jaataa hai us mem sadaa ke liye unakaa aur koee bhaag na hogaa..
Ecclesiastes 9:6 in English
- King James Version (KJV)
- Also their love, and their hatred, and their envy, is now perished; neither have they any more a portion for ever in any [thing] that is done under the sun.
- World English Bible (WEB)
- Also their love, their hatred, and their envy has perished long ago; neither do they any longer have a portion forever in anything that is done under the sun.
- American Standard Version (ASV)
- As well their love, as their hatred and their envy, is perished long ago; neither have they any more a portion for ever in anything that is done under the sun.
- Bible in Basic English (BBE)
- Their love and their hate and their envy are now ended; and they have no longer a part for ever in anything which is done under the sun.
- Darby Translation (DBY)
- Their love also, and their hatred, and their envy is already perished; neither have they any more for ever a portion in all that is done under the sun.
- Webster's Bible (WBS)
- Also their love, and their hatred, and their envy, hath now perished; neither have they any more a portion for ever in any [thing] that is done under the sun.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Their love also, their hatred also, their envy also, hath already perished, and they have no more a portion to the age in all that hath been done under the sun.
Read in context
- 4उसको परन्तु जो सब जीवतों में है, उसे आशा है, क्योंकि जीवता कुत्ता मरे हुए सिंह से बढ़कर है।
- 5क्योंकि जीवते तो इतना जानते हैं कि वे मरेंगे, परन्तु मरे हुए कुछ भी नहीं जानते, और न उनको कुछ और बदला मिल सकता है, क्योंकि उनका स्मरण मिट गया है।
- 6उनका प्रेम और उनका बैर और उनकी डाह नाश हो चुकी, और अब जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में सदा के लिये उनका और कोई भाग न होगा।।
- 7अपने मार्ग पर चला जा, अपनी रोटी आनन्द से खाया कर, और मन में सुख मानकर अपना दाखमधु पिया कर; क्योंकि परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।।
- 8तेरे वस्त्रा सदा उजले रहें, और तेरे सिर पर तेल की घटी न हो।।
Cross references
- Psalm 146:3–4 भजन संहिता 146:3–4तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं। उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।।
- Job 3:17–18 अय्यूब 3:17–18उस दशा में दुष्ट लोग फिर दु:ख नहीं देते, और थके मांदे विश्राम पाते हैं। उस में बन्धुए एक संग सुख से रहते हैं; और परिश्रम करानेवाले का शब्द नहीं सुनते।
- Ecclesiastes 6:12 सभोपदेशक 6:12क्योंकि मनुष्य के क्षणिक व्यर्थ जीवन में जो वह परछाई की नाई बिताता है कौन जानता है कि उसके लिये अच्छा क्या है? क्योंकि मनुष्य को कौन बता सकता है कि उसके बाद दुनिया में क्या होगा?
- Matthew 2:20 मत्ती 2:20कि उठ, बालक और उस की माता को लेकर इस्राएल के देश में चला जा; क्योंकि जो बालक के प्राण लेना चाहते थे, वे मर गए।
- Ecclesiastes 2:18–23 सभोपदेशक 2:18–23मैं ने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैं ने धरती पर किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊं जो मेरे बाद आएगा। यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है। तब मैं अपने मन में उस सारे परिश्रम के विषय जो मैं ने धरती पर किया था निराश हुआ, क्योंकि ऐसा मनुष्य भी है, जिसका कार्य परिश्रम और बुद्धि और ज्ञान से होता है और सफल भी होता है, तौभी उसको ऐसे मनुष्य के लिये छोड़ जाना पड़ता है, जिस ने उस में कुछ भी परिश्रम न किया हो। यह भी व्यर्थ और बहुत ही बुरा है। मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है? उसके सब दिन तो दु:खों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है।
- Proverbs 10:28 नीतिवचन 10:28धर्मियों को आशा रखने में आनन्द मिलता है, परन्तु दुष्टों की आशा टूट जाती है।
- Exodus 1:8 निर्गमन 1:8मि में एक नया राजा गद्दी पर बैठा जो यूसुफ को नहीं जानता था।