Psalms · chapter 146 · verse 3
Psalm 146:3 in Hindi
तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं।
Tum pradhaanom par bharosaa na rakhanaa, na kisee aadamee par, kyonki us mem uddhaar karane kee bhee shakti naheen.
Psalm 146:3 in English
- King James Version (KJV)
- Put not your trust in princes, [nor] in the son of man, in whom [there is] no help.
- World English Bible (WEB)
- Don’t put your trust in princes, in a son of man in whom there is no help.
- American Standard Version (ASV)
- Put not your trust in princes, Nor in the son of man, in whom there is no help.
- Bible in Basic English (BBE)
- Put not your faith in rulers, or in the son of man, in whom there is no salvation.
- Darby Translation (DBY)
- Put not confidence in nobles, in a son of man, in whom there is no salvation.
- Webster's Bible (WBS)
- Put not your trust in princes, [nor] in the son of man, in whom [there is] no help.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Trust not in princes — in a son of man, For he hath no deliverance.
Read in context
- 1याह की स्तुति करो। हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर!
- 2मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।।
- 3तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं।
- 4उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।।
- 5क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है।
Cross references
- Psalm 118:8–9 भजन संहिता 118:8–9यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है। यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।।
- Jeremiah 17:5–6 यिर्मयाह 17:5–6यहोवा यों कहता है, स्रापित है वह पुरूष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है। वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
- Isaiah 2:22 यशायाह 2:22सो तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
- Psalm 108:12 भजन संहिता 108:12द्रोहियों के विरूद्ध हमारी सहायता कर, क्योंकि मनुष्य का किया हुआ छुटकारा व्यर्थ है!
- Isaiah 31:3 यशायाह 31:3मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे।
- Psalm 62:9 भजन संहिता 62:9सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
- Isaiah 37:6 यशायाह 37:6तब यशायाह ने उन से कहा, अपने स्वामी से कहो, यहोवा यों कहता है कि जो वचन तू ने सुने हैं जिनके द्वारा अश्शूर के राजा के जनों में मेरी निन्दा की है, उनके कारण मत डर।
- Psalm 60:11 भजन संहिता 60:11द्रोही के विरूद्ध हमारी सहायता कर, क्योंकि मनुष्य का किया हुआ छुटकारा व्यर्थ होता है।